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Bareilly News: अभी तापमान में उतार-चढ़ाव, अप्रैल में जेठ की गर्मी का अनुमान
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बरेली। सही समय पर मौसम में उतार-चढ़ाव की सही जानकारी मिलने से जन, धन और फसलों की हानि रोकने में मौसम विभाग काफी हद तक सफल साबित हो रहा है। बारिश से किसानों को सचेत करने और लोगों को भीषण गर्मी, शीतलहर से बचाने में इसकी अहम भूमिका है। अब मौसम विभाग ने अप्रैल में भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया है। 40 डिग्री तापमान पहुंचे, इससे पहले बचाव की तैयारी करने का सुझाव दिया है।
जलवायु परिवर्तन की वजह से पिछले दो साल से मानसून तय समय से करीब माह भर आगे बढ़ गया है। सर्दियों के दिन कम हो रहे हैं और गर्मियों के बढ़ते जा रहे हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह के मुताबिक मार्च में हुई बारिश के बाद अब अप्रैल में शहर उच्च वायुदाब के क्षेत्र में होगा। नतीजा, पहाड़ों से मैदानी इलाकों में बादल के प्रवेश करने के बावजूद अनुकूल माहौल न मिलने से बारिश नहीं होगी। भीषण गर्मी की आशंका है। ऐसे में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के नजदीक पहुंच सकता है। किसान और आम लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग आदि को तैयार रहने को कहा गया है।
बताया कि पूर्व में मौसम विभाग की ओर से जारी कई पूर्वानुमान सटीक नहीं होेने की चर्चा होती थी। हालांकि, अब इसमें बदलाव देखा जा रहा है। बादल उमड़ने, शीतलहर का प्रकोप होने, भीषण गर्मी से लेकर आंधी-तूफान तक के पूर्वानुमान सटीक साबित हो रहे हैं। इसी के अनुसार किसानों को सही समय पर सचेत कर उन्हें फसल सुरक्षित करने को कहा जा रहा है।
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मौसम चक्र बदला, खेती का तरीका बदलें किसान
आईवीआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रंजीत सिंह के मुताबिक जलवायु परिवर्तन की वजह से मौसम चक्र में परिवर्तन हुआ है। लिहाजा, मार्च में पारा 33 डिग्री के पार निकल गया। इसका सीधा प्रभाव फसलों पर हो रहा है। लिहाजा, किसानों को अब खेती के तरीकों में बदलाव के सुझाव दिए जा रहे हैं। उन्हें बेमौसम बारिश, गर्मी और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए नालीदार खेती, रसायन के बजाय जैव उर्वरक प्रयोग करने, सहफसली खेती करने को कहा जा रहा है।
गर्मी की आशंका, तैयारियों में जुटा स्वास्थ्य विभाग
अप्रैल में ही भीषण गर्मी के पूर्वानुमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। संचारी रोग नियंत्रण मुहिम के तहत माइक्रोप्लान तैयार कर रहा है। इसमें स्वास्थ्य केंद्रों पर डायरिया, त्वचा रोग, नेत्र रोग और हीट स्ट्रोक आदि से बचाव के लिए दवा की उपलब्धता, भर्ती मरीजों के लिए शीत कक्ष, शुदध शीतल जल की उपलब्धता आदि सुनिश्चित करने के दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह के मुताबिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता है। अगर कहीं कोई कमी होगी तो उसे तत्काल पूरा कराया जाएगा।
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जलवायु परिवर्तन की वजह से पिछले दो साल से मानसून तय समय से करीब माह भर आगे बढ़ गया है। सर्दियों के दिन कम हो रहे हैं और गर्मियों के बढ़ते जा रहे हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह के मुताबिक मार्च में हुई बारिश के बाद अब अप्रैल में शहर उच्च वायुदाब के क्षेत्र में होगा। नतीजा, पहाड़ों से मैदानी इलाकों में बादल के प्रवेश करने के बावजूद अनुकूल माहौल न मिलने से बारिश नहीं होगी। भीषण गर्मी की आशंका है। ऐसे में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के नजदीक पहुंच सकता है। किसान और आम लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग आदि को तैयार रहने को कहा गया है।
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बताया कि पूर्व में मौसम विभाग की ओर से जारी कई पूर्वानुमान सटीक नहीं होेने की चर्चा होती थी। हालांकि, अब इसमें बदलाव देखा जा रहा है। बादल उमड़ने, शीतलहर का प्रकोप होने, भीषण गर्मी से लेकर आंधी-तूफान तक के पूर्वानुमान सटीक साबित हो रहे हैं। इसी के अनुसार किसानों को सही समय पर सचेत कर उन्हें फसल सुरक्षित करने को कहा जा रहा है।
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मौसम चक्र बदला, खेती का तरीका बदलें किसान
आईवीआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रंजीत सिंह के मुताबिक जलवायु परिवर्तन की वजह से मौसम चक्र में परिवर्तन हुआ है। लिहाजा, मार्च में पारा 33 डिग्री के पार निकल गया। इसका सीधा प्रभाव फसलों पर हो रहा है। लिहाजा, किसानों को अब खेती के तरीकों में बदलाव के सुझाव दिए जा रहे हैं। उन्हें बेमौसम बारिश, गर्मी और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए नालीदार खेती, रसायन के बजाय जैव उर्वरक प्रयोग करने, सहफसली खेती करने को कहा जा रहा है।
गर्मी की आशंका, तैयारियों में जुटा स्वास्थ्य विभाग
अप्रैल में ही भीषण गर्मी के पूर्वानुमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। संचारी रोग नियंत्रण मुहिम के तहत माइक्रोप्लान तैयार कर रहा है। इसमें स्वास्थ्य केंद्रों पर डायरिया, त्वचा रोग, नेत्र रोग और हीट स्ट्रोक आदि से बचाव के लिए दवा की उपलब्धता, भर्ती मरीजों के लिए शीत कक्ष, शुदध शीतल जल की उपलब्धता आदि सुनिश्चित करने के दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह के मुताबिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता है। अगर कहीं कोई कमी होगी तो उसे तत्काल पूरा कराया जाएगा।