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UP Budget 2023: बजट पर किसान नेता वीएम सिंह ने उठाए सवाल, कहा- समय पर क्यों नहीं मिलता गन्ना का भुगतान
Wed, 22 Feb 2023 08:31 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाल ब्यूरो, बरेली
अमर उजाल ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 22 Feb 2023 08:31 PM IST
सार
किसान नेता वीएम सिंह ने कहा कि सरकार को 14 दिन की अवधि में गन्ना मूल्य का भुगतान दिलाना चाहिए। भुगतान न होने पर ब्याज दिलाना चाहिए, लेकिन दोनों काम नहीं हो पा रहे हैं। किसान परेशान हैं।
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किसान नेता वीएम सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2023-24 के लिए 6,90,242 करोड़ 43 लाख रुपये का बजट पेश किया है। इसमें दावा किया गया है कि गन्ना किसानों को छह वर्ष में 1,96,00 करोड़ रुपये के भुगतान किए गए हैं। जब बजट एक वर्ष का है तो बीते छह वर्ष के आकड़े बताकर वाहवाही लूटने का मतलब क्या है। ऐसे आकड़ों पर भरोसा कैसे करें।
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वीएम सिंह ने कहा कि अगर आप आकड़ों की तह तक जाएं तो स्पष्ट होता है कि बीते वर्ष चीनी निगम और सहकारिता क्षेत्र में संचालित चीनी मिलों ने 3396.67 करोड़ रुपये तथा निजी क्षेत्र की चीनी मिलों ने 31801.93 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा था। इसका भी शत प्रतिशत भुगतान नहीं हुआ है लेकिन सरकार ने छह वर्ष के भुगतान को जोड़कर अपने खाते में वाहवाही दर्ज करने का प्रयास किया है।
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'सरकार की उपलब्धि कैसे हुई ?'
उन्होंने सवाल उठाया कि मैं पूछना चाहता हूं कि किसानों को उनकी मेहनत का गन्ना मूल्य निजी चीनी मिलों से मिला है तो सरकार इसे अपनी उपलब्धि कैसे गिना सकती है। अच्छा होता सरकार बजट में गन्ने पर बोनस घोषित करती। बकाया पर ब्याज दिलाने के लिए बजट में प्रावधान करती तो बेहतर होता।उन्होंने कहा कि सभी लोग जानते हैं कि महंगाई बढ़ी है पर गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया गया। बोनस की उम्मीद थी उस पर भी सरकार चुप साध गई। सरकार को 14 दिन की अवधि में भुगतान दिलाना चाहिए और भुगतान न होने पर ब्याज दिलाना चाहिए पर दोनों काम नहीं हो पा रहे हैं।