{"_id":"5e0a56ac8ebc3e879d41fa83","slug":"fraud-bareilly-news-bly3900380147","type":"story","status":"publish","title_hn":"शासन में दबी कंपांउडिंग के खेल में फंसे अभियंताओं की फाइल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शासन में दबी कंपांउडिंग के खेल में फंसे अभियंताओं की फाइल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीडीए वीसी की संस्तुति के डेढ़ महीने बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
बरेली। बहुमंजिला इमारत की कंपाउंडिंग में खेल करने को लेकर बीडीए वीसी दिव्या मित्तल ने दो एक्सईएन सहित चार अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। मगर शासन में पहुंचकर यह फाइल दब गई है। शासन ने बीडीए वीसी से इस मामले में चार्टशीट मांगना तो दूर कोई जानकारी तक नहीं की है। इस वजह से दोषी अभियंताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
आईवीआरआई के सामने बहुमंजिला आवासीय ट्यूलिप ग्रेट टावर का निर्माण चल रहा है। बीडीए वीसी दिव्या मित्तल की जांच में सामने आया कि बिल्डर ने बीडीए से अनुमति लेकर नक्शे को दरकिनार कर भवन का मनमाने तरीके से निर्माण करा लिया। जांच में सामने आया कि बीडीए के कई अभियंताओं ने अनाधिकृत निर्माण की कंपाउंडिंग की रकम में भी बंदरबांट कर लिया। इस प्रकरण में तत्कालीन एक्सईएन जहीरूद्दीन (अब लखनऊ में कार्यरत), एक्सईएन मोहनलाल और तत्कालीन चीफ टाउन प्लानर (सीटीपी) आशीष शिवपुरी के साथ अवर अभियंता पीके गुप्ता की भूमिका संदिग्ध मिली। बीडीए वीसी ने नवंबर के दूसरे हफ्ते में चारों अभियंताओं पर कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेजी। मगर डेढ़ महीने बाद भी शासन से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि आरोपी अभियंताओं ने सेटिंग कर शासन में रिपोर्ट को दबा दिया है। इसी वजह से अब तक बीडीए वीसी से इन अभियंताओं के खिलाफ चार्जशीट तक नहीं मांगी गई है।
शासन से इस मामले को लेकर कोई पूछताछ नहीं की गई है। हमारी तरफ से रिपोर्ट भेज दी गई है। अब शासन स्तर से ही कोई कार्रवाई होगी।
- दिव्या मित्तल, वीसी बीडीए
विज्ञापन
बरेली। बहुमंजिला इमारत की कंपाउंडिंग में खेल करने को लेकर बीडीए वीसी दिव्या मित्तल ने दो एक्सईएन सहित चार अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। मगर शासन में पहुंचकर यह फाइल दब गई है। शासन ने बीडीए वीसी से इस मामले में चार्टशीट मांगना तो दूर कोई जानकारी तक नहीं की है। इस वजह से दोषी अभियंताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
आईवीआरआई के सामने बहुमंजिला आवासीय ट्यूलिप ग्रेट टावर का निर्माण चल रहा है। बीडीए वीसी दिव्या मित्तल की जांच में सामने आया कि बिल्डर ने बीडीए से अनुमति लेकर नक्शे को दरकिनार कर भवन का मनमाने तरीके से निर्माण करा लिया। जांच में सामने आया कि बीडीए के कई अभियंताओं ने अनाधिकृत निर्माण की कंपाउंडिंग की रकम में भी बंदरबांट कर लिया। इस प्रकरण में तत्कालीन एक्सईएन जहीरूद्दीन (अब लखनऊ में कार्यरत), एक्सईएन मोहनलाल और तत्कालीन चीफ टाउन प्लानर (सीटीपी) आशीष शिवपुरी के साथ अवर अभियंता पीके गुप्ता की भूमिका संदिग्ध मिली। बीडीए वीसी ने नवंबर के दूसरे हफ्ते में चारों अभियंताओं पर कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेजी। मगर डेढ़ महीने बाद भी शासन से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि आरोपी अभियंताओं ने सेटिंग कर शासन में रिपोर्ट को दबा दिया है। इसी वजह से अब तक बीडीए वीसी से इन अभियंताओं के खिलाफ चार्जशीट तक नहीं मांगी गई है।
विज्ञापन
शासन से इस मामले को लेकर कोई पूछताछ नहीं की गई है। हमारी तरफ से रिपोर्ट भेज दी गई है। अब शासन स्तर से ही कोई कार्रवाई होगी।
- दिव्या मित्तल, वीसी बीडीए