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Bareilly News: गंगा इंफ्रासिटी के डायरेक्टर पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज

Thu, 15 Jun 2023 01:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jun 2023 01:37 AM IST
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Fraud report filed against the director of Ganga Infracity
बरेली। गंगा इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राजेश मौर्य समेत तीन लोगों के खिलाफ पूर्व सैनिक ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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कैंट के सद्भावना कॉलोनी निवासी नरसिंह ने बताया कि 2018 में गंगा इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड का मुख्य कार्यालय ग्रीन पार्क के पास था। कंपनी के डायरेक्टर चंद्रगुप्तपुरम निवासी राजेश मौर्य, सिविल लाइन निवासी अमित मौर्य उर्फ किशनाथ, विश्वनाथ मौर्य ने घरों पर भी ऑफिस खोल रखे थे। इसमें प्लॉट, आवासीय भवन, अपार्टमेंट खरीद-फरोख्त का काम करते थे। सभी ने मिलकर नई जेल के पास कई जमीनें और भवन उनके बेटे को दिखाए। कंपनी की स्कीम के तहत बताया कि कुछ रुपया जमा करना पड़ेगा, बाकी रुपया किस्तों में जमा होगा और फिर प्लॉट दे दिया जाएगा।
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पूर्व सैनिक नरसिंह के बेटे राजीव कुमार ने अमित और विश्वनाथ के कहने पर गंगा इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के खाते में एक लाख रुपये जमा करा दिए। कुछ दिनों बाद पता चला कि गंगा इंफ्रासिटी शहरवासियों को अरबों का चूना लगाकर फरार हो गई है। नरसिंह ने कंपनी के डायरेक्टर राजेश मौर्य, उसके साथी अमित और विश्वनाथ पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए एसएसपी से शिकायत की। राजेश मौर्य, अमित मौर्य और विश्वनाथ मौर्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कैंट थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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राजेश मौर्य ने भी शहरवासियों को लगाया था चूना
- गंगा इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राजेश मौर्य ने भी शहर के लोगों को प्लॉट और क्रिप्टो करेंसी में निवेश कराने का झांसा देकर अरबों रुपये का चूना लगाया था। राजेश मौर्य के खिलाफ जब धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हुए तो वह परिवार समेत फरार हो गया था। गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया तो गाजियाबाद से उसे गिरफ्तार कर लाया गया और फिर जेल भेजा गया। राजेश मौर्य और विश्वनाथ के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
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