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फरीदपुर पुलिस का खेल, चोरी में बरामद जेवर निकले नकली
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फरीदपुर। फरीदपुर पुलिस पर कस्सावान मोहल्ले की रहने वाली रेहाना ने चोरों से बरामद जेवर की जगह उसे नकली जेवरात सौंपने का आरोप लगाते हुए सीओ से शिकायत की है। सीओ ने महिला को जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
फरीदपुर के मोहल्ला कस्सावान में रहने वाली अंगूरी उर्फ रेहाना ने सीओ फरीदपुर सुनील कुमार राय को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि पिछले साल चार दिसंबर की रात वह अपने भाई शाहिद के घर गई थी। रात करीब 12 बजे मोहल्ला फर्रखपुर का इकबाल घर में घुस आया और उसका बैग निकालकर भाग गया। बैग में सोने की चार चूड़ियां, सोने की दो झुमकी, एक अंगूठी, मंगलसूत्र और कुछ रुपये थे।
उसके भाई शाहिद की ओर से फरीदपुर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सात दिसंबर को तत्कालीन इंस्पेक्टर की मौजूदगी में पुलिस ने आरोपी इकबाल को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो चूड़ी, दो कान की झुमकी, एक अंगूठी, 1250 रुपये और एक मोबाइल बरामद किया। मामले की विवेचना कर रहे दरोगा ने उसे थाने बुलाकर बरामद सामान दिखाया, जो तीन प्लास्टिक के डिब्बों में था। उसने और उसके भाई ने हाथ में लेकर जेवर देखने चाहे तो पुलिस ने मना कर दिया था। दरोगा ने उसे भरोसा दिलाया कि सारा माल सोने का है और उसका ही है। दरोगा ने यह भी कहा कि अभी एक आरोपी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के बाद बाकी जेवर भी बरामद कर लिए जाएंगे।
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इसके बाद उसने कोर्ट में बरामद माल सुपुर्दगी में लेने के लिए अर्जी दाखिल की। इस पर कोर्ट ने फरीदपुर पुलिस को जेवर उसकी सुपुर्दगी में देने के आदेश दिए। 13 जनवरी को वह अपने जेवर लेने थाने पहुंची तो पुलिस ने उसे जेवर सौंप दिए। जब उसने जेवर चेक किए तो उसके नहीं थे। सारे जेवर नकली थे। उसने लेने से मना किया तो दरोगा ने जबरन जेवर देकर थाने से भेज दिया। बताया कि पुलिस ने सुपुर्दगी कागजातों पर जेवर दिखाने से पहले ही उसके हस्ताक्षर करा लिए थे। पीड़ित महिला ने सीओ से मामले में कार्रवाई मांग की है। सीओ ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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फरीदपुर के मोहल्ला कस्सावान में रहने वाली अंगूरी उर्फ रेहाना ने सीओ फरीदपुर सुनील कुमार राय को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि पिछले साल चार दिसंबर की रात वह अपने भाई शाहिद के घर गई थी। रात करीब 12 बजे मोहल्ला फर्रखपुर का इकबाल घर में घुस आया और उसका बैग निकालकर भाग गया। बैग में सोने की चार चूड़ियां, सोने की दो झुमकी, एक अंगूठी, मंगलसूत्र और कुछ रुपये थे।
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उसके भाई शाहिद की ओर से फरीदपुर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सात दिसंबर को तत्कालीन इंस्पेक्टर की मौजूदगी में पुलिस ने आरोपी इकबाल को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो चूड़ी, दो कान की झुमकी, एक अंगूठी, 1250 रुपये और एक मोबाइल बरामद किया। मामले की विवेचना कर रहे दरोगा ने उसे थाने बुलाकर बरामद सामान दिखाया, जो तीन प्लास्टिक के डिब्बों में था। उसने और उसके भाई ने हाथ में लेकर जेवर देखने चाहे तो पुलिस ने मना कर दिया था। दरोगा ने उसे भरोसा दिलाया कि सारा माल सोने का है और उसका ही है। दरोगा ने यह भी कहा कि अभी एक आरोपी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के बाद बाकी जेवर भी बरामद कर लिए जाएंगे।
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इसके बाद उसने कोर्ट में बरामद माल सुपुर्दगी में लेने के लिए अर्जी दाखिल की। इस पर कोर्ट ने फरीदपुर पुलिस को जेवर उसकी सुपुर्दगी में देने के आदेश दिए। 13 जनवरी को वह अपने जेवर लेने थाने पहुंची तो पुलिस ने उसे जेवर सौंप दिए। जब उसने जेवर चेक किए तो उसके नहीं थे। सारे जेवर नकली थे। उसने लेने से मना किया तो दरोगा ने जबरन जेवर देकर थाने से भेज दिया। बताया कि पुलिस ने सुपुर्दगी कागजातों पर जेवर दिखाने से पहले ही उसके हस्ताक्षर करा लिए थे। पीड़ित महिला ने सीओ से मामले में कार्रवाई मांग की है। सीओ ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है।