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एयरपोर्ट पर गैलरी बताएगी जरी, बांस, अहिच्छत्र जैसी बरेली की खासियतें
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यात्री सुविधाओं की जानकारी देते एयरपोर्ट निदेशक राजीव कुलश्रेष्ठ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
बाहर से आने वाले यात्रियों को बरेली की सारी बड़ी जानकारियां उपलब्ध कराएगी गैलरी
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पर्यटन, संस्कृति और उद्योग विभाग से मांगा सहयोग, सांप्रदायिक सौहार्द भी दिखेगा
बरेली। सिविल एन्क्लेव पर एक और टर्मिनल तैयार हो गया है। केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण यहां से उड़ाने शुरू करने की कवायद कर रहा है। इस बीच बरेली एयरपोर्ट प्रबंधन परिसर में साज-सज्जा, आधुनिक व बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध करने में जुट गया है। इसके तहत एयरपोर्ट पर आने और जाने वाले यात्रियों को स्थानीय परंपरागत उत्पाद, संस्कृति, इतिहास और जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए गैलरी भी बनाई जा रही है। प्राधिकरण ने पर्यटन, संस्कृति और उद्योग आदि विभागाें से सहयोग मांगा है।
बरेली एयरपोर्ट का नामकरण नहीं हुआ है लेकिन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) यात्री और अन्य तकनीक सुविधाओं को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) में तैयार हुए बरेली एयरपोर्ट अन्य स्थानों से अलग ही दिखेगा। प्राधिकरण अफसर इसे कुछ नए अंदाज में तैयार करा रहे हैं। हालांकि परिसर में पुराने भवन के बाद अब नया टर्मिनल भवन भी तैयार हो गया है। आरसीएस योजना में बने एयरपोर्ट से अलग बरेली में ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके तहत भवन में उड़ान के लिए प्रतीक्षा करने वाले यात्रियों को खाली समय में बरेली इतिहास, कारोबार, संस्कृति आदि से जुड़ी विभिन्न जानकारियां बटोरने का मौका मिलेगा। बाहर से आने वाले लोगों को एक ही नजर में स्थानीय जानकारियां मिलेंगी।
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बांस, जरी, सुरमा, बेंत, मांझा हस्तशिल्प बनेगा बनेगा साक्षी
एक जिला एक उत्पाद योजना में स्थानीय हस्तशिल्प बांस, बेंत, सोना-चांदी कारीगरी, बांसुरी, पतंग, मांझा और जरी आदि शिल्प यात्रियों का लुभाने में सहायक होंगे। इसके लिए प्रबंधन ने पर्यटन, संस्कृति और उद्योग विभाग से सहयोग मांगा है। प्रबंधन संयुक्त आयुक्त उद्योग से विभिन्न उत्पादों के नमूने और क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी से संस्कृति, इतिहास से जुड़े फोटोग्राफ आदि उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। बरेली मंडल में कई प्रसिद्ध और परंपरागत हस्त शिल्प हैं, उनकी जानकारी भी गैलरी में मिलेगी।
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प्राचीन इतिहास की मिलेगी झलक
बरेली महाभारत कालीन इतिहास से जुड़ा रहा है और जैन धर्म का भी खास महत्व है। आंवला स्थित रामनगर में दोनों कालों का इतिहास आज भी गवाह है। भारत और अन्य देशों से जैन समुदाय के लोग यहां तीर्थ करने आते हैं। बरेली मंडल में अन्य इतिहास से जुड़ी जानकारी और हिंन्दु- धर्म एकता का उदाहरण चुन्ना मियां लक्ष्मी नारायण मंदिर की जानकारी एयरपोर्ट में प्रस्तावित गैलरी में मिलेगी। राधेश्याम कथावाचक, सूफी मत से जुड़ा खानखाह नियाजिया और बरेली मुस्लिमों को प्रमुख केंद्र दरगाह आदि का भी उल्लेख मिलेगा। प्राधिकरण अधिकारी कुछ नया और जानकारी परख गैलरी तैयार करना चाहते हैं। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों के जानकारों से संपर्क किया जा रहा है।
सेल्फी प्वाइंट
यात्रा को यादगार बनाने के लिए एयरपोर्ट पर सेल्फी प्वाइंट भी बनाया जा रहा है। वीआईपी प्वाइंट भी तैयार हो रहा है। टैक्सी वे तक वीआईपी सीधे पहुंच सकेंगे। बरेली एयरपोर्ट का नामकरण नहीं हुआ है। केंद्र सरकार से नाम तय होते ही आईआईए भवन नामकरण करा देगा। बता दें, राज्य सरकार ने बरेली एयरपोर्ट नामकरण का प्रस्ताव केंद्र को सौंप दिया है।
