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भाजपा के बागियों ने बनाया मोर्चा
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Sat, 21 Jan 2017 01:16 AM IST
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Front made BJP rebels
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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भाजपा में टिकटों में फेरबदल मुश्किल होता है लेकिन पार्टी के असंतुष्ट दावेदारों ने अभी हार नहीं मानी है। नवाबगंज, भोजीपुरा, मीरगंज, बिथरी और फरीदपुर के भाजपा के बागी शुक्रवार को पूर्व मेयर सुभाष पटेल के घर इकट्ठा हुए। इसमें टिकट वितरण में धांधली का जोरदार विरोध किया गया। सब असंतुष्टों ने एक स्वर में कहा कि तीन बार हारने वाले और दूसरे दलों से आए लोगों तक को टिकट बांटे गए हैं। जनता में इनका प्रबल विरोध है। ऐसे थोपे गए प्रत्याशियों को सहन नहीं किया जाएगा। कमजोर प्रत्याशियों को टिकट देने का पुरजोर विरोध करने के लिए पूर्व मेयर सुभाष पटेल की अध्यक्षता में संघर्ष समिति का गठन किया गया। अब ये समिति मिलकर गलत टिकट वितरण का विरोध करेगी। भाजपा हाईकमान को भी गलत प्रत्याशी चयन के बारे में जानकारी दी जाएगी।
पूर्व मेयर सुभाष पटेल बेटे प्रशांत पटेल को भोजीपुरा से टिकट न मिलने से नाराज हैं। शुक्रवार को उनके घर पर भाजपा का टिकट न मिलने से नाराज असंतुष्टों की मीटिंग हुई। पूर्व मेयर की अध्यक्षता में बनी संघर्ष समिति में पूर्व विधायक सुमनलता सिंह, अजय राजपूत, ज्वाला प्रसाद गंगवार और नत्थूलाल आजाद को भी शामिल किया गया। इन सबने कहा कि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने अपने निजी स्वार्थ की वजह से विधानसभा में कमजोर प्रत्याशियों को टिकट दिलवा दिए। मजबूत और जनाधार वाले टिकट दावेदारों की अवहेलना की गई। अब वह सब मिलकर अपने मान सम्मान का बदला लेंगे। बैठक में तेजेश्वरी सिंह, महाराज सिंह, रामेश्वर प्रसाद, चंद्रपाल आर्य, धीरेंद्र वीर सिंह, राघवेंद्र शर्मा, योगेश पटेल, पीपी सिंह, प्रशांत पटेल, रोशनलाल गंगवार, अनिल सिंह, तुलाराम गंगवार, बबलू गंगवार, प्रमोद पटेल, नितिन जौहरी, बलराम यादव, आदेश पटेल, पंकज मिश्रा, शेखर कश्यप आदि शामिल थे।
भाजपा के कार्यकर्ताओं में हाथापाई
बिथरी में टिकट कटने से नाराज चल रहे डा. राघवेंद्र शर्मा को मनाने गए पप्पू भरतौल के समर्थकों में कहासुनी के बाद हाथापाई की नौबत आ गई। सांसद धर्मेंद्र कश्यप भी साथ थे। सांसद ने बताया कि दो युवा कार्यकर्ताओं में थोड़ी बहुत कहासुनी हो गई थी लेकिन डा. राघवेंद्र शर्मा नाराज नहीं थे। सब लोग उनके घर से चाय पीकर आए। कहीं कोई नाराजगी नहीं है। पप्पू भरतौल ने भी हाथापाई की घटना से इनकार किया है।
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आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप के साथ देर शाम पप्पू भरतौल समर्थक युवा भाजपा कार्यकर्ता हर्षवर्धन आर्य, हरविंदर यादव समेत तमाम लोग बिथरी से दावेदार डा. राघवेंद्र शर्मा के घर गए। राघवेंद्र शर्मा अंदर चाय नाश्ता लेने गए। बाहर उनके समर्थकों में टिकट कटने की चर्चा होने लगी। राघवेंद्र समर्थक शैल उपाध्याय से हर्षवर्धन ने कह दिया कि तुम बड़े नेता हो गए हो। इसी पर दोनों में कहासुनी होने लगी। दोनों अपनी सीट से उठकर खड़े हो गए। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। सांसद और डा. राघवेंद्र शर्मा ने भी दोनों को समझा बुझाकर शांत किया। बाद में सब चाय पीकर वापस लौटे।
मैंने तो जनता की सेवा के लिए टिकट मांगा था। ईश्वर की मर्जी नहीं थी तो नहीं मिला। थोड़ा बहुत कष्ट तो है लेकिन लड़ाई झगड़े की कोई बात नहीं। थोड़ी बहुत बात थी तो समझा दिया गया था। डा. राघवेंद्र शर्मा
