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Bareilly News: रुविवि की लापरवाही से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में

Fri, 09 Oct 2026 02:34 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 02:34 AM IST
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Future of thousands of students in jeopardy due to Ruvivi's negligence.
दो महीने पहले घोषित किए थे परिणाम, पर अब तक नहीं मिले अंकपत्र, कॉलेज और विवि के चक्कर काट रहे छात्र-छात्राएं
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की लापरवाही से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में है। विश्वविद्यालय ने दो महीने से अधिक समय पहले परीक्षा परिणाम घोषित किए थे, लेकिन विद्यार्थियों को आज तक मूल अंकपत्र नहीं मिले हैं। विद्यार्थी अपने अंकपत्र हासिल करने के लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं।
नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। फिर भी विश्वविद्यालय के सुस्त रवैये के कारण अंकपत्र छपकर नहीं आ पाए हैं। सत्र 2024-25 में जारी परिणाम के दौरान बैक परीक्षा वाले विद्यार्थियों के अंकपत्र भी एक साल बाद भी नहीं छपे हैं। इस लापरवाही से अकेले बरेली कॉलेज में करीब 3700 विद्यार्थी प्रभावित हैं। विश्वविद्यालय से संबद्ध अन्य कॉलेजों के हजारों छात्रों का भी यही हाल है। जुलाई में परिणाम घोषित होने के बाद से छात्र ऑनलाइन परिणाम की प्रतियों के सहारे काम चला रहे हैं। मूल अंकपत्र न होने से विद्यार्थियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वे पीजीटी, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। कई संस्थानों में ऑनलाइन मार्कशीट को सत्यापित करवाने के बाद भी वैध नहीं माना जा रहा है।
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प्रवेश और आवेदन में आ रही बाधा

मूल अंकपत्र की अनुपलब्धता के कारण छात्रों को उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने में परेशानी हो रही है। वे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। ऑनलाइन अंकपत्र की प्रतियां, भले ही विश्वविद्यालय से सत्यापित हों, कई जगह स्वीकार नहीं की जा रही हैं। जब छात्र अधिकारियों से संपर्क करते हैं, तो उन्हें केवल आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। समय पर अंकपत्र न मिलने से विद्यार्थियों में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ गुस्सा है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की लचर कार्यप्रणाली उनका शैक्षणिक वर्ष बर्बाद कर रही है। इस रवैये का खामियाजा सीधे तौर पर युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है। यदि जल्द अंकपत्र नहीं भेजे गए, तो वे बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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अंकपत्र छापने के लिए एजेंसी का चयन हुआ है। कुछ अंकपत्र छपकर आ गए थे, वह विद्यार्थियों को दे गई है। छात्र-छात्राएं परेशान न हो जल्द से जल्द उनकी समस्या को दूर कराने के लिए एजेंसी से बात चल रही है। - प्रो. अमित सिंह, मीडिया प्रभारी
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