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Bareilly News: नौ साल तक सहा दिल में छेद का दर्द, अब लौटी मुस्कान
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बरेली। जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे रिठौरा निवासी नौ वर्षीय आशीष को दिल के छेद के सफल ऑपरेशन से नई जिंदगी मिली है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अलीगढ़ जेएन मेडिकल कॉलेज में मुफ्त सर्जरी हुई। वहीं, चार बच्चों के कटे होंठ, तालू की भी निशुल्क सर्जरी कराई गई।
आरबीएसके के नोडल अधिकारी डॉ. पवन कपाही के मुताबिक, रिठौरा निवासी हरीश के बेटे आशीष को जन्म से दिल में छेद था। बीते दिनों आरबीएसके टीम के सर्वे में केस चिह्नित कर पुष्टि के लिए बच्चे को जिला अस्पताल रेफर किया।
विशेषज्ञ की जांच में दिल में छेद की पुष्टि के बाद निशुल्क सर्जरी के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज से संपर्क किया गया। जहां दो दिन पूर्व सफल सर्जरी हुई। निगरानी के बाद बच्चे की सेहत में सुधार होने पर शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया।
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डॉ. कपाही के मुताबिक समय पर पहचान और इलाज से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का जीवन सामान्य हो सकता है। आरबीएसके के जरिये ऐसे बच्चों को चिह्नित कर निशुल्क जांच के बाद रोग की पुष्टि पर जरूरत के अनुसार इलाज और सर्जरी निशुल्क कराई जाती है।
बच्चों की मुस्कान के लिए तरस रहे थे परिजन
चार मासूम बच्चों के कटे होंठ (क्लेफ्ट लिप) और कटे तालु (क्लेफ्ट पैलेट) की आगरा स्थित सारस्वत हॉस्पिटल में पिछले सप्ताह सर्जरी हुई। फतेहगंज पश्चिमी के अगरास निवासी किशनपाल की सात माह की बेटी नैना, भमोरा के नागलाखेड़ा निवासी खेमकरन की नौ माह की बेटी पूर्वी, कुआंडांडा के मझौआ हेतराम निवासी बृजेश की चार माह की बेटी आरुषि, भोजीपुरा निवासी नितिन के नौ माह के बेटे रिधांश की सर्जरी कराई गई।
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आरबीएसके के नोडल अधिकारी डॉ. पवन कपाही के मुताबिक, रिठौरा निवासी हरीश के बेटे आशीष को जन्म से दिल में छेद था। बीते दिनों आरबीएसके टीम के सर्वे में केस चिह्नित कर पुष्टि के लिए बच्चे को जिला अस्पताल रेफर किया।
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विशेषज्ञ की जांच में दिल में छेद की पुष्टि के बाद निशुल्क सर्जरी के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज से संपर्क किया गया। जहां दो दिन पूर्व सफल सर्जरी हुई। निगरानी के बाद बच्चे की सेहत में सुधार होने पर शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया।
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डॉ. कपाही के मुताबिक समय पर पहचान और इलाज से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का जीवन सामान्य हो सकता है। आरबीएसके के जरिये ऐसे बच्चों को चिह्नित कर निशुल्क जांच के बाद रोग की पुष्टि पर जरूरत के अनुसार इलाज और सर्जरी निशुल्क कराई जाती है।
बच्चों की मुस्कान के लिए तरस रहे थे परिजन
चार मासूम बच्चों के कटे होंठ (क्लेफ्ट लिप) और कटे तालु (क्लेफ्ट पैलेट) की आगरा स्थित सारस्वत हॉस्पिटल में पिछले सप्ताह सर्जरी हुई। फतेहगंज पश्चिमी के अगरास निवासी किशनपाल की सात माह की बेटी नैना, भमोरा के नागलाखेड़ा निवासी खेमकरन की नौ माह की बेटी पूर्वी, कुआंडांडा के मझौआ हेतराम निवासी बृजेश की चार माह की बेटी आरुषि, भोजीपुरा निवासी नितिन के नौ माह के बेटे रिधांश की सर्जरी कराई गई।