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जोखीपुरवा में लगी भीषण आग से 14 घर जले
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निघासन। थाना क्षेत्र के गांव जोखीपुरवा में शुक्रवार की सुबह अचानक आग लग गई, जिससे 14 घर जलकर राख हो गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने ग्रामीणों की मदद से बमुश्किल आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण पता नहीं चल सका है। हल्का लेखपाल अजय कुमार ने आग से हुई हानि का आंकलन कर रिपोर्ट तहसील भेजी है।
शुक्रवार की सुबह साढ़े नौ बजे गांव जोखीपुरवा निवासी छैल बिहारी का घर अचानक जलने लगा। जब तक लोग कुछ समझ पाते कि आग की लपटें तेज हो गईं। आग की लपटों ने पड़ोसी बाबूराम, परमानंद, जोगेंद्र, सेवकराम के घरों का भी अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते विकराल हुई आग ने बुग्गन, लक्ष्मण, छोटेलाल, सकटू, स्वामी दयाल सहित 14 घरों को राख के ढेर में बदल दिया। घरों के अधिकांश लोग खेतों में गेहूं काट रहे थे, जिससे उनके घर का सारा सामान जल गया। बाबू राम के यहां 27 अप्रैल को लड़की खुशबू की शादी थी। घर के सभी लोग गेहूं काटने गये थे। घर में रखा शादी का सारा सामान जलकर राख हो गया। इसमें बाबूराम की बीस हजार नकदी व जेवर भी जल गये। सेवक राम के एक बछड़े की जलकर मौत हो गई। वहीं दो गायें झुलस गईं। 18 अप्रैल को रामफल के घर से लगी आग में श्यामू, रामपाल, दौलतराम, रामजीवन, इंद्रेश, पैकरमा आदि के घर जल गए थे। इसके अगले दिन लाला राम के घर आग लग गई। 20 अप्रैल को जगदीश का घर जलने लगा था। गांव के लोगों का कहना है कि वह रात-रात जगकर घर की रखवाली कर रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि आग रंजिशन लगाई जा रही है। सूचना पर पहुंचे हलका लेखपाल अजय कुमार ने गांव जाकर नुकसान का जायजा लिया। जल्द ही सरकार से मिलने वाली मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
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शुक्रवार की सुबह साढ़े नौ बजे गांव जोखीपुरवा निवासी छैल बिहारी का घर अचानक जलने लगा। जब तक लोग कुछ समझ पाते कि आग की लपटें तेज हो गईं। आग की लपटों ने पड़ोसी बाबूराम, परमानंद, जोगेंद्र, सेवकराम के घरों का भी अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते विकराल हुई आग ने बुग्गन, लक्ष्मण, छोटेलाल, सकटू, स्वामी दयाल सहित 14 घरों को राख के ढेर में बदल दिया। घरों के अधिकांश लोग खेतों में गेहूं काट रहे थे, जिससे उनके घर का सारा सामान जल गया। बाबू राम के यहां 27 अप्रैल को लड़की खुशबू की शादी थी। घर के सभी लोग गेहूं काटने गये थे। घर में रखा शादी का सारा सामान जलकर राख हो गया। इसमें बाबूराम की बीस हजार नकदी व जेवर भी जल गये। सेवक राम के एक बछड़े की जलकर मौत हो गई। वहीं दो गायें झुलस गईं। 18 अप्रैल को रामफल के घर से लगी आग में श्यामू, रामपाल, दौलतराम, रामजीवन, इंद्रेश, पैकरमा आदि के घर जल गए थे। इसके अगले दिन लाला राम के घर आग लग गई। 20 अप्रैल को जगदीश का घर जलने लगा था। गांव के लोगों का कहना है कि वह रात-रात जगकर घर की रखवाली कर रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि आग रंजिशन लगाई जा रही है। सूचना पर पहुंचे हलका लेखपाल अजय कुमार ने गांव जाकर नुकसान का जायजा लिया। जल्द ही सरकार से मिलने वाली मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
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