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बाढ़ का खतरा: 42 चौकियां बनेंगी, गोताखोरों की सूची हो रही तैयार
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खीरीः मंझरी में नाव पर सामान लादकर ले जाता बाढ़ पीड़ित।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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158 मीटर है इस वक्त रामगंगा का जलस्तर, भारी बारिश से खतरे के स्तर तक पहुंचने की आशंका
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स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट: एमओआईसी को दिए गए दवाएं और फॉगिंग की तैयारी रखने के निर्देश
बरेली। पहाड़ों पर लगातार हो रही तेज बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा, रामगंगा, किच्छा और बहगुल आदि कई नदियां उफान पर हैं। इससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ खंड विभाग ने 42 बाढ़ चौकियां बनाने, गोताखोर को तैयार रहने, बचाव के सभी उपकरणों की व्यवस्था करने की तैयारी शुरू कर दी है।
बरेली में रामगंगा अभी खतरे के निशान से चार मीटर नीचे है। मगर, प्री-मानसून बारिश के साथ ही पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से जलस्तर बढ़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने पहाड़ों से सटा जिला होने से बरेली में करीब हफ्ते भर पहले ही ऑरेंज अलर्ट जारी कर प्रशासन को आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने का सुझाव दिया था। इस पर प्रशासन ने सिंचाई, नहर, बाढ़ खंड विभाग को संभावित बाढ़ की आशंका के चलते व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ खंड विभाग के मुख्य अभियंता ने टीम के साथ रविवार को चौबारी पहुंचकर रामगंगा के जलस्तर का जायजा लिया। रविवार को बरेली के चौबारी में रामगंगा का जलस्तर 158 मीटर और मुरादाबाद के कटघर में 188.2 मीटर रिकॉर्ड किया गया।
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गोताखोंरों के मोबाइल नंबर हो रहे अपडेट
पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश के चलते रामगंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए रामगंगा जिन इलाकों से होकर गुजरती है, वहां के गोताखोरों की सूची बाढ़ खंड विभाग तैयार करा रहा है। एक्सईएन राजीव कुमार ने गोताखोरों के मोबाइल नंबर परिवर्तित होने की आशंका जताते हुए स्थानीय प्रशासन से उन्हें अपडेट करने को कहा है। ताकि जरूरत पर तत्काल संपर्क कर गोताखोरों बुलाया जा सके। थानों को भी अलर्ट किया गया है।
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खतरा भांपते ही बन जाएंगी 42 चौकियां
बरेली जिले में बाढ़ की सर्वाधिक आशंका रामगंगा, बहगुल, किच्छा, कुल्ली आदि नदियों से रहती है। रामगंगा और अन्य नदियों के आस-पास के इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने 42 बाढ़ चौकियां तैयार करने को कहा है। एक्सईएन ने बताया कि किसी भी नदी में जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने से पहले ही बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी जाएंगी। फिलहाल चौकियां बनाने को लेकर तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग भी तैयारियों में जुटा
सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग ने बताया कि बरेली की नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा हैं। एहतियातन सभी एमओआईसी को दवा की उपलब्धता, जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में फॉगिंग और दवा वितरण के लिए टीमें गठित करने समेत संक्रामक रोगों से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कहा है। ताकि भविष्य में अगर कोई खतरा हो तो उसे नियंत्रित किया जा सके।
बाढ़ के नजरिए से मीरगंज, आंवला और तहसील सदर का इलाका बेहद संवेदनशील है। फिलहाल रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से चार मीटर नीचे है। मगर पहाड़ों पर लगातार हो रही तेज बारिश से जलस्तर बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं कर सकते हैं, इसलिए बाढ़ चौकियां, गोताखोर की व्यवस्था समेत सभी संबंधित विभागों को सक्रिय रहने के निर्देश मिले हैं। - राजीव कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड
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स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट: एमओआईसी को दिए गए दवाएं और फॉगिंग की तैयारी रखने के निर्देश बरेली। पहाड़ों पर लगातार हो रही तेज बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा, रामगंगा, किच्छा और बहगुल आदि कई नदियां उफान पर हैं। इससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ खंड विभाग ने 42 बाढ़ चौकियां बनाने, गोताखोर को तैयार रहने, बचाव के सभी उपकरणों की व्यवस्था करने की तैयारी शुरू कर दी है।
बरेली में रामगंगा अभी खतरे के निशान से चार मीटर नीचे है। मगर, प्री-मानसून बारिश के साथ ही पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से जलस्तर बढ़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने पहाड़ों से सटा जिला होने से बरेली में करीब हफ्ते भर पहले ही ऑरेंज अलर्ट जारी कर प्रशासन को आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने का सुझाव दिया था। इस पर प्रशासन ने सिंचाई, नहर, बाढ़ खंड विभाग को संभावित बाढ़ की आशंका के चलते व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ खंड विभाग के मुख्य अभियंता ने टीम के साथ रविवार को चौबारी पहुंचकर रामगंगा के जलस्तर का जायजा लिया। रविवार को बरेली के चौबारी में रामगंगा का जलस्तर 158 मीटर और मुरादाबाद के कटघर में 188.2 मीटर रिकॉर्ड किया गया।
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गोताखोंरों के मोबाइल नंबर हो रहे अपडेट
पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश के चलते रामगंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए रामगंगा जिन इलाकों से होकर गुजरती है, वहां के गोताखोरों की सूची बाढ़ खंड विभाग तैयार करा रहा है। एक्सईएन राजीव कुमार ने गोताखोरों के मोबाइल नंबर परिवर्तित होने की आशंका जताते हुए स्थानीय प्रशासन से उन्हें अपडेट करने को कहा है। ताकि जरूरत पर तत्काल संपर्क कर गोताखोरों बुलाया जा सके। थानों को भी अलर्ट किया गया है।
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खतरा भांपते ही बन जाएंगी 42 चौकियां
बरेली जिले में बाढ़ की सर्वाधिक आशंका रामगंगा, बहगुल, किच्छा, कुल्ली आदि नदियों से रहती है। रामगंगा और अन्य नदियों के आस-पास के इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने 42 बाढ़ चौकियां तैयार करने को कहा है। एक्सईएन ने बताया कि किसी भी नदी में जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने से पहले ही बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी जाएंगी। फिलहाल चौकियां बनाने को लेकर तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।स्वास्थ्य विभाग भी तैयारियों में जुटा
सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग ने बताया कि बरेली की नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा हैं। एहतियातन सभी एमओआईसी को दवा की उपलब्धता, जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में फॉगिंग और दवा वितरण के लिए टीमें गठित करने समेत संक्रामक रोगों से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कहा है। ताकि भविष्य में अगर कोई खतरा हो तो उसे नियंत्रित किया जा सके।बाढ़ के नजरिए से मीरगंज, आंवला और तहसील सदर का इलाका बेहद संवेदनशील है। फिलहाल रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से चार मीटर नीचे है। मगर पहाड़ों पर लगातार हो रही तेज बारिश से जलस्तर बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं कर सकते हैं, इसलिए बाढ़ चौकियां, गोताखोर की व्यवस्था समेत सभी संबंधित विभागों को सक्रिय रहने के निर्देश मिले हैं। - राजीव कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड