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हताश किसानों ने आपा खोया, लेखपाल को पीटा
बरेली
Updated Fri, 17 Jul 2015 01:30 AM IST
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बहेड़ी। बर्बाद फसल का मुआवजा अब तक न मिलने और लेखपालों के नखरों से हताश किसानों का सब्र बृहस्पतिवार को जवाब दे गया। चेक के बदले घूस मांगने पर उन्होंने तहसील परिसर में एक लेखपाल को पीट दिया। इससे अफरातफरी मच गई। गुस्साए लेखपालों ने भी एक किसान को पकड़कर तहसीलदार के चैंबर में बंद कर धुन दिया। लेखपाल की तहरीर पर दो नामजद और तीन अज्ञात किसानों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई है।
दीननगर के गांव के किसान बृहस्पतिवार दोपहर चेक न मिलने की शिकायत लेकर तहसील परिसर पहुंचे थे। टंडन कुमार और दुर्योधन सिंह आदि किसानों ने सर्किल के लेखपाल गिरवर लाल से इसका कारण जाना तो दोनों पक्षों में विवाद होने लगा। लेखपाल ने चार दिन पहले तैनाती होने का हवाला दिया और सर्वे की लिस्ट लेकर चेक बनाने का काम शुरू करने की बात कही। आरोप है किसानों ने उनकी नहीं सुनी और लेखपाल को पीट दिया। मारपीट की घटना से तहसील परिसर में अफरातफरी मच गई। लेखपाल भागकर कानूनगो के कमरे में पहुंच गए। लेखपालों ने किसान दुर्योधन सिंह को पकड़कर तहसीलदार के चेंबर में बंद कर दिया। आरोप है कि वहां तहसीलदार ने भी किसान को पीटा। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और किसान को पकड़कर थाने ले जाने लगी। इस पर किसान फिर भड़क गए। उन्होंने हंगामा कर दिया। पुलिस ने लेखपाल का मेडिकल कराया और दुर्योधन सिंह, टंडन कुमार और तीन अज्ञात के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, ड्यूटी के दौरान लेखपाल के साथ मारपीट करने का मामला दर्ज किया।
इंसेट-
फोटो
मुझे तहसीलदार ने भी पीटा, रिपोर्ट नहीं लिखी
बहेड़ी। किसान दुर्योधन सिंह ने कहा कि लेखपाल प्रति चेक के दौ सौ रुपये की डिमांड कर रहे थे। किसानों ने पैसे देने से इन्कार किया तो लेखपाल ने गाली गलौच की और चेक बनाने का काम बंद कर दिया। किसान ने तहसीलदार पर चेंबर में बंद कर मारपीट करने और गाली देने का भी आरोप लगाया। यह भी कहा कि पुलिस ने उसकी तहरीर लेने के बाद भी मुकदमा लिखने से इन्कार कर दिया।
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वर्जन-
सरकारी मुलाजिम के साथ इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कितनी भी नेतागिरी हो जाए, सभी आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। जंगल राज कायम नहीं होने दिया जाएगा।
-प्रमोद कुमार यादव सीओ बहेड़ी।
वर्जन-
मैंने किसान के साथ किसी तरह की मारपीट नहीं की। किसानों ने सभी के सामने लेखपाल को पीटा है। किसान लेखपाल को गिरा-गिरा कर मार रहे थे। दीननगर में तैनात लेखपाल अमर सिंह का तबादला फरीदपुर होने के बाद चार दिन पहले ही गिरवर लाल ने चार्ज लिया है।
-अजय कुमार उपाध्याय तहसीलदार बहेड़ी।
...........
