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Bareilly News: भमोरा में थमा फाइलेरिया, 70 फीसदी सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव
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बरेली। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत रोगियों की पहचान के लिए नाइट ब्लड सर्वे के तहत भमोरा के रक्त नमूनों की जांच पूरी हो गई। एक हजार पट्टिका की रिपोर्ट निगेटिव मिली। इससे भमोरा को संवेदनशील सूची से हटाने की उम्मीद है।
जिला मलेरिया विभाग की रिपोर्ट के अनुसार भमोरा, फरीदपुर और क्यारा से करीब दो हजार ब्लड सैंपल लिए गए थे। फरीदपुर और क्यारा की रक्त पट्टिकाओं में भी 70 फीसदी की जांच हो चुकी है, लेकिन कोई पॉजिटिव नहीं मिली। जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक जिले में फाइलेरिया लिंफोडर्मा के 185 मरीज हैं। जिन्हें एमएमडीपी किट बांटी जा चुकी है। 63 हाइड्रोसीज के मरीज मिले। जिनका ऑपरेशन जिला अस्पताल में हो चुका है। बताया कि फाइलेरिया भी मच्छरजनित रोग है। लिहाजा, विभागीय लार्वानाशी कार्रवाई से संक्रमण पर अंकुश लगा।
बताया कि रैंडम लिए गए माइक्रोस्क्रोपिक नाइट ब्लड सैंपल की जांच की निगेटिव रिपोर्ट से फाइलेरिया थमने के संकेत मिले हैं। लोगों को बचाव के प्रति स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय कर रही हैं। वर्ष में दो बार फाइलेरिया से बचाव की खुराक भी लोगों को निशुल्क खिलाई जा रही हैं। ब्यूरो
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जिला मलेरिया विभाग की रिपोर्ट के अनुसार भमोरा, फरीदपुर और क्यारा से करीब दो हजार ब्लड सैंपल लिए गए थे। फरीदपुर और क्यारा की रक्त पट्टिकाओं में भी 70 फीसदी की जांच हो चुकी है, लेकिन कोई पॉजिटिव नहीं मिली। जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक जिले में फाइलेरिया लिंफोडर्मा के 185 मरीज हैं। जिन्हें एमएमडीपी किट बांटी जा चुकी है। 63 हाइड्रोसीज के मरीज मिले। जिनका ऑपरेशन जिला अस्पताल में हो चुका है। बताया कि फाइलेरिया भी मच्छरजनित रोग है। लिहाजा, विभागीय लार्वानाशी कार्रवाई से संक्रमण पर अंकुश लगा।
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बताया कि रैंडम लिए गए माइक्रोस्क्रोपिक नाइट ब्लड सैंपल की जांच की निगेटिव रिपोर्ट से फाइलेरिया थमने के संकेत मिले हैं। लोगों को बचाव के प्रति स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय कर रही हैं। वर्ष में दो बार फाइलेरिया से बचाव की खुराक भी लोगों को निशुल्क खिलाई जा रही हैं। ब्यूरो
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