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बरेली के ज्यादातर पुलों पर बंद हुआ काम
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बरेली। सेतु निगम का काम अगर ऐसे ही चला तो पुलों पर फर्राटा भरना भूल ही जाइए। हालत यह है कि शहर के ज्यादातर निर्माणाधीन ओवरब्रिज और फ्लाईओवर पर सेतु निगम का काम बंद हो गया है या फिर घिसटने जैसी हालत में है। चौपुला और सेटेलाइट पुल पर ट्रैफिक डायवर्जन न हो पाने से निर्माण प्रभावित है तो वहीं आईवीआरआई क्रासिंग पर रेलवे के काम न शुरू करने से ओवरब्रिज का काम अधर में लटका है। पुलों के ये आधे-अधूरे काम पब्लिक के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। सेतु निगम, प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय न होने से भी इन प्रोजेक्ट पर काम बंद होने की बड़ी वजह बन गया है।
चौपुला ओवरब्रिज : प्लानिंग ही नहीं, काम कैसे हो
ट्रैफिक की प्लानिंग न बन पाने से चौपुला ओवरब्रिज का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने यातायात व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका जताते हुए सेतु निगम को सिटी स्टेशन की तरफ काम करने से रोक दिया है। इससे पुलिस लाइंस की तरफ रोड के बीचोंबीच सेतु निगम की मशीनें रखी हैं और उसके चारों तरफ करीब सौ मीटर तक लोहे की बोर्ड बैरिकेडिंग लगा दी गई है। इससे यहां आए दिन कार व बाइक वाले गिरते रहते हैं। बुधवार को पुल का काम ठप था। करीब दस माह से चल रहे यह प्रोजेक्ट अभी दस फीसदी भी नहीं पूरा हो सका है।
लालफाटक ओवरब्रिज : रेलवे नहीं शुरू कर पा रहा निर्माण
लालफाटक पर सेतु निगम ने बदायूं की तरफ पुल का करीब 80 फीसदी काम पूरा कर दिया है। क्रासिंग और कैंट के बीच भी पिलर बनाने का काम चल रहा है। दिक्कत यह आ रही है कि रेलवे ने क्रासिंग के ऊपर अपने हिस्से में आने वाले पुल का काम शुरू करने के लिए पुलिस-प्रशासन से ट्रैफिक को पूरी तरह से बंद करने का आग्रह किया है। जबकि सेतु निगम और ट्रैफिक पुलिस के अफसरों का कहना है कि इससे बदायूं जाने वाले ट्रैफिक का बोझ चौपुला की तरफ बढ़ जाएगा। रेलवे ने पुल बनाने के लिए क्रासिंग के पास सीमेंट, बजरी सहित दूसरी निर्माण सामग्री रख ली है। साथ ही साइट ऑफिस भी खुल गए हैं लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
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आईवीआरआई ओवरब्रिज : पुल तो दूर अंडरपास भी नहीं बन सका
आईवीआरआई पर सेतु निगम के पुल का प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है लेकिन सालभर बाद भी रेलवे क्रासिंग के ऊपर अपने हिस्से के ओवरब्रिज का काम नहीं चालू कर पा रहा है। अभी भी काम नहीं शुरू हो सका है। लोगों की दिक्कत को देखते हुए कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने रेलवे अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वह मई में बारिश शुरू होने से पहले अंडरपास बना ले। इसका काम शुरू भी हुआ लेकिन अब तक अंडरपास पूरा नहीं हो सका है। रेलवे अस्पताल की तरफ बने रहे अंडरपास की अभी किनारे दीवार भी नहीं पूरी हो पाई है। अंडरपास के अंदर अभी काफी पानी भरा है। दूसरी तरफ के अंडरपास का भी अभी 20 फीसदी ही काम हुआ है।
सेटेलाइट ओवरब्रिज : घिसट रहा काम, लग रहा जाम
इस ओवरब्रिज का काम काफी धीमा चल रहा है। कैंट की साइड में पिलर बनाने का काम चल रहा है। कुछ दिन पहले चौराहे को भी पुल निर्माण के लिए तोड़ा गया है, लेकिन अब तक चौराहे के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन के शिफ्ट नहीं किया गया है। इधर ईसाईयों की पुलिया की तरफ भी ओवरब्रिज के लिए पिलर बनने नहीं शुरू हुए हैं। सर्विस लेन न बन पाने से ट्रैफिक को निकलने में भी परेशानी हो रही है।
रामगंगा पुल : खतरा बरकरार, कहीं ढह न जाए पुल
