बरेली: मुकदमा वापस न लेने पर फैक्टरी कर्मचारी को मारी थी गोली, चार दिन बाद मौत
बरेली के सीबीगंज इलाके में गोली लगने से घायल हुए फैक्टरी कर्मचारी की मंगलवार सुबह मौत हो गई। मुकदमा वापस न लेने की रंजिश में 23 अक्तूबर की रात उन्हें गोली मार दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है।
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बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र में चार दिन पहले गोली लगने से घायल प्लाईवुड फैक्टरी कर्मी संतोष कुमार साहू (37 वर्ष) की मंगलवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि एक साल पहले दर्ज मुकदमे में समझौता करने से इन्कार करने पर उन्हें गोली मारी गई थी। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है। अब दर्ज मुकदमे को हत्या की धारा में तरमीम किया जाएगा।
संतोष कुमार साहू परसाखेड़ा स्थित एक प्लाईवुड फैक्टरी में काम करते थे। शुक्रवार रात करीब दस बजे वह गांव निवासी रामचंद्र के बेटे के मंडप की दावत खाकर घर लौट रहे थे। दुर्गा माता मंदिर के पास पहुंचते ही वहां पहले से घात लगाए बैठे गांव के ललित कुमार ने उन पर तमंचे से दो गोलियां चलाईं।
एक गोली संतोष के सिर में आंख के पास लगी, जबकि दूसरी छूकर निकल गई। फायरिंग में वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। गोली चलने और चीखपुकार की आवाज सुनकर गांव के पप्पू मौके पर पहुंचे। उन्होंने संतोष के परिजनों को सूचना दी। परिजन उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां मंगलवार सुबह मौत हो गई।
एक साल पहले दर्ज कराई थी रिपोर्ट
पुलिस के अनुसार, संतोष की पत्नी ने एक साल पहले ललित के खिलाफ मारपीट, अभद्रता समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि ललित मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बना रहा था। समझौता करने से इन्कार करने पर रंजिश बढ़ गई और इसी के चलते संतोष को गोली मार दी गई।
मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने ललित, रोहतास, महेंद्र पाल, विनोद (दोनों ओमप्रकाश के पुत्र), करन पुत्र महेंद्र पाल और मदन लाल पुत्र रामलाल के खिलाफ हत्या की कोशिश समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। सीओ टू नितिन कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद पुलिस मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाएगी।