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Bareilly News: खेत पी रहे 70% पानी, दो फीसदी से बुझ रही प्यास

Mon, 26 May 2025 02:41 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 26 May 2025 02:41 AM IST
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Farms are drinking 70% of the water, thirst is being quenched with two percent
बरेली। भूगर्भ जल के दोहन की स्थिति चिंताजनक है। कृषि कार्यों में करीब 70 फीसदी भूजल का इस्तेमाल हो रहा है। 22 फीसदी पानी उद्योग पी रहे हैं। आठ फीसदी का इस्तेमाल घरेलू कार्यों में हो रहा है। इसमें से दो फीसदी से भी कम पानी से हमारी प्यास बुझ रही है। विकसित देशों में 11 फीसदी पानी का इस्तेमाल घरेलू कार्यों में होता है। वहां उद्योगों में सर्वाधिक 59 तो कृषि कार्यों में 30 फीसदी पानी का इस्तेमाल होता है। यह दावा भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान आईवीआरआई के वैज्ञानिकों ने अपने शोध में किया है।
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आईवीआरआई के पशुधन उत्पादन एवं प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हरिओम पांडेय के मुताबिक, विकसित देशों में फसलों की सिंचाई के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर आदि तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए वहां कृषि क्षेत्र में पानी की खपत कम होती है। किसानों को यह समझना होगा कि कृषि कार्यों और पशुधन उत्पादन (दूध, मांस) के साथ ही, भूजल का संरक्षण भी जरूरी है। इस अध्ययन में दूसरे देशों में हुए शोध का भी संदर्भ लिया गया है।
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औसतन एक लीटर दूध के लिए खपा रहे 850 लीटर पानी
डॉ. हरिओम के मुताबिक, दूध उत्पादन में पानी के प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष इस्तेमाल का पता लगाने के लिए बीते वर्ष शोध शुरू हुआ था। पशुधन उत्पादन इकाइयों के आकलन में पता चला कि एक किलो दूध उत्पादन के लिए औसतन 850 लीटर पानी का इस्तेमाल हो रहा है। पानी की ये मात्रा अप्रत्यक्ष रूप से उनके आहार उत्पादन, रखरखाव में इस्तेमाल होती है। करीब 91 फीसदी पशु चारा, दो फीसदी सफाई, पांच फीसदी नहलाने में और 0.50 फीसदी मिल्क पार्लर में खर्च होता है। प्रतिदिन एक फीसदी करीब 70-80 लीटर पानी पशु पीते हैं।
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जल संकट से निपटने में कारगर साबित होगा शोध
डॉ. हरिओम के मुताबिक, पृथ्वी पर मौजूद 97 फीसदी पानी खारा है। शेष तीन में 2.5 फीसदी पानी बर्फ के रूप में है। मनुष्य, पशु आदि जीवों के लिए सिर्फ 0.5 फीसदी पानी उपलब्ध है। इसलिए भूजल का संरक्षण बेहद जरूरी है। आईवीआरआई निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त के मुताबिक, जल संकट से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर अभियान चल रहे हैं। शोध रिपोर्ट नीति निर्माताओं के लिए आधार बन सकती है। किसानों, वैज्ञानिकों को मिलकर जल संरक्षण के उपाय खोजने होंगे। ब्यूरो
जल संरक्षण के उपाय
- ऐसे चारे और आहार का उपयोग करें, जिसके उत्पादन में कम पानी लगे।
- पानी के पुनर्चक्रण से खपत को कम किया जाए।
- जल-संरक्षण तकनीकों का उपयोग करें।
- ड्रिप, स्प्रिंकलर विधि से सिंचाई करें। बिना जरूरत परिसर की धुलाई न करें।

प्रति किलो खाद्य पदार्थों के उत्पादन में इस्तेमाल हो रहा पानी
खाद्य उत्पाद पानी
हरी सब्जी 322
आलू 983
फल 962
अनाज 1,644
मक्खन 5,550
पनीर 1,310
मुर्गी का मांस 4,325
पशु मांस 15,415
बीयर 298
(नोट : आंकड़े आईवीआरआई की शोध रिपोर्ट के अनुसार, पानी की मात्रा लीटर में)
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