{"_id":"6148df138ebc3eb4e14d4165","slug":"employees-protest-against-the-silence-on-the-issue-of-the-university-bareilly-news-bly460254657","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्वविद्यालय के मुद्दे पर चुप्पी के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्वविद्यालय के मुद्दे पर चुप्पी के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन
विज्ञापन
प्राचार्य का घेराव करते बरेली कॉलेज के कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली कॉलेज में प्राचार्य को घेरकर किया हंगामा-नारेबाजी, आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
विज्ञापन
कर्मचारियों की समस्याओं पर भी जल्द फैसला करने का अल्टीमेटम
बरेली। बरेली कॉलेज को राज्य/केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने की मांग पर कॉलेज प्रशासन की चुप्पी के विरोध में सोमवार को कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने प्राचार्य को घेरकर जमकर नारेबाजी की और मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
करीब नौ माह से कर्मचारी छात्र और शिक्षकों के हित के लिए बरेली कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ अस्थायी कर्मियों के नियमितीकरण, न्यूनतम वेतन के तहत वेतन वृद्धि और ईपीएफ की समस्या के निस्तारण की भी मांग कर रहे हैं। सोमवार को बरेली कॉलेज के कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के बैनर तले अस्थायी कर्मी कर्मचारी नेता जितेंद्र मिश्रा और हरीश मौर्य के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए प्राचार्य कार्यालय पर पहुंचे। प्राचार्य के कार्यालय में मौजूद न होने पर उन्हें कॉल करके बुलाया गया।
विज्ञापन
हरीश मौर्य ने कर्मचारियों की समस्या रखते हुए मांग पूरी करने को कहा। प्राचार्य ने मांगों पर सहमति जताते हुए वेतन बढ़ाने के लिए प्रबंध समिति के सामने मांग रखने की बात कही। कर्मचारियों के नियमितीकरण और विश्वविद्यालय बनाने की मांग पर प्राचार्य ने जिलाधिकारी को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। कर्मचारी नेताओं ने 22 सितंबर को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का एलान किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में होगा धरना
जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में धरना-प्रदर्शन कर शहरवासियों से भी कॉलेज के हित में सहयोग करने की अपील की जाएगी। उनकी मांग पूरी न की गई तो वह इस आंदोलन को और तेज करेंगे। कहा, नियमानुसार वेतन बढ़ोत्तरी न होने से कर्मचारी बड़ी परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस दौरान कुलदीप, दोदराम, पूरन लाल मसीह, नानक चन्द्र, संजीव पटेल, जय प्रकाश पाठक, देववती, माया, सावित्री, आशा, बच्ची देवी, दयाशंकर, गंगा प्रसाद, दिनेश, मुकेश, राजीव चंद्रा, जगदीश, चन्द्र सेन आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
कर्मचारियों की समस्याओं पर भी जल्द फैसला करने का अल्टीमेटम बरेली। बरेली कॉलेज को राज्य/केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने की मांग पर कॉलेज प्रशासन की चुप्पी के विरोध में सोमवार को कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने प्राचार्य को घेरकर जमकर नारेबाजी की और मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
करीब नौ माह से कर्मचारी छात्र और शिक्षकों के हित के लिए बरेली कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ अस्थायी कर्मियों के नियमितीकरण, न्यूनतम वेतन के तहत वेतन वृद्धि और ईपीएफ की समस्या के निस्तारण की भी मांग कर रहे हैं। सोमवार को बरेली कॉलेज के कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के बैनर तले अस्थायी कर्मी कर्मचारी नेता जितेंद्र मिश्रा और हरीश मौर्य के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए प्राचार्य कार्यालय पर पहुंचे। प्राचार्य के कार्यालय में मौजूद न होने पर उन्हें कॉल करके बुलाया गया।
विज्ञापन
हरीश मौर्य ने कर्मचारियों की समस्या रखते हुए मांग पूरी करने को कहा। प्राचार्य ने मांगों पर सहमति जताते हुए वेतन बढ़ाने के लिए प्रबंध समिति के सामने मांग रखने की बात कही। कर्मचारियों के नियमितीकरण और विश्वविद्यालय बनाने की मांग पर प्राचार्य ने जिलाधिकारी को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। कर्मचारी नेताओं ने 22 सितंबर को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का एलान किया है।
विज्ञापन