दूसरी खबर
फोटो : 16 बीएचआर 6 : बहेड़ी में पूर्व विधायक की अगुवाई में दीननगर के लोगों ने थाने में प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने थाने में प्रदर्शन किया
बहेड़ी। किसान की तहसीलदार के चैंबर में पिटाई और मुकदमा दर्ज होने पर दीननगर गांव के लोग रात आठ बजे थाना पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शन कर मुकदमा खारिज किए जाने की मांग की।
पूर्व विधायक छत्रपाल सिंह की अगुवाई में आए किसानों का आरोप था कि तहसीलदार ने किसान को अपने चेंबर में बंद कर पीटा और बाद में झूठा मुकदमा कायम करा दिया। ग्रामीणों ने लेखपाल पर बिना पैसा लिए मुआवजे के चेक न बनाए जाने का भी आरोप लगाया। छत्रपाल सिंह गंगवार ने पुलिस को चेतावनी दी कि कि यदि किसान के खिलाफ मुकदमा खारिज नहीं हुआ तो वह खुद प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर सुरेश गंगवार, देवेंद्र सिंह, राकेश कुमार, सेवा राम, धर्मपाल, नुक्ता प्रसाद आदि मौजूद थे। उधर, सांसद प्रतिनिधि सुनील गंगवार ने कहा कि उन्होंने थाना पहुंचकर किसान और लेखपाल के बीच फैसला कराने के प्रयास किए लेकिन सीओ ने इन्कार कर दिया।
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दीननगर के गांव के किसान बृहस्पतिवार दोपहर चेक न मिलने की शिकायत लेकर तहसील परिसर पहुंचे थे। टंडन कुमार और दुर्योधन सिंह आदि किसानों ने सर्किल के लेखपाल गिरवर लाल से इसका कारण जाना तो दोनों पक्षों में विवाद होने लगा। लेखपाल ने चार दिन पहले तैनाती होने का हवाला दिया और सर्वे की लिस्ट लेकर चेक बनाने का काम शुरू करने की बात कही। आरोप है किसानों ने उनकी नहीं सुनी और लेखपाल को पीट दिया। मारपीट की घटना से तहसील परिसर में अफरातफरी मच गई। लेखपाल भागकर कानूनगो के कमरे में पहुंच गए। लेखपालों ने किसान दुर्योधन सिंह को पकड़कर तहसीलदार के चेंबर में बंद कर दिया। आरोप है कि वहां तहसीलदार ने भी किसान को पीटा। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और किसान को पकड़कर थाने ले जाने लगी। इस पर किसान फिर भड़क गए। उन्होंने हंगामा कर दिया। पुलिस ने लेखपाल का मेडिकल कराया और दुर्योधन सिंह, टंडन कुमार और तीन अज्ञात के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, ड्यूटी के दौरान लेखपाल के साथ मारपीट करने का मामला दर्ज किया।
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फोटो
मुझे तहसीलदार ने भी पीटा, रिपोर्ट नहीं लिखी
बहेड़ी। किसान दुर्योधन सिंह ने कहा कि लेखपाल प्रति चेक के दौ सौ रुपये की डिमांड कर रहे थे। किसानों ने पैसे देने से इन्कार किया तो लेखपाल ने गाली गलौच की और चेक बनाने का काम बंद कर दिया। किसान ने तहसीलदार पर चेंबर में बंद कर मारपीट करने और गाली देने का भी आरोप लगाया। यह भी कहा कि पुलिस ने उसकी तहरीर लेने के बाद भी मुकदमा लिखने से इन्कार कर दिया।
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सरकारी मुलाजिम के साथ इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कितनी भी नेतागिरी हो जाए, सभी आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। जंगल राज कायम नहीं होने दिया जाएगा।
-प्रमोद कुमार यादव सीओ बहेड़ी।
वर्जन-
मैंने किसान के साथ किसी तरह की मारपीट नहीं की। किसानों ने सभी के सामने लेखपाल को पीटा है। किसान लेखपाल को गिरा-गिरा कर मार रहे थे। दीननगर में तैनात लेखपाल अमर सिंह का तबादला फरीदपुर होने के बाद चार दिन पहले ही गिरवर लाल ने चार्ज लिया है।
-अजय कुमार उपाध्याय तहसीलदार बहेड़ी।
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दूसरी खबर
फोटो : 16 बीएचआर 6 : बहेड़ी में पूर्व विधायक की अगुवाई में दीननगर के लोगों ने थाने में प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने थाने में प्रदर्शन किया
बहेड़ी। किसान की तहसीलदार के चैंबर में पिटाई और मुकदमा दर्ज होने पर दीननगर गांव के लोग रात आठ बजे थाना पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शन कर मुकदमा खारिज किए जाने की मांग की।
पूर्व विधायक छत्रपाल सिंह की अगुवाई में आए किसानों का आरोप था कि तहसीलदार ने किसान को अपने चेंबर में बंद कर पीटा और बाद में झूठा मुकदमा कायम करा दिया। ग्रामीणों ने लेखपाल पर बिना पैसा लिए मुआवजे के चेक न बनाए जाने का भी आरोप लगाया। छत्रपाल सिंह गंगवार ने पुलिस को चेतावनी दी कि कि यदि किसान के खिलाफ मुकदमा खारिज नहीं हुआ तो वह खुद प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर सुरेश गंगवार, देवेंद्र सिंह, राकेश कुमार, सेवा राम, धर्मपाल, नुक्ता प्रसाद आदि मौजूद थे। उधर, सांसद प्रतिनिधि सुनील गंगवार ने कहा कि उन्होंने थाना पहुंचकर किसान और लेखपाल के बीच फैसला कराने के प्रयास किए लेकिन सीओ ने इन्कार कर दिया।