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नेकपुर जमीन प्रकरणः साहब के दबाव में केस तो दर्ज किया मगर पुलिस ने जांच दबा दी
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एसडीएम की रिपोर्ट के बजाय पहले एफआईआर दर्ज करने में की थी आनाकानी
बरेली। बदायूं रोड पर नेकपुर में सीलिंग की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग करने के मामले में आनाकानी के बाद एसडीएम सदर के दबाव में सुभाषनगर थाना पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली लेकिन कार्रवाई के बजाय मामले को दबा कर बैठ गई है। इंस्पेक्टर हरीश चंद्र जोशी ने जांच की जिम्मेदारी राजस्व टीम की बताते हुए फिलहाल पुलिस की ओर से कार्रवाई न किए जाने की जानकारी दी है। हालांकि पुलिस के इस रवैये को लेकर एसडीएम सदर पहले ही इस प्रकरण की रिपोर्ट एसएसपी को भेज चुके हैं।
नकपुर में तहसील प्रशासन की सीलिंग की काफी जमीन खाली पड़ी थी। कुछ दिन पहले एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह के पास ये शिकायत पहुंची थी कि एक बिल्डर इस जमीन पर कब्जा कर प्लाटिंग कर रहा है। बताते हैं कि उसे कुछ प्लाटों की बिक्री भी कर दी गई थी। तहसील प्रशासन की रिपोर्ट में भी यह मामला सही मिला था। 16 जनवरी को तहसीलदार आशुतोष गुप्ता की रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने राजस्व स्टाफ को सुभाषनगर थाने भेजा था, लेकिन वहां इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तहसील टीम का कहना है कि इंस्पेक्टर ने उनके साथ बदसलूकी करते हुए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल भी किया था। एसडीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए एसएसपी को रिपोर्ट देकर यह संभावना जताई कि इस मामले में बिल्डर के साथ पुलिस की सांठगांठ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सका। फजीहत और फटकार के बाद सुभाषनगर इंस्पेक्टर हरीश चंद्र जोशी ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन इस मामले में कार्रवाई तो दूर अब तक जांच तक नहीं की गई है। इंस्पेक्टर ने जांच की गेंद राजस्व टीम के पाले में डाल दी है। जबकि एसडीएम का कहना है कि तहसील अपनी रिपोर्ट दे चुका है। इसमें कोई कार्रवाई पुलिस को अपने स्तर से करनी है।
‘इस मामले की रिपोर्ट दर्ज पहले हो चुकी है। इसमें अभी कोई जांच आगे नहीं बढ़ी है। राजस्व टीम के सहयोग से ही इसमें स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।’
- हरीश चंद्र जोशी, इंस्पेक्टर सुभाषनगर
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बरेली। बदायूं रोड पर नेकपुर में सीलिंग की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग करने के मामले में आनाकानी के बाद एसडीएम सदर के दबाव में सुभाषनगर थाना पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली लेकिन कार्रवाई के बजाय मामले को दबा कर बैठ गई है। इंस्पेक्टर हरीश चंद्र जोशी ने जांच की जिम्मेदारी राजस्व टीम की बताते हुए फिलहाल पुलिस की ओर से कार्रवाई न किए जाने की जानकारी दी है। हालांकि पुलिस के इस रवैये को लेकर एसडीएम सदर पहले ही इस प्रकरण की रिपोर्ट एसएसपी को भेज चुके हैं।
नकपुर में तहसील प्रशासन की सीलिंग की काफी जमीन खाली पड़ी थी। कुछ दिन पहले एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह के पास ये शिकायत पहुंची थी कि एक बिल्डर इस जमीन पर कब्जा कर प्लाटिंग कर रहा है। बताते हैं कि उसे कुछ प्लाटों की बिक्री भी कर दी गई थी। तहसील प्रशासन की रिपोर्ट में भी यह मामला सही मिला था। 16 जनवरी को तहसीलदार आशुतोष गुप्ता की रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने राजस्व स्टाफ को सुभाषनगर थाने भेजा था, लेकिन वहां इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तहसील टीम का कहना है कि इंस्पेक्टर ने उनके साथ बदसलूकी करते हुए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल भी किया था। एसडीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए एसएसपी को रिपोर्ट देकर यह संभावना जताई कि इस मामले में बिल्डर के साथ पुलिस की सांठगांठ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सका। फजीहत और फटकार के बाद सुभाषनगर इंस्पेक्टर हरीश चंद्र जोशी ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन इस मामले में कार्रवाई तो दूर अब तक जांच तक नहीं की गई है। इंस्पेक्टर ने जांच की गेंद राजस्व टीम के पाले में डाल दी है। जबकि एसडीएम का कहना है कि तहसील अपनी रिपोर्ट दे चुका है। इसमें कोई कार्रवाई पुलिस को अपने स्तर से करनी है।
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‘इस मामले की रिपोर्ट दर्ज पहले हो चुकी है। इसमें अभी कोई जांच आगे नहीं बढ़ी है। राजस्व टीम के सहयोग से ही इसमें स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।’
- हरीश चंद्र जोशी, इंस्पेक्टर सुभाषनगर