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अतिक्रमण हटाओ अभियान : सिकलापुर में परिवार ने किया हंगामा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 16 Mar 2018 11:45 PM IST
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अतिक्रमण हटाओ अभियान में रुकावट डालने के लिए कहीं महिलाएं तो कहीं बच्चों को ढाल बनाया जा रहा है लेकिन निगम की सख्ती के आगे सारे मंसूबे फेल हो रहे हैं। शुक्रवार को अभियान के दौरान परिवार बच्चे को लेकर सामने आ गया और बुल्डोजर के आगे बच्चा फेंकने की धमकी दी तो निगम टीम थम गई। इसके बाद परिवार को समझाकर उनका स्लैब ध्वस्त कर दिया गया। कई अन्य जगह भी जमकर हंगामा हुआ। इसके अलावा दूसरी टीम ने सुभाषनगर में कार्रवाई की।
शुक्रवार को अभियान सिकलापुर चौराहे से आयुर्वेदिक छात्रावास तक चलाया गया। अभियान की शुरुआत ही हंगामे से हुई। निगम की टीम शिवगंगा होटल पर पहुंची तो वहां मौजूद लोगों ने विरोध कर हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने कहा कि पहले चिह्नीकरण करो तब कार्रवाई होगी। इसके बाद निगम टीम को बैरंग लौटना पड़ा। इससे आगे अंशु जायसवाल के मकान पर टीम पर पहुंची तो उनका स्लैब भी बाहर निकला था। अंशु एवं उनकी पत्नी संगीता गोद में लिए बच्चे समेत बाहर आए और थोड़ी मोहलत देने की मांग करने लगे। जब टीम नहीं मानी तो अंशु ने पत्नी की गोद से बच्चे को छीन लिया और बुल्डोजर पर फेंकने की धमकी दी। इस पर निगम की टीम ठिठक गई। पुलिस आगे आई और कार्रवाई की चेतावनी दी। आसपास के लोगों ने समझाया और फिर उनका स्लैब तोड़ दिया गया। अंशु बोले पास ही उनके रिश्ते के मौसा की मौत हो गई है, इस वजह से वह स्लैब नहीं तोड़ सके लेकिन जरा सा मौका नहीं दिया। इससे पहले एक मकान का स्लैब तोड़ने के दौरान भी महिलाएं उसके ऊपर खड़े होकर विरोध करने लगीं।
पूर्व पार्षद का छोड़ा तो मेयर ने हड़काया
अभियान के दौरान निगम टीम ने पूर्व पार्षद लक्ष्मण प्रसाद की तीन दुकानें के स्लैब छोड़ दिए। इस पर मौके से किसी ने मेयर उमेश गौतम को फोन कर दिया तो उन्होंने अतिक्रमण टीम प्रभारी जयपाल पटेल को जमकर हड़काया कि अगर अभियान में भेदभाव किया तो पूरी टीम बदल देंगे। इसके बाद टीम दोबारा वहां पहुंची और स्लैब तोड़ दिया गया।
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निगम और पीडब्ल्यूडी कर्मी के भी कब्जे तोड़े
अभियान के दौरान नगर निगम के क्लर्क रघुनाथ के घर के स्लैब भी तोड़ गए। वहीं पीडब्ल्यूडी कर्मी दयाराम के नवनिर्मित भवन का स्लैब काफी ऊंचा था लेकिन लोगों ने विरोध किया तो टीम ने वह भी ध्वस्त कर दिया।
इन पर भी हुई कार्रवाई
अभियान के दौरान खंडेलवाल फोम्स का अवैध स्लैब एवं जाल ध्वस्त किया गया। हेल्थ केयर, शिवकुमार, अमित फोम्स, मिड लाइट इलेक्ट्रीकल्स, राजेश सोफा, प्राची फोम्स, दानवीर फर्नीचर आदि पर भी कार्रवाई की गई। इसके अलावा कई लोगों के गली में बने शौचालय और जीने भी ध्वस्त किए गए।
दूसरी टीम ने मढ़ीनाथ में तोड़े नाले के स्लैब
अभियान के लिए शुक्रवार को दो टीमें बनी थीं। दूसरी टीम ने अतिक्रमण प्रभारी उत्तम कुमार वर्मा की अगुवाई में मढ़ीनाथ में संत कृपाल आश्रम से शांतिबिहार होली चौराहा तक कार्रवाई की। यहां पर खुशी बुक डिपो का टीन शेड, बालाजी किराना स्टोर, गंगवार एवं शिव शांति मेडिकल के टीन शेड ध्वस्त किए गए। इसके अलावा गजेंद्र, हरपाल सिंह, कामाख्या कम्युनिकेशन, हिमांशु रेडीमेड, राठौर इंटरप्राइजेज, युगराज मेडिकल, शकुंतला इंडेन गैस एजेंसी आदि के नाले पर पड़े अवैध स्लैब ध्वस्त कराए गए। छोटू डीजे, सिद्धि विनायक इंटरप्राइजेज, संजू सेनेट्री आदि के स्लैब भी तोड़े गए। यहां भी कुछ जगह लोगों ने विरोध कर हंगामा करने किया लेकिन सख्ती के साथ कार्रवाई चलती रही।
