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एफआर इस्लामियां कॉलेज में पुलिस की पाठशाला
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इस्लामिया इंटर कॉलेज में पुलिस की पाठशाला में बोलते सीओ सेकेण्ड आशीष प्रताप सिंह।
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बरेली। अक्सर यह देखा गया है कि कहीं भी कोई हादसा होने पर लोग पीड़ितों की मदद करने के बजाय वीडियो बनाने में लग जाते हैं। ऐसा करना न सिर्फ इंसानियत के खिलाफ है बल्कि संवेदनहीनता भी है। हादसा होने पर वीडियो मत बनाइए, घायलों की मदद कीजिए। एंबुलेंस को फोन करिए। यूपी-112 को पर सूचना दीजिए। आपकी इतनी सी मदद ही घायलों को बहुत राहत पहुंचा सकती है। यह बातें शनिवार को एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में किला सीओ आशीष प्रताप सिंह ने कहीं।
सीओ ने छात्रों से कहा कि आपमें से कोई सेना में जाना चाहता होगा। कोई पुलिस या प्रशासनिक ऑफिसर बनने का सपना देखता होगा। यह सब कुछ खुद के साथ-साथ समाजसेवा से भी तो जुड़ा है, तो क्यों न आप सभी छात्र जीवन से ही इसकी शुरूआत करें। आप स्कूल से घर आते-जाते अपने आसपास कुछ भी ऐसा होते देखें जो आपको गलत लगता हो तो उसकी शिकायत पुलिस से करें। कानून का पालन करें तो जीवन आसान हो जाएगा।
सीओ किला ने छात्रों को हेल्पलाइन-1090 के बारे में बताते हुए कहा कि इसे घर में अपनी मां-बहन, मौसी, बुआ सभी के साथ शेयर करें। यदि उन्हें कभी, कहीं कोई परेशानी हो तो वे इस नंबर पर फोन कर मदद ले सकती हैं। खास बात यह है कि इस नंबर पर फोन करने वाली शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाती है। कार्यक्रम के दौरान स्कूल के प्रधानाचार्य मेजर जावेद खालिद, डॉ. मेहंदी हसन, फरहान अहमद सैफी, मुशाहिद रजा, शाहिद रजा, इमरान आलम आदि मौजूद रहे।
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गुरु-शिष्य का रिश्ता समझाया
सीओ किला ने छात्रों से कहा जीवन में आगे बढ़ना है तो अनुशासित रहें और लक्ष्य तय करें। लक्ष्य की प्राप्ति तभी हो सकेगी जब अनुशासित रहेंगे। महाभारत युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच हुआ संवाद भी सुनाया। कहा, अर्जुन युद्ध के पहले दिन शून्य थे लेकिन श्रीकृष्ण ने गुरु की भांति उन्हें गीता का ज्ञान दिया तो 18 दिन बाद वही अर्जुन महामानव के रूप में उभरे और युद्ध के महानायक रहे। इसी तरह जब आप लोग स्कूल में पढ़ाई करने आते हैं तो आपको समझ नहीं आता है कि क्या पढ़ें, क्या नहीं, ऐसे में गुरु की मदद लेकर आगे बढ़ें, लेकिन बिना अनुशासन के यह संभव नहीं होगा।
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सीओ ने छात्रों से कहा कि आपमें से कोई सेना में जाना चाहता होगा। कोई पुलिस या प्रशासनिक ऑफिसर बनने का सपना देखता होगा। यह सब कुछ खुद के साथ-साथ समाजसेवा से भी तो जुड़ा है, तो क्यों न आप सभी छात्र जीवन से ही इसकी शुरूआत करें। आप स्कूल से घर आते-जाते अपने आसपास कुछ भी ऐसा होते देखें जो आपको गलत लगता हो तो उसकी शिकायत पुलिस से करें। कानून का पालन करें तो जीवन आसान हो जाएगा।
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सीओ किला ने छात्रों को हेल्पलाइन-1090 के बारे में बताते हुए कहा कि इसे घर में अपनी मां-बहन, मौसी, बुआ सभी के साथ शेयर करें। यदि उन्हें कभी, कहीं कोई परेशानी हो तो वे इस नंबर पर फोन कर मदद ले सकती हैं। खास बात यह है कि इस नंबर पर फोन करने वाली शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाती है। कार्यक्रम के दौरान स्कूल के प्रधानाचार्य मेजर जावेद खालिद, डॉ. मेहंदी हसन, फरहान अहमद सैफी, मुशाहिद रजा, शाहिद रजा, इमरान आलम आदि मौजूद रहे।
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गुरु-शिष्य का रिश्ता समझाया
सीओ किला ने छात्रों से कहा जीवन में आगे बढ़ना है तो अनुशासित रहें और लक्ष्य तय करें। लक्ष्य की प्राप्ति तभी हो सकेगी जब अनुशासित रहेंगे। महाभारत युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच हुआ संवाद भी सुनाया। कहा, अर्जुन युद्ध के पहले दिन शून्य थे लेकिन श्रीकृष्ण ने गुरु की भांति उन्हें गीता का ज्ञान दिया तो 18 दिन बाद वही अर्जुन महामानव के रूप में उभरे और युद्ध के महानायक रहे। इसी तरह जब आप लोग स्कूल में पढ़ाई करने आते हैं तो आपको समझ नहीं आता है कि क्या पढ़ें, क्या नहीं, ऐसे में गुरु की मदद लेकर आगे बढ़ें, लेकिन बिना अनुशासन के यह संभव नहीं होगा।