प्रार्थना स्थल
परिसर में सभी धर्मों से जुड़े लोगों के लिए प्रार्थना स्थल भी चिह्नित किया जा रहा है। क्योंकि लोग यात्राओं में भी धार्मिक गतिविधियां जारी रखते हैं इसलिए सभी धर्मों के लिए प्रार्थना स्थल उपलब्ध होगा। साथ ही बच्चों को दूध पिलाने के लिए महिलाओं को सुविधा मिलेगी।
ऑटोमेटिक पहुंचेगा सामान
आरसीएस योजना में बने अन्य एयरपोर्ट पर यात्रियों का सामान चढ़ाने उतारने की ऑटोमेटिक सुविधाएं नहीं हैं लेकिन बरेली एयरपोर्ट पर यह सुविधा उपलब्ध होगी। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने ज्यादा सुविधाएं दिलाना का आग्रह आईआईए और उड्डयन मंत्रालय से किया था। इसके तहत उनके आग्रह पर बरेली एयरपोर्ट पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराईं जा रही हैं। इसके तहत यात्री अपना सामान लेकर टिकट चेकिंग काउंटर चेकिंग तक जाएगा। वहां से उसका सामान ऑटोमेटिक पद्धति से एयरक्रॉफ्ट से पहुंच जाएगा। ऐसा ही जहाज से उतरने के बाद सामान बाहर पहुंच जाएगा और टोकन नंबर के आधार पर संबंधित यात्री को सामान मिल जाएगा। इसके लिए भवन में ऑटोमेटिक मशीनें लग गई हैं। बताया जाता है कि ऐसी सुविधाएं सिर्फ बड़े हवाई अड्डों पर ही उपलब्ध है।
प्राधिकरण को एयरक्रॉफ्ट की प्रतीक्षा
बरेली एयरपोर्ट लगभग पूरी तरह तैयार है। परिसर में इन दिनों सिर्फ फिनिशिंग हो रही है। आईआईए प्रबंधन और अफसर उड़ान शुरू होने की उम्मीद में जुटे हैं। उनका कहना है कि हम पूरी तरह तैयार हैं। सिर्फ एयरक्रॉफ्ट पहुंचने की प्रतीक्षा हो रही है। उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय समय सारिणी, किराया, तिथि और परिचालन एयरक्रॉफ्ट कंपनी तय करने में व्यस्त है।
बरेली एयरपोर्ट तैयार है, सभी तकनीकी परीक्षण हो चुके हैं। एयरक्रॉफ्ट परिचालन कंपनी और कार्यक्रम तय करने में उड्डयन मंत्रालय कवायद कर रहा है। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार खुद दौड़भाग कर रहे हैं। यूपी कैबिनेट मंत्री और संबंधित विभाग भी रुचि ले रहा है। इसलिए जल्द उड़ान शुरू होंगी। - राजीव कुलश्रेष्ठ, निदेशक बरेली एयरपोर्ट
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पर्यटन, संस्कृति और उद्योग विभाग से मांगा सहयोग, सांप्रदायिक सौहार्द भी दिखेगा बरेली। सिविल एन्क्लेव पर एक और टर्मिनल तैयार हो गया है। केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण यहां से उड़ाने शुरू करने की कवायद कर रहा है। इस बीच बरेली एयरपोर्ट प्रबंधन परिसर में साज-सज्जा, आधुनिक व बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध करने में जुट गया है। इसके तहत एयरपोर्ट पर आने और जाने वाले यात्रियों को स्थानीय परंपरागत उत्पाद, संस्कृति, इतिहास और जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए गैलरी भी बनाई जा रही है। प्राधिकरण ने पर्यटन, संस्कृति और उद्योग आदि विभागाें से सहयोग मांगा है।
बरेली एयरपोर्ट का नामकरण नहीं हुआ है लेकिन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) यात्री और अन्य तकनीक सुविधाओं को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) में तैयार हुए बरेली एयरपोर्ट अन्य स्थानों से अलग ही दिखेगा। प्राधिकरण अफसर इसे कुछ नए अंदाज में तैयार करा रहे हैं। हालांकि परिसर में पुराने भवन के बाद अब नया टर्मिनल भवन भी तैयार हो गया है। आरसीएस योजना में बने एयरपोर्ट से अलग बरेली में ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके तहत भवन में उड़ान के लिए प्रतीक्षा करने वाले यात्रियों को खाली समय में बरेली इतिहास, कारोबार, संस्कृति आदि से जुड़ी विभिन्न जानकारियां बटोरने का मौका मिलेगा। बाहर से आने वाले लोगों को एक ही नजर में स्थानीय जानकारियां मिलेंगी।
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बांस, जरी, सुरमा, बेंत, मांझा हस्तशिल्प बनेगा बनेगा साक्षी