डा. राघवेंद्र शर्मा बहुत सुलझे और अच्छे इंसान हैं। वह कभी झगड़ा कर ही नहीं सकते। युवा कार्यकर्ताओं में थोड़ी बहुत कहासुनी हुई थी। दोनों को समझाकर शांत कर दिया गया। धर्मेंद्र कश्यप, सांसद आंवला
डा. राघवेंद्र शर्मा और हमारे बीच पहले ही ये तय हो गया था कि दोनों में से जिसे टिकट मिलेगा, वह एक दूसरे को चुनाव लड़ाएगा। अब वह हमारे साथ हैं। कहासुनी और हाथापाई की बात हमारे विरोधी उड़ा रहे हैं। राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल
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पूर्व मेयर सुभाष पटेल बेटे प्रशांत पटेल को भोजीपुरा से टिकट न मिलने से नाराज हैं। शुक्रवार को उनके घर पर भाजपा का टिकट न मिलने से नाराज असंतुष्टों की मीटिंग हुई। पूर्व मेयर की अध्यक्षता में बनी संघर्ष समिति में पूर्व विधायक सुमनलता सिंह, अजय राजपूत, ज्वाला प्रसाद गंगवार और नत्थूलाल आजाद को भी शामिल किया गया। इन सबने कहा कि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने अपने निजी स्वार्थ की वजह से विधानसभा में कमजोर प्रत्याशियों को टिकट दिलवा दिए। मजबूत और जनाधार वाले टिकट दावेदारों की अवहेलना की गई। अब वह सब मिलकर अपने मान सम्मान का बदला लेंगे। बैठक में तेजेश्वरी सिंह, महाराज सिंह, रामेश्वर प्रसाद, चंद्रपाल आर्य, धीरेंद्र वीर सिंह, राघवेंद्र शर्मा, योगेश पटेल, पीपी सिंह, प्रशांत पटेल, रोशनलाल गंगवार, अनिल सिंह, तुलाराम गंगवार, बबलू गंगवार, प्रमोद पटेल, नितिन जौहरी, बलराम यादव, आदेश पटेल, पंकज मिश्रा, शेखर कश्यप आदि शामिल थे।
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भाजपा के कार्यकर्ताओं में हाथापाई
बिथरी में टिकट कटने से नाराज चल रहे डा. राघवेंद्र शर्मा को मनाने गए पप्पू भरतौल के समर्थकों में कहासुनी के बाद हाथापाई की नौबत आ गई। सांसद धर्मेंद्र कश्यप भी साथ थे। सांसद ने बताया कि दो युवा कार्यकर्ताओं में थोड़ी बहुत कहासुनी हो गई थी लेकिन डा. राघवेंद्र शर्मा नाराज नहीं थे। सब लोग उनके घर से चाय पीकर आए। कहीं कोई नाराजगी नहीं है। पप्पू भरतौल ने भी हाथापाई की घटना से इनकार किया है।
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आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप के साथ देर शाम पप्पू भरतौल समर्थक युवा भाजपा कार्यकर्ता हर्षवर्धन आर्य, हरविंदर यादव समेत तमाम लोग बिथरी से दावेदार डा. राघवेंद्र शर्मा के घर गए। राघवेंद्र शर्मा अंदर चाय नाश्ता लेने गए। बाहर उनके समर्थकों में टिकट कटने की चर्चा होने लगी। राघवेंद्र समर्थक शैल उपाध्याय से हर्षवर्धन ने कह दिया कि तुम बड़े नेता हो गए हो। इसी पर दोनों में कहासुनी होने लगी। दोनों अपनी सीट से उठकर खड़े हो गए। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। सांसद और डा. राघवेंद्र शर्मा ने भी दोनों को समझा बुझाकर शांत किया। बाद में सब चाय पीकर वापस लौटे।
मैंने तो जनता की सेवा के लिए टिकट मांगा था। ईश्वर की मर्जी नहीं थी तो नहीं मिला। थोड़ा बहुत कष्ट तो है लेकिन लड़ाई झगड़े की कोई बात नहीं। थोड़ी बहुत बात थी तो समझा दिया गया था। डा. राघवेंद्र शर्मा
डा. राघवेंद्र शर्मा बहुत सुलझे और अच्छे इंसान हैं। वह कभी झगड़ा कर ही नहीं सकते। युवा कार्यकर्ताओं में थोड़ी बहुत कहासुनी हुई थी। दोनों को समझाकर शांत कर दिया गया। धर्मेंद्र कश्यप, सांसद आंवला
डा. राघवेंद्र शर्मा और हमारे बीच पहले ही ये तय हो गया था कि दोनों में से जिसे टिकट मिलेगा, वह एक दूसरे को चुनाव लड़ाएगा। अब वह हमारे साथ हैं। कहासुनी और हाथापाई की बात हमारे विरोधी उड़ा रहे हैं। राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल