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सत्यापन में खुल रहा एलएलबी डिग्रियों का फर्जीवाड़ा
बरेली।
Updated Thu, 28 Sep 2017 02:32 AM IST
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दिल्ली सरकार में कानून मंत्री रहे जितेंद्र सिंह तोमर की एलएलबी की डिग्री का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया में पंजीकृत वकीलों की एलएलबी की डिग्रियों का सत्यापन कराया जा रहा है। यूपी बार काउंसिल भी एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से एलएलबी करने वालों की डिग्री का सत्यापन करा रही है। इसमें सौ से ज्यादा ऐसी डिग्री पकड़ में आई हैं जिनका कोई रिकार्ड ही विश्वविद्यालय में उपलब्ध नहीं है। इन डिग्रियों को यूपी बार काउंसिल के लिए भेजकर संबंधित डिग्रीधारियों की मार्कशीट मांगी गई है, ताकि चार्ट से उनका मिलान कर सच का पता लगाया जा सके।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एलएलबी की कई हजार डिग्रियां सत्यापन के लिए आई हैं। यूपी बार काउंसिल ने सिर्फ डिग्रियां ही भेजी हैं, मार्कशीट नहीं। इससे सत्यापन में दिक्कतें आ रही हैं। अब तक करीब पांच हजार डिग्रियों का सत्यापन कर यूपी बार काउंसिल को भेजा चुका है, लेकिन इसमें सौ से ज्यादा ऐसी डिग्रियां सामने आई हैं जिनका डाटा नहीं मिल रहा है। लिहाजा इन डिग्रियों को संदिग्ध माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार 100 से 150 के बीच ऐसी डिग्रियां हैं जिनका डाटा मैच नहीं खा रहा है। इसलिए अब इनकी मार्कशीट से सत्यापन किया जाएगा।
वर्जन
एलएलबी की डिग्रियों का सत्यापन चल रहा है। जितनी डिग्रियां सत्यापित होती जा रही हैं, उनकी रिपोर्ट यूपी बार काउंसिल को भेजी जा रही है। जिनका रिकार्ड नहीं मिल रहा है, उनकी मार्कशीट मांगी गई हैं। ऐसी डिग्रियों को तब तक फर्जी नहीं कह सकते जब तक उनका मार्कशीट से सत्यापन न हो जाए।
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- एके अरविंद्र, कुलसचिव
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एलएलबी की कई हजार डिग्रियां सत्यापन के लिए आई हैं। यूपी बार काउंसिल ने सिर्फ डिग्रियां ही भेजी हैं, मार्कशीट नहीं। इससे सत्यापन में दिक्कतें आ रही हैं। अब तक करीब पांच हजार डिग्रियों का सत्यापन कर यूपी बार काउंसिल को भेजा चुका है, लेकिन इसमें सौ से ज्यादा ऐसी डिग्रियां सामने आई हैं जिनका डाटा नहीं मिल रहा है। लिहाजा इन डिग्रियों को संदिग्ध माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार 100 से 150 के बीच ऐसी डिग्रियां हैं जिनका डाटा मैच नहीं खा रहा है। इसलिए अब इनकी मार्कशीट से सत्यापन किया जाएगा।
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एलएलबी की डिग्रियों का सत्यापन चल रहा है। जितनी डिग्रियां सत्यापित होती जा रही हैं, उनकी रिपोर्ट यूपी बार काउंसिल को भेजी जा रही है। जिनका रिकार्ड नहीं मिल रहा है, उनकी मार्कशीट मांगी गई हैं। ऐसी डिग्रियों को तब तक फर्जी नहीं कह सकते जब तक उनका मार्कशीट से सत्यापन न हो जाए।
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- एके अरविंद्र, कुलसचिव