{"_id":"68c1ebdb0e9a68ed2b00cb5b","slug":"fertilizer-is-not-being-made-from-garbage-medicinal-garden-destroyed-bareilly-news-c-4-vns1074-722843-2025-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: कचरे से नहीं बन रही खाद, उजड़ गई औषधि वाटिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: कचरे से नहीं बन रही खाद, उजड़ गई औषधि वाटिका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। जिला महिला चिकित्सालय से निकलने वाले कचरे से बनी खाद का इस्तेमाल कर औषधि वाटिका सहित परिसर को हरा-भरा बनाने की योजना पांच साल में सूख गई। रोपे गए 40 पौधों में से सिर्फ पांच ही बचे हैं। खाद बनाने के लिए बनाई गई कंपोस्ट पिट लापता हो गई है। इसमें उगी झाड़ियों में मच्छर पनप रहे हैं। शाम ढलते ही अस्पताल के कुछ स्टाफ और महिला मरीजों के साथ आए तीमारदार शाम ढलते ही पार्क में डेरा जमा लेते हैं। झाड़ियों के बीच शराब की खाली बोतलें और खाद्य सामग्री के पैकेट फेंके गए हैं।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत चिकित्सालय परिसर को संवारने का सिलसिला शुरू हुआ। प्राप्त बजट से परिसर में वाटिका का निर्माण कराया गया। उसमें तुलसी, एलोवेरा, अश्वगंधा, ब्राह्मी, सतावर, गिलोय, सर्पगंधा, कालमेघ आदि 40 प्रकार के पौधे लगे। अस्पताल के पुराने भवन के पीछे दो हौज वाली कंपोस्ट पिट बनाई गई, ताकि पौधों की पत्तियों और अस्पताल से निकलने वाले कचरे की खाद बनाकर पौधों में डाली जा सके। भविष्य में वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने की भी योजना थी, लेकिन निगरानी के अभाव में योजना दम तोड़ गई। अब वाटिका में नीम, तुलसी, कढ़ी पत्ता, ग्रीन हेज, नींबू के पौधे ही बचे हैं। ब्यूरो
--
जो पौधे सूख गए हैं, उनकी जगह दूसरे लगवाए जाएंगे। कंपोस्ट पिट का प्रयोग हो रहा है। पार्क में नशे के सेवन का मामला संज्ञान में नहीं है, इसे दिखवाएंगे। झाड़ियों की कटाई पूर्व में हुई थी, फिर सफाई करा दी जाएगी। - डॉ. त्रिभुवन प्रसाद, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत चिकित्सालय परिसर को संवारने का सिलसिला शुरू हुआ। प्राप्त बजट से परिसर में वाटिका का निर्माण कराया गया। उसमें तुलसी, एलोवेरा, अश्वगंधा, ब्राह्मी, सतावर, गिलोय, सर्पगंधा, कालमेघ आदि 40 प्रकार के पौधे लगे। अस्पताल के पुराने भवन के पीछे दो हौज वाली कंपोस्ट पिट बनाई गई, ताकि पौधों की पत्तियों और अस्पताल से निकलने वाले कचरे की खाद बनाकर पौधों में डाली जा सके। भविष्य में वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने की भी योजना थी, लेकिन निगरानी के अभाव में योजना दम तोड़ गई। अब वाटिका में नीम, तुलसी, कढ़ी पत्ता, ग्रीन हेज, नींबू के पौधे ही बचे हैं। ब्यूरो
विज्ञापन
जो पौधे सूख गए हैं, उनकी जगह दूसरे लगवाए जाएंगे। कंपोस्ट पिट का प्रयोग हो रहा है। पार्क में नशे के सेवन का मामला संज्ञान में नहीं है, इसे दिखवाएंगे। झाड़ियों की कटाई पूर्व में हुई थी, फिर सफाई करा दी जाएगी। - डॉ. त्रिभुवन प्रसाद, सीएमएस
विज्ञापन