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Bareilly News: करंट से चार झुलसे, 10 घरों के उपकरण फुंके, उपकेंद्र पर हंगामा
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- भूपराम कॉलोनी में मकान के निर्माण के दौरान हुआ हादसा, पुलिस ने समझाकर लोगों को कराया शांत
बरेली। हरुनगला इलाके में ग्रीन पार्क के पास स्थित भूपराम कॉलोनी में शनिवार को करंट से चार लोग झुलस गए। साथ ही, 10 घरों के मीटर, वायरिंग और उपकरण फुंक गए। कई अन्य लोगों ने भी करंट के झटके महसूस किए। हादसे के बाद गुस्साए लोग हरुनगला उपकेंद्र पहुंचकर हंगामा करने लगे। पुलिस ने उनको समझाकर शांत कराया।
भूपराम कॉलोनी के ऊपर से 132 केवी लाइन गुजर रही है। वहां पूनम के घर में प्लास्टर का काम चल रहा था। अपराह्न तीन बजे पीरबहोड़ा निवासी राजमिस्त्री काले खां मकान की दूसरी मंजिल पर प्लास्टर कर रहा था। उसने दीवार पर लेवलिंग करने के लिए लोहे की फंटी उठाई तो एचटी लाइन से दो मीटर की रेंज में आने की वजह से उसमें करंट आ गया। इससे राजमिस्त्री झुलस गया। पूनम के घर समेत आस-पास के 10 अन्य घरों में भी लोगों ने करंट के झटके महसूस किए। इन घरों में बिजली के मीटर, वायरिंग और उपकरण फुंक गए। पूनम के पूरे घर की वायरिंग विद्युत उपकरण फुंक गए। मकान भी कई जगह से चटक गया। पूनम, उनका पड़ोसी विजेंद्र और मोनू भी झुलस गए।
अचानक करंट के झटके लगने से लोग घरों से बाहर निकल आए। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजने के बाद लोग हरुनगला उपकेंद्र पहुंच गए। वहां हंगामा किया। गुस्साए लोग विद्युत निगम पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। इस दौरान कर्मचारी उपकेंद्र पर ताला बंदकर भाग गए। अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंध के बाद भी हाईटेंशन लाइन के नीचे निर्माण कराया जा रहा था। एक्सईएन गौरव शुक्ला ने बताया कि कार्रवाई के लिए ट्रांसमिशन को लिखा जाएगा।
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खेत में हाईटेंशन लाइन के नीचे काट दी कॉलोनी
ग्रीन पार्क के पास स्थित भूपराम कॉलोनी के ऊपर से 132 केवी हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। कॉलोनी के पूरब की ओर जाट रेजिमेंट की चांदमारी आौर आर्मी एरिया है। कई साल पहले भूपराम जाटव नाम के व्यक्ति ने यहां एचटी लाइन के नीचे अपने खेत में प्लॉटिंग कर दी। अब यहां कई मकान बन चुके हैं। लाइन इन मकानों के ऊपर से गुजर रही है। ट्रांसमिशन की ओर से मकान बनाने वाले लोगों को नोटिस भी दिए गए, लेकिन निर्माण होते रहे।
लाइन के नीचे 18 मीटर कॉरिडोर में पौधरोपण तक प्रतिबंधित
11 केवी से ऊपर की लाइनों के नीचे कॉरिडोर बनाया जाता है। लाइन के नीचे सेंट्रल प्वाइंट से दोनों ओर 10 मीटर के कॉरिडोर में निर्माण ही नहीं, पौधरोपण और पशु बांधना तक प्रतिबंधित होता है। इसके बाद भी शहर से सटे कई इलाकों में कॉरिडोर के भीतर ही निर्माण हो चुके हैं। गणेशपुरम, दुर्गानगर और ग्रीन पार्क के आसपास 132 केवी लाइन के नीचे कई स्थानों पर बस्तियां बस गई हैं। संवाद
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एचटी लाइन के नीचे कॉरिडोर में निर्माण नहीं कराया जा सकता। नोटिस दिए जाने के बाद भी लोग निर्माण करा लेते हैं। लाइनों के नीचे निर्माण को लेकर अन्य विभागों की भी जिम्मेदारी है। इस संबंध में ट्रांसमिशन को लिखा जाएगा। - अंबा प्रसाद बशिष्ठ, अधीक्षण अभियंता
