Bareilly News: आईवीआरआई में बनेगा कुत्तों पर शोध करने वाला देश का पहला केंद्र, जल्द शुरू होगा निर्माण
कई प्रकार के जंगली और पालतू पशुओं पर शोध के लिए देश भर में केंद्र स्थापित हैं, मगर कुत्तों पर शोध के लिए देश में फिलहाल कोई केंद्र नहीं है। बरेली में जल्द कुत्तों पर शोध करने वाला पहला केंद्र बनने जा रहा है।
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भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान (आईवीआरआई) बरेली में जल्द कुत्तों पर शोध करने वाला देश का पहला केंद्र बनेगा। इसके लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की ओर से स्वीकृति मिल चुकी है। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ‘एडवांस रिसर्च सेंटर फॉर कैनाइन’ का निर्माण होने के बाद वर्चुअल डॉग और वर्चुअल एनॉटोमी की स्थापना भी प्रस्तावित है। बरेली आईवीआरआई मुख्य केंद्र और करनाल समेत तीन सब सेंटर होंगे।
कई प्रकार के जंगली और पालतू पशुओं पर शोध के लिए देश भर में केंद्र स्थापित हैं, मगर कुत्तों पर शोध के लिए देश में फिलहाल कोई केंद्र नहीं है। जबकि कुत्तों से तमाम ‘जूनोटिक बीमारियां’ होती हैं। जाने-अनजाने कुत्ते के काटने के बाद एआरवी लगवाने में हुई चूक से अब तक बरेली में 11 लोगों की मौत हो चुकी है।
कुत्तों की विभिन्न प्रजातियों में से पिटबुल के हमले के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसी तरह कुत्तों के अन्य कई वफादारी के मामले भी सामने आ चुके हैं। मगर कुत्ते कब हमला और कब अपनापन दिखाते हैं और कब बीमारियों की वजह बन जाते हैं। इन पर शोध किया जाना बाकी है।
इन जानवरों पर शोध के लिए बन चुके हैं केंद्र
वैज्ञानिकों के अनुसार देश में कुत्तों के अलावा अन्य पशुओं पर शोध के लिए करीब दो दर्जन से ज्यादा केंद्र बने हैं। इनमें ऊंट पर शोध के लिए बीकानेर में, घोड़े पर हिसार में, बकरी पर शोध के लिए मथुरा में बने राष्ट्रीय केंद्र प्रमुख हैं।
ताकि कुत्ते की आंतरिक संरचना की मिले जानकारी
कैनाइन सेंटर के साथ ही, वर्चुअल डॉग एनॉटोमी का भी प्रस्ताव तैयार है। इससे विद्यार्थियों को शोध के दौरान प्रायोगिक जानकारी मिल सकेगी। इस पर करीब दो करोड़ खर्च होने का अनुमान है। सेंटर में कुत्तों पर शोध समेत कैंसर के उपचार में लाभदायक रेडियोथेरेपी, सीटी स्कैन, हाईटेक पैथोलॉजी, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ट्यूमर के लिए विशेष सुविधाएं मिलेंगी।
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि एडवांस रिसर्च सेंटर फॉर कैनाइन प्रोजेक्ट को आईसीएआर से स्वीकृति मिल चुकी है। कुत्तों को बीमारियों से निजात दिलाने के लिए वैज्ञानिकों की ओर से कई अहम तकनीक खोजी जा चुकी है। सेंटर बनने से शोध का विस्तार होगा।