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Bareilly: लाखों की नौकरी छोड़ इंजीनियर बना ‘सड़कछाप चायवाला’, शुरू किया टी स्टॉल स्टार्टअप

Thu, 26 Oct 2023 12:17 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 26 Oct 2023 12:17 PM IST
सार

बरेली के पारस तोमर ने बेंगलुरू से बीटेक (मैकेनिकल) किया। बीटेक के बाद नोएडा की एक कंपनी में नौकरी मिली, लेकिन पारस ने कुछ अलग करने की चाह में नौकरी छोड़ दी। इसके बाद  'सड़कछाप चायवाला' के नाम से स्टार्टअप शुरू किया। 

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Engineer Paras Tomar left job worth lakhs and started startup with tea stall in Bareilly
अपने टी स्टॉल पर बैठे पारस तोमर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लाखों रुपये के सैलरी पैकेज को छोड़कर बरेली के इंजीनियर पारस तोमर ने स्वरोजगार की राह चुनी। 'सड़कछाप चायवाला' के नाम से स्टार्टअप शुरू करने वाले सुभाषनगर के पारस तोमर ने बताया कि उन्होंने बेंगलुरू से बीटेक (मैकेनिकल) किया। इसके बाद गुरुग्राम की एक कंपनी में 4.5 लाख सालाना के पैकेज पर नौकरी की। 

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पारस तोमर को नौकरी रास नहीं आई। कुछ दिनों बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और कुछ अलग करने को सोचा। नौकरी छोड़कर जब उन्होंने टी स्टॉल लगाने के बारे में परिजनों को बताया तो वे बहुत नाराज हुए। उनकी नाराजगी को नजरअंदाज कर पारस ने 'सड़कछाप चायवाला' नाम से स्टार्टअप शुरू किया।
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माता-पिता ने किया विरोध, बहन ने दिया साथ 
शहर के सलेक्शन प्वाइंट चौराहे पर लगे पारस तोमर के स्टॉल के सामने सुबह से शाम तक ग्राहक जुटे रहते हैं। लोग उनकी चाय के दीवाने हैं। पारस ने बताया कि परिजनों ने भले ही मेरे स्टार्टअप का विरोध किया, लेकिन बहन ने हर कदम पर साथ दिया। टी स्टॉल शुरू करने के बारे में बताया कि इसमें रिस्क और लागत दोनों ही कम है। बॉस की टेंशन भी नहीं है। वह इसका मार्केट समझ चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभी जवान हूं, रिस्क ले सकता हूं।

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कभी भी हार नहीं मानना मूलमंत्र 
पारस तोमर ने बताया कि शुरुआत में बहुत चुनौतियां आईं, लेकिन खुशी है कि अपना काम कर रहा हूं। उन्हें इस काम में खुशी भी मिल रही है। कभी भी हार नहीं मानना उनका मूलमंत्र है। वह बताते हैं कि अभी टी स्टॉल अच्छे से चल रहा है। आगे इसका विस्तार करने की योजना है। फिलहाल एक स्टॉल पर ही फोकस करना है। अपना काम छोटा हो या बड़ा, इस करने में बिल्कुल हिचकना नहीं चाहिए। 
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