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बरेली। हरुनगला इलाके में ग्रीन पार्क के पास स्थित भूपराम कॉलोनी में शनिवार को करंट से चार लोग झुलस गए। साथ ही, 10 घरों के मीटर, वायरिंग और उपकरण फुंक गए। कई अन्य लोगों ने भी करंट के झटके महसूस किए। हादसे के बाद गुस्साए लोग हरुनगला उपकेंद्र पहुंचकर हंगामा करने लगे। पुलिस ने उनको समझाकर शांत कराया।
भूपराम कॉलोनी के ऊपर से 132 केवी लाइन गुजर रही है। वहां पूनम के घर में प्लास्टर का काम चल रहा था। अपराह्न तीन बजे पीरबहोड़ा निवासी राजमिस्त्री काले खां मकान की दूसरी मंजिल पर प्लास्टर कर रहा था। उसने दीवार पर लेवलिंग करने के लिए लोहे की फंटी उठाई तो एचटी लाइन से दो मीटर की रेंज में आने की वजह से उसमें करंट आ गया। इससे राजमिस्त्री झुलस गया। पूनम के घर समेत आस-पास के 10 अन्य घरों में भी लोगों ने करंट के झटके महसूस किए। इन घरों में बिजली के मीटर, वायरिंग और उपकरण फुंक गए। पूनम के पूरे घर की वायरिंग विद्युत उपकरण फुंक गए। मकान भी कई जगह से चटक गया। पूनम, उनका पड़ोसी विजेंद्र और मोनू भी झुलस गए।
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अचानक करंट के झटके लगने से लोग घरों से बाहर निकल आए। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजने के बाद लोग हरुनगला उपकेंद्र पहुंच गए। वहां हंगामा किया। गुस्साए लोग विद्युत निगम पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। इस दौरान कर्मचारी उपकेंद्र पर ताला बंदकर भाग गए। अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंध के बाद भी हाईटेंशन लाइन के नीचे निर्माण कराया जा रहा था। एक्सईएन गौरव शुक्ला ने बताया कि कार्रवाई के लिए ट्रांसमिशन को लिखा जाएगा।
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खेत में हाईटेंशन लाइन के नीचे काट दी कॉलोनी
ग्रीन पार्क के पास स्थित भूपराम कॉलोनी के ऊपर से 132 केवी हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। कॉलोनी के पूरब की ओर जाट रेजिमेंट की चांदमारी आौर आर्मी एरिया है। कई साल पहले भूपराम जाटव नाम के व्यक्ति ने यहां एचटी लाइन के नीचे अपने खेत में प्लॉटिंग कर दी। अब यहां कई मकान बन चुके हैं। लाइन इन मकानों के ऊपर से गुजर रही है। ट्रांसमिशन की ओर से मकान बनाने वाले लोगों को नोटिस भी दिए गए, लेकिन निर्माण होते रहे।
लाइन के नीचे 18 मीटर कॉरिडोर में पौधरोपण तक प्रतिबंधित
11 केवी से ऊपर की लाइनों के नीचे कॉरिडोर बनाया जाता है। लाइन के नीचे सेंट्रल प्वाइंट से दोनों ओर 10 मीटर के कॉरिडोर में निर्माण ही नहीं, पौधरोपण और पशु बांधना तक प्रतिबंधित होता है। इसके बाद भी शहर से सटे कई इलाकों में कॉरिडोर के भीतर ही निर्माण हो चुके हैं। गणेशपुरम, दुर्गानगर और ग्रीन पार्क के आसपास 132 केवी लाइन के नीचे कई स्थानों पर बस्तियां बस गई हैं। संवाद
एचटी लाइन के नीचे कॉरिडोर में निर्माण नहीं कराया जा सकता। नोटिस दिए जाने के बाद भी लोग निर्माण करा लेते हैं। लाइनों के नीचे निर्माण को लेकर अन्य विभागों की भी जिम्मेदारी है। इस संबंध में ट्रांसमिशन को लिखा जाएगा। - अंबा प्रसाद बशिष्ठ, अधीक्षण अभियंता