एक जिला एक उत्पाद योजना में स्थानीय हस्तशिल्प बांस, बेंत, सोना-चांदी कारीगरी, बांसुरी, पतंग, मांझा और जरी आदि शिल्प यात्रियों का लुभाने में सहायक होंगे। इसके लिए प्रबंधन ने पर्यटन, संस्कृति और उद्योग विभाग से सहयोग मांगा है। प्रबंधन संयुक्त आयुक्त उद्योग से विभिन्न उत्पादों के नमूने और क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी से संस्कृति, इतिहास से जुड़े फोटोग्राफ आदि उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। बरेली मंडल में कई प्रसिद्ध और परंपरागत हस्त शिल्प हैं, उनकी जानकारी भी गैलरी में मिलेगी।
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प्राचीन इतिहास की मिलेगी झलक
बरेली महाभारत कालीन इतिहास से जुड़ा रहा है और जैन धर्म का भी खास महत्व है। आंवला स्थित रामनगर में दोनों कालों का इतिहास आज भी गवाह है। भारत और अन्य देशों से जैन समुदाय के लोग यहां तीर्थ करने आते हैं। बरेली मंडल में अन्य इतिहास से जुड़ी जानकारी और हिंन्दु- धर्म एकता का उदाहरण चुन्ना मियां लक्ष्मी नारायण मंदिर की जानकारी एयरपोर्ट में प्रस्तावित गैलरी में मिलेगी। राधेश्याम कथावाचक, सूफी मत से जुड़ा खानखाह नियाजिया और बरेली मुस्लिमों को प्रमुख केंद्र दरगाह आदि का भी उल्लेख मिलेगा। प्राधिकरण अधिकारी कुछ नया और जानकारी परख गैलरी तैयार करना चाहते हैं। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों के जानकारों से संपर्क किया जा रहा है।सेल्फी प्वाइंट
यात्रा को यादगार बनाने के लिए एयरपोर्ट पर सेल्फी प्वाइंट भी बनाया जा रहा है। वीआईपी प्वाइंट भी तैयार हो रहा है। टैक्सी वे तक वीआईपी सीधे पहुंच सकेंगे। बरेली एयरपोर्ट का नामकरण नहीं हुआ है। केंद्र सरकार से नाम तय होते ही आईआईए भवन नामकरण करा देगा। बता दें, राज्य सरकार ने बरेली एयरपोर्ट नामकरण का प्रस्ताव केंद्र को सौंप दिया है।प्रार्थना स्थल
परिसर में सभी धर्मों से जुड़े लोगों के लिए प्रार्थना स्थल भी चिह्नित किया जा रहा है। क्योंकि लोग यात्राओं में भी धार्मिक गतिविधियां जारी रखते हैं इसलिए सभी धर्मों के लिए प्रार्थना स्थल उपलब्ध होगा। साथ ही बच्चों को दूध पिलाने के लिए महिलाओं को सुविधा मिलेगी।ऑटोमेटिक पहुंचेगा सामान
आरसीएस योजना में बने अन्य एयरपोर्ट पर यात्रियों का सामान चढ़ाने उतारने की ऑटोमेटिक सुविधाएं नहीं हैं लेकिन बरेली एयरपोर्ट पर यह सुविधा उपलब्ध होगी। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने ज्यादा सुविधाएं दिलाना का आग्रह आईआईए और उड्डयन मंत्रालय से किया था। इसके तहत उनके आग्रह पर बरेली एयरपोर्ट पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराईं जा रही हैं। इसके तहत यात्री अपना सामान लेकर टिकट चेकिंग काउंटर चेकिंग तक जाएगा। वहां से उसका सामान ऑटोमेटिक पद्धति से एयरक्रॉफ्ट से पहुंच जाएगा। ऐसा ही जहाज से उतरने के बाद सामान बाहर पहुंच जाएगा और टोकन नंबर के आधार पर संबंधित यात्री को सामान मिल जाएगा। इसके लिए भवन में ऑटोमेटिक मशीनें लग गई हैं। बताया जाता है कि ऐसी सुविधाएं सिर्फ बड़े हवाई अड्डों पर ही उपलब्ध है।प्राधिकरण को एयरक्रॉफ्ट की प्रतीक्षा
बरेली एयरपोर्ट लगभग पूरी तरह तैयार है। परिसर में इन दिनों सिर्फ फिनिशिंग हो रही है। आईआईए प्रबंधन और अफसर उड़ान शुरू होने की उम्मीद में जुटे हैं। उनका कहना है कि हम पूरी तरह तैयार हैं। सिर्फ एयरक्रॉफ्ट पहुंचने की प्रतीक्षा हो रही है। उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय समय सारिणी, किराया, तिथि और परिचालन एयरक्रॉफ्ट कंपनी तय करने में व्यस्त है।बरेली एयरपोर्ट तैयार है, सभी तकनीकी परीक्षण हो चुके हैं। एयरक्रॉफ्ट परिचालन कंपनी और कार्यक्रम तय करने में उड्डयन मंत्रालय कवायद कर रहा है। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार खुद दौड़भाग कर रहे हैं। यूपी कैबिनेट मंत्री और संबंधित विभाग भी रुचि ले रहा है। इसलिए जल्द उड़ान शुरू होंगी। - राजीव कुलश्रेष्ठ, निदेशक बरेली एयरपोर्ट