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Bareilly News: घपला उजागर होने के बाद कार्यदायी फर्म रडार पर, अन्य कार्यों की होगी जांच
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बरेली। विद्युत वितरण खंड चतुर्थ के सनसिटी बिजली उपकेंद्र के पीरबहोड़ा में जेई अनिल कुमार के साथ मिलकर बिजली निगम को चूना लगाने वाली फर्म के अन्य कार्यों की भी जांच कराई जाएगी। एक काम में ही सात लाख से ज्यादा का घपला होने का अनुमान है। अन्य कार्यों में भी गड़बड़ी का अंदेशा है।
पीरबहोड़ा में नगर निकाय योजना में पिछले महीनों भूमिगत केबल डालने का काम किया गया था। कार्यदायी फर्म ने 295 मीटर भूमिगत केबल और 1200 मीटर एचडीपीई पाइप कम डाला, लेकिन जेई अनिल कुमार ने मेजर बुक में पूरा काम दर्शाकर फर्म को भुगतान करा दिया। स्थलीय सत्यापन में घपले का खुलासा हुआ तो जेई को निलंबित कर दिया गया।
बिजली निगम के एस्टीमेट पर गौर करें तो भूमिगत केबल की कीमत प्रति मीटर 800 रुपये और पाइप की कीमत प्रति मीटर 450 रुपये है। इसके अलावा लेबर चार्ज अतिरिक्त होता है। इस तरह अकेले पीरबहोड़ा में ही सात लाख रुपये से ज्यादा का घपला होने का अनुमान है।
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विभागीय सूत्रों ने बताया कि संबंधित फर्म ने अलग-अलग डिवीजन में भूमिगत केबल संबंधी अन्य 15 से ज्यादा काम कराए हैं। इन कार्यों में भी धांधली की गई है। मुख्य अभियंता रणविजय सिंह का कहना है कि जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित फर्म से वसूली भी होगी। संवाद
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पीरबहोड़ा में नगर निकाय योजना में पिछले महीनों भूमिगत केबल डालने का काम किया गया था। कार्यदायी फर्म ने 295 मीटर भूमिगत केबल और 1200 मीटर एचडीपीई पाइप कम डाला, लेकिन जेई अनिल कुमार ने मेजर बुक में पूरा काम दर्शाकर फर्म को भुगतान करा दिया। स्थलीय सत्यापन में घपले का खुलासा हुआ तो जेई को निलंबित कर दिया गया।
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बिजली निगम के एस्टीमेट पर गौर करें तो भूमिगत केबल की कीमत प्रति मीटर 800 रुपये और पाइप की कीमत प्रति मीटर 450 रुपये है। इसके अलावा लेबर चार्ज अतिरिक्त होता है। इस तरह अकेले पीरबहोड़ा में ही सात लाख रुपये से ज्यादा का घपला होने का अनुमान है।
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विभागीय सूत्रों ने बताया कि संबंधित फर्म ने अलग-अलग डिवीजन में भूमिगत केबल संबंधी अन्य 15 से ज्यादा काम कराए हैं। इन कार्यों में भी धांधली की गई है। मुख्य अभियंता रणविजय सिंह का कहना है कि जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित फर्म से वसूली भी होगी। संवाद