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फर्जी प्रमाणपत्र मामला : जांच में 200 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र फर्जी मिले, दर्ज होगी रिपोर्ट

Sat, 31 Aug 2024 07:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 31 Aug 2024 07:05 AM IST
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Fake certificate case: Investigation found 200 fake birth-death certificates, report will be filed
बरेली। साइबर सेल से मिली जांच सीएमओ कार्यालय ने पूरी कर ली है। 200 जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। इन्हें बनाने वाले गिरोह की जड़े यूपी से हरियाणा तक फैली हैं। जौनपुर निवासी मास्टरमाइंड हेमंत कुमार की तलाश में एटीएस भी जुटी है। आसपास के जिलों में प्रमाणपत्रों का सत्यापन भी संबंधित विभागों को सौंप दिया है। जल्द ही तीनों जिलों के थानों में एफआईआर दर्ज कराई जाएंगी।
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जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने वाली सरकारी वेबसाइट से मिलते जुलते नाम वाली वेबसाइट से कई जिलों में प्रमाणपत्र बनाए गए हैं। हरियाणा के पंचकूला के थाना चंडी मंदिर में पिछली साल दिसंबर में और हापुड़ के देहात थाने में इसी साल ऐसे प्रमाणपत्रों का मामला पकड़े जाने पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विवेचना में पता लगा है कि गिरोह को जौनपुर का मास्टरमाइंड हेमंत कुमार संचालित कर रहा था। हेमंत व उसके साथियों के नाम मुकदमों में बढ़ाकर उनकी तलाश की जा रही है।
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आंवला में था केंद्र, कुंवरगांव और शाहबाद वालों के भी बनाए प्रमाणपत्र
पंचकूला से बरेली पुलिस को कुल 258 संदिग्ध जन्म मृत्यु प्रमाणपत्रों की सूची मिली थी जिनमें 200 बरेली के हैं। इनमें भी अस्सी फीसदी आंवला क्षेत्र के निवासी लोगों के हैं। बरेली में आंवला के अलावा भमोरा, मीरगंज व शीशगढ़ के लोगों के प्रमाणपत्र बनवाए गए हैं। बदायूं में थाना कुंवरगांव व रामपुर के शाहबाद थाना क्षेत्र के लोगों के प्रमाणपत्र बने हैं। कुंवरगांव व शाहबाद दोनों क्षेत्र आंवला से सटे हैं, इसलिए आंवला को ही फर्जीबाड़े का केंद्र माना जा रहा है। प्रमाणपत्रों के बारे में साइबर सेल ने सीएमओ, सीडीओ, नगर निकायों से सत्यापन रिपोर्ट मांगी है जहां से यह निर्गत किए जाने का जिक्र लिखा है। अब बरेली जिले के प्रमाणपत्र अवैध होने की रिपोर्ट मिल गई है।
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पानीपत पुलिस ने बरेली से पकड़ा शातिर
- फर्जी प्रमाणपत्र मामले में बरेली के लोगों के शामिल होने की पोल हाल ही में तब खुली जब पानीपत पुलिस ने यहां से प्रेमदास वर्मा पुत्र नाथूराम नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया और साथ ले गई। इस बारे में बरेली पुलिस को बाद में जानकारी दी गई। बताया जा रहा है कि प्रेमदास भी आंवला क्षेत्र का निवासी है। उसके गिरोह के बाकी लोगों की तलाश चल रही है।
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जनसेवा केंद्रों से चल रहा था फर्जीवाड़ा
- सीएमओ दफ्तर में देखा गया तो इन प्रमाणपत्रों की सीरिज वैध सीरिज से मेल ही नहीं खा रही थी। जांच में पता लगा कि सभी प्रमाणपत्र फर्जी हैं। इन जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के सहारे संबंधित लोगों ने आधार कार्ड और अन्य प्रमाणपत्र बनवाकर खेल किया है। इस लिहाज से इन लोगों पर कार्रवाई और भी ज्यादा जरूरी हो गई है। यह भी पुष्ट हुआ है सभी प्रमाणपत्र जनसेवा केंद्रों से ही बने हैं।
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- साइबर सेल की ओर से प्राप्त सभी प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई। यह हमारे कार्यालय से नहीं निर्गत हुए हैं। प्रमाणपत्र फर्जी तरीके से बनाए गए हैं। जांच रिपोर्ट से साइबर सेल को अवगत करा दिया गया है। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ बरेली

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- सीएमओ के स्तर से प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। उनकी रिपोर्ट में प्रमाणपत्र फर्जी साबित होंगे तो इस मामले में संबंधित लोगों और गिरोह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। - अनुराग आर्य, एसएसपी बरेली
अमर उजाला ब्यूरो
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