{"_id":"67afaee455a66a1e8706d7fe","slug":"electricity-supply-derailed-300-factories-affected-bareilly-news-c-4-bly1015-580807-2025-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: बिजली आपूर्ति बेपटरी, 300 फैक्टरियां प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: बिजली आपूर्ति बेपटरी, 300 फैक्टरियां प्रभावित
विज्ञापन
बरेली। पिछले दो माह से बिजली आपूर्ति सुचारू कराने के लिए बिजली निगम के अफसरों के चक्कर लगाकर थक चुके उद्यमियों ने शुक्रवार को मंडलायुक्त से मुलाकात की। कहा कि बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति से 300 फैक्टरियों का संचालन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने पूर्व में तैनात लाइनमैन को बहाल करने की मांग की ताकि प्रभावित हो रहा कारोबार पटरी पर आ सके।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) बरेली चैप्टर के चेयरमैन मयूर धीरवानी ने मंडलायुक्त को बताया कि परसाखेड़ा, सीबीगंज में संचालित उद्योगों में बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो पा रही। छिटपुट खामियां दूर करने के लिए भी कई-कई घंटे कटौती हो रही है। इससे उद्योगों को नुकसान हो रहा है।
कहा कि 15 और 21 जनवरी को क्रमवार अधिकारियों से मिले थे। व्यवस्था बेहतर बनाने का आश्वासन मिला था मगर, कोई ठोस प्रयास नहीं हुआ। 33 केवी परसाखेड़ा उपकेंद्र से करीब तीन सौ उद्योगों को बिजली सप्लाई होती है।
विज्ञापन
पूर्व में तैनात लाइनमैन को हटाने से ब्रेकडाउन होने पर लाइनमैन किला उपकेंद्र से पहुंचता है। नए लाईनमैन को औद्योगिक क्षेत्र की लाइनों की जानकारी नहीं है। फॉल्ट खोजने में ही कई घंटे लगते हैं। तब तक बिजली बाधित रहती है। इसलिए पुराने लाइनमैन को बहाल करना जरूरी है।
इस दौरान चैप्टर सचिव रजत मेहरोत्रा समेत विमल रिवाड़ी, तनुज भसीन, आशुतोष शर्मा, कपिल चंदानी, राजीव आनंद, अभिनव कटरू, राकेश धीरवानी समेत अन्य उद्यमी मौजूद रहे। ब्यूरो
विज्ञापन
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) बरेली चैप्टर के चेयरमैन मयूर धीरवानी ने मंडलायुक्त को बताया कि परसाखेड़ा, सीबीगंज में संचालित उद्योगों में बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो पा रही। छिटपुट खामियां दूर करने के लिए भी कई-कई घंटे कटौती हो रही है। इससे उद्योगों को नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
कहा कि 15 और 21 जनवरी को क्रमवार अधिकारियों से मिले थे। व्यवस्था बेहतर बनाने का आश्वासन मिला था मगर, कोई ठोस प्रयास नहीं हुआ। 33 केवी परसाखेड़ा उपकेंद्र से करीब तीन सौ उद्योगों को बिजली सप्लाई होती है।
विज्ञापन
पूर्व में तैनात लाइनमैन को हटाने से ब्रेकडाउन होने पर लाइनमैन किला उपकेंद्र से पहुंचता है। नए लाईनमैन को औद्योगिक क्षेत्र की लाइनों की जानकारी नहीं है। फॉल्ट खोजने में ही कई घंटे लगते हैं। तब तक बिजली बाधित रहती है। इसलिए पुराने लाइनमैन को बहाल करना जरूरी है।
इस दौरान चैप्टर सचिव रजत मेहरोत्रा समेत विमल रिवाड़ी, तनुज भसीन, आशुतोष शर्मा, कपिल चंदानी, राजीव आनंद, अभिनव कटरू, राकेश धीरवानी समेत अन्य उद्यमी मौजूद रहे। ब्यूरो