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फर्जी एफडी लगाकर पाए टेंडर, नगर निगम ने रोका भुगतान

Sat, 14 May 2022 01:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 14 May 2022 01:12 AM IST
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fake fd submitted in nagar nigam, payment stopped
बरेली। बतौर सिक्योरिटी फर्जी बैंक एफडी के कागज देकर दो ठेकेदारों ने नगर निगम से करीब 31 लाख के कामों के टेंडर स्वीकृत करा लिए। मामला खुलने के बाद नगर निगम ने उनके भुगतान पर रोक लगा दी है। करीब 15 और ठेकेदार शक के दायरे में हैं लिहाजा जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। इस खेल में नगर निगम के कुछ बाबुओं के शामिल होने का भी अंदेशा जताया जा रहा है।
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नगर निगम ने कुछ समय पहले सीसी टाइल्स, सड़क और नाली निर्माण के टेंडर मांगे थे। इसके बाद एक फर्म ने वार्ड 29 की अवधाम विस्तार कॉलोनी में गंगवार ऑटो सर्विस से राजेश के मकान तक और इससे लिंक गलियों में सीसी टाइल्स सड़क, नाली के निर्माण का टेंडर 21.62 लाख का लिया था। दूसरी फर्म ने वार्ड 66 बजरिया पूरनमल में कटरा मानराय चौराहे से चुन्ना मियां मंदिर होकर नाला रोड पर सड़क सुधार कार्य किया। यह टेंडर 9.96 लाख का था।
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दोनों ठेकेदारों की ओर से नगर निगम को बतौर सिक्योरिटी दिए गए एफडी के कागज संबंधित बैंकों में सत्यापन के लिए भेजे गए तो उनके फर्जी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद दोनों ठेकेदारों के भुगतान पर रोक लगा दी गई। कुछ और ठेकेदारों पर शक की वजह से उनका भुगतान भी रोक दिया गया है। नगर निगम 15 ठेकेदारों की फाइलों की दोबारा जांच करा रहा है।
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ऐसे हुआ खेल
ठेकेदारों को हर टेंडर के लिए बतौर परफॉर्मेंस गारंटी और जमानती राशि एफडी देनी पड़ती हैं। कुछ ठेकेदारों ने एक ही एफडी की कलर फोटो कॉपी बनवाकर उसका बार-बार प्रयोग किया है। कुछ फाइलों में एफडी की फोटोकॉपी इतना धुंधली हैं जिसे पढ़ना तक मुश्किल है। ऐसी कॉपियों को क्यों स्वीकार किया गया, यह सवाल भी उठ रहा है। बहरहाल अफसरों ने पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं।
सैदपुर हाकिंस में नहीं शुरू हुआ काम
सैदपुर हाकिंस में कुछ ठेकेदारों को सड़क और नाली बनाने का काम दिया गया था। तीन महीने में निर्माण पूरा करना था लेकिन पांच महीने बाद भी काम नहीं किया गया। यहां काम करने वाले तीन ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं।

कुछ निर्माण कार्यों की फाइलों में एफडी फर्जी लगाने की शिकायतें मिली हैं। प्रथमदृष्टया केस संदिग्ध हैं। दो फर्मों के भुगतान पर रोक लगा दी है। मामले की जांच के बाद आगे कार्रवाई होगी। - भूपेश कुमार सिंह, मुख्य अभियंता नगर निगम
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