बदायूं रोड पर रामगंगा पर बने पुल की स्थिति दिन ब दिन जर्जर हो रही है। पूर्व में पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर रहे राकेश राजवंशी ने निरीक्षण के दौरान यह खतरा बताया था कि पुल में कंपन खत्म हो गया है। इसके बावजूद इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। इससे पुल के बीच के दरारें लगातार टूट रही है। उनके बीच में एक से दो फुट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। इससे बाइक सवार आए दिन गिरते रहते हैं। कई बार कार भी इस गड्ढे की वजह से बेकाबू होते बची है। पीडब्ल्यूडी ने तो इसकी मरम्मत नहीं कराई है। इसलिए लोगों ने खुद ही कई जगहों पर पत्थर और ईंटे से दरारों को भरने की कोशिश की है।
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चौपुला ओवरब्रिज : प्लानिंग ही नहीं, काम कैसे हो
ट्रैफिक की प्लानिंग न बन पाने से चौपुला ओवरब्रिज का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने यातायात व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका जताते हुए सेतु निगम को सिटी स्टेशन की तरफ काम करने से रोक दिया है। इससे पुलिस लाइंस की तरफ रोड के बीचोंबीच सेतु निगम की मशीनें रखी हैं और उसके चारों तरफ करीब सौ मीटर तक लोहे की बोर्ड बैरिकेडिंग लगा दी गई है। इससे यहां आए दिन कार व बाइक वाले गिरते रहते हैं। बुधवार को पुल का काम ठप था। करीब दस माह से चल रहे यह प्रोजेक्ट अभी दस फीसदी भी नहीं पूरा हो सका है।
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लालफाटक ओवरब्रिज : रेलवे नहीं शुरू कर पा रहा निर्माण
लालफाटक पर सेतु निगम ने बदायूं की तरफ पुल का करीब 80 फीसदी काम पूरा कर दिया है। क्रासिंग और कैंट के बीच भी पिलर बनाने का काम चल रहा है। दिक्कत यह आ रही है कि रेलवे ने क्रासिंग के ऊपर अपने हिस्से में आने वाले पुल का काम शुरू करने के लिए पुलिस-प्रशासन से ट्रैफिक को पूरी तरह से बंद करने का आग्रह किया है। जबकि सेतु निगम और ट्रैफिक पुलिस के अफसरों का कहना है कि इससे बदायूं जाने वाले ट्रैफिक का बोझ चौपुला की तरफ बढ़ जाएगा। रेलवे ने पुल बनाने के लिए क्रासिंग के पास सीमेंट, बजरी सहित दूसरी निर्माण सामग्री रख ली है। साथ ही साइट ऑफिस भी खुल गए हैं लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
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आईवीआरआई ओवरब्रिज : पुल तो दूर अंडरपास भी नहीं बन सका
आईवीआरआई पर सेतु निगम के पुल का प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है लेकिन सालभर बाद भी रेलवे क्रासिंग के ऊपर अपने हिस्से के ओवरब्रिज का काम नहीं चालू कर पा रहा है। अभी भी काम नहीं शुरू हो सका है। लोगों की दिक्कत को देखते हुए कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने रेलवे अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वह मई में बारिश शुरू होने से पहले अंडरपास बना ले। इसका काम शुरू भी हुआ लेकिन अब तक अंडरपास पूरा नहीं हो सका है। रेलवे अस्पताल की तरफ बने रहे अंडरपास की अभी किनारे दीवार भी नहीं पूरी हो पाई है। अंडरपास के अंदर अभी काफी पानी भरा है। दूसरी तरफ के अंडरपास का भी अभी 20 फीसदी ही काम हुआ है।
सेटेलाइट ओवरब्रिज : घिसट रहा काम, लग रहा जाम
इस ओवरब्रिज का काम काफी धीमा चल रहा है। कैंट की साइड में पिलर बनाने का काम चल रहा है। कुछ दिन पहले चौराहे को भी पुल निर्माण के लिए तोड़ा गया है, लेकिन अब तक चौराहे के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन के शिफ्ट नहीं किया गया है। इधर ईसाईयों की पुलिया की तरफ भी ओवरब्रिज के लिए पिलर बनने नहीं शुरू हुए हैं। सर्विस लेन न बन पाने से ट्रैफिक को निकलने में भी परेशानी हो रही है।
रामगंगा पुल : खतरा बरकरार, कहीं ढह न जाए पुल
बदायूं रोड पर रामगंगा पर बने पुल की स्थिति दिन ब दिन जर्जर हो रही है। पूर्व में पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर रहे राकेश राजवंशी ने निरीक्षण के दौरान यह खतरा बताया था कि पुल में कंपन खत्म हो गया है। इसके बावजूद इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। इससे पुल के बीच के दरारें लगातार टूट रही है। उनके बीच में एक से दो फुट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। इससे बाइक सवार आए दिन गिरते रहते हैं। कई बार कार भी इस गड्ढे की वजह से बेकाबू होते बची है। पीडब्ल्यूडी ने तो इसकी मरम्मत नहीं कराई है। इसलिए लोगों ने खुद ही कई जगहों पर पत्थर और ईंटे से दरारों को भरने की कोशिश की है।