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शुक्रवार को अभियान सिकलापुर चौराहे से आयुर्वेदिक छात्रावास तक चलाया गया। अभियान की शुरुआत ही हंगामे से हुई। निगम की टीम शिवगंगा होटल पर पहुंची तो वहां मौजूद लोगों ने विरोध कर हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने कहा कि पहले चिह्नीकरण करो तब कार्रवाई होगी। इसके बाद निगम टीम को बैरंग लौटना पड़ा। इससे आगे अंशु जायसवाल के मकान पर टीम पर पहुंची तो उनका स्लैब भी बाहर निकला था। अंशु एवं उनकी पत्नी संगीता गोद में लिए बच्चे समेत बाहर आए और थोड़ी मोहलत देने की मांग करने लगे। जब टीम नहीं मानी तो अंशु ने पत्नी की गोद से बच्चे को छीन लिया और बुल्डोजर पर फेंकने की धमकी दी। इस पर निगम की टीम ठिठक गई। पुलिस आगे आई और कार्रवाई की चेतावनी दी। आसपास के लोगों ने समझाया और फिर उनका स्लैब तोड़ दिया गया। अंशु बोले पास ही उनके रिश्ते के मौसा की मौत हो गई है, इस वजह से वह स्लैब नहीं तोड़ सके लेकिन जरा सा मौका नहीं दिया। इससे पहले एक मकान का स्लैब तोड़ने के दौरान भी महिलाएं उसके ऊपर खड़े होकर विरोध करने लगीं।
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पूर्व पार्षद का छोड़ा तो मेयर ने हड़काया
अभियान के दौरान निगम टीम ने पूर्व पार्षद लक्ष्मण प्रसाद की तीन दुकानें के स्लैब छोड़ दिए। इस पर मौके से किसी ने मेयर उमेश गौतम को फोन कर दिया तो उन्होंने अतिक्रमण टीम प्रभारी जयपाल पटेल को जमकर हड़काया कि अगर अभियान में भेदभाव किया तो पूरी टीम बदल देंगे। इसके बाद टीम दोबारा वहां पहुंची और स्लैब तोड़ दिया गया।
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निगम और पीडब्ल्यूडी कर्मी के भी कब्जे तोड़े
अभियान के दौरान नगर निगम के क्लर्क रघुनाथ के घर के स्लैब भी तोड़ गए। वहीं पीडब्ल्यूडी कर्मी दयाराम के नवनिर्मित भवन का स्लैब काफी ऊंचा था लेकिन लोगों ने विरोध किया तो टीम ने वह भी ध्वस्त कर दिया।
इन पर भी हुई कार्रवाई
अभियान के दौरान खंडेलवाल फोम्स का अवैध स्लैब एवं जाल ध्वस्त किया गया। हेल्थ केयर, शिवकुमार, अमित फोम्स, मिड लाइट इलेक्ट्रीकल्स, राजेश सोफा, प्राची फोम्स, दानवीर फर्नीचर आदि पर भी कार्रवाई की गई। इसके अलावा कई लोगों के गली में बने शौचालय और जीने भी ध्वस्त किए गए।
दूसरी टीम ने मढ़ीनाथ में तोड़े नाले के स्लैब
अभियान के लिए शुक्रवार को दो टीमें बनी थीं। दूसरी टीम ने अतिक्रमण प्रभारी उत्तम कुमार वर्मा की अगुवाई में मढ़ीनाथ में संत कृपाल आश्रम से शांतिबिहार होली चौराहा तक कार्रवाई की। यहां पर खुशी बुक डिपो का टीन शेड, बालाजी किराना स्टोर, गंगवार एवं शिव शांति मेडिकल के टीन शेड ध्वस्त किए गए। इसके अलावा गजेंद्र, हरपाल सिंह, कामाख्या कम्युनिकेशन, हिमांशु रेडीमेड, राठौर इंटरप्राइजेज, युगराज मेडिकल, शकुंतला इंडेन गैस एजेंसी आदि के नाले पर पड़े अवैध स्लैब ध्वस्त कराए गए। छोटू डीजे, सिद्धि विनायक इंटरप्राइजेज, संजू सेनेट्री आदि के स्लैब भी तोड़े गए। यहां भी कुछ जगह लोगों ने विरोध कर हंगामा करने किया लेकिन सख्ती के साथ कार्रवाई चलती रही।