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बिजली विभाग: दलाली पर एतराज किया तो हंगामा
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मोके पर जुटे अधिकारी और अन्य।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
47 हजार के बिल की अदायगी के लिए संविदा कर्मी ने लिए 50 हजार, एसडीओ ने टोका तो साथियों को बुलाया
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बरेली। एक उपभोक्ता से 47 हजार रुपये के बिल की अदायगी के लिए संविदा कर्मी के 50 हजार रुपये लेने पर एसडीओ ने टोकाटाकी की तो गर्मागर्मी शुरू हो गई। नौबत यहां तक पहुंची कि संविदा कर्मियों ने इकट्ठे होकर हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच लखनऊ से आए नोडल अफसर विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे लेकिन घंटों कामकाज ठप रहने के बावजूद उन्हें कुछ पता नहीं चला।
मंगलवार सुबह एक उपभोक्ता बिल में संशोधन कराने पहुंचा था। एसडीओ सत्यार्थ गंगवार ने बिल सही कर उसे जमा करने को कहा। काउंटर की ओर जाते समय एक संविदा कर्मी ने उससे बिल लेकर उसकी अदायगी के लिए 50 हजार रुपये ले लिए। इसकी जानकारी होने पर एसडीओ ने संविदा कर्मी से पूछा कि जब बिल 47 हजार रुपये का है तो फिर 50 हजार रुपये क्यों लिए। एसडीओ ने संविदा कर्मी को चेतावनी दी तो उसने अपने तमाम साथियों को बुला लिया। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद अभियंता संघ, जेई संगठन और टीजी टू एसोसिएशन के नेता भी महानगर उपकेंद्र पहुंच गए। इसके बाद दोनों ओर से मोर्चाबंदी शुरू हो गई।
लखनऊ से आए जिले के नोडल अधिकारी प्रदीप कक्कड़ इस पूरे घटनाक्रम से अनभिज्ञ रहे। उन्होंने दौरे की कुछ घंटों में औपचारिकता पूरी कर ली और दोपहर बाद लखनऊ लौट गए। उनके रवाना होने के बाद अधीक्षण अभियंता (शहर) एनके मिश्र को उपकेंद्र पर हंगामे की जानकारी मिली तो वह मौके पर पहुंचे और समझा बुझाकर मामला शांत कराया। विभागीय विवाद से बिजली कार्यालयों में कामकाज बाधित रहा। बिल जमा, संशोधन कराने और अन्य कार्यों से पहुंचे लोग परेशान रहे।
मंगलवार सुबह एक उपभोक्ता बिल में संशोधन कराने पहुंचा था। एसडीओ सत्यार्थ गंगवार ने बिल सही कर उसे जमा करने को कहा। काउंटर की ओर जाते समय एक संविदा कर्मी ने उससे बिल लेकर उसकी अदायगी के लिए 50 हजार रुपये ले लिए। इसकी जानकारी होने पर एसडीओ ने संविदा कर्मी से पूछा कि जब बिल 47 हजार रुपये का है तो फिर 50 हजार रुपये क्यों लिए। एसडीओ ने संविदा कर्मी को चेतावनी दी तो उसने अपने तमाम साथियों को बुला लिया। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद अभियंता संघ, जेई संगठन और टीजी टू एसोसिएशन के नेता भी महानगर उपकेंद्र पहुंच गए। इसके बाद दोनों ओर से मोर्चाबंदी शुरू हो गई।
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लखनऊ से आए जिले के नोडल अधिकारी प्रदीप कक्कड़ इस पूरे घटनाक्रम से अनभिज्ञ रहे। उन्होंने दौरे की कुछ घंटों में औपचारिकता पूरी कर ली और दोपहर बाद लखनऊ लौट गए। उनके रवाना होने के बाद अधीक्षण अभियंता (शहर) एनके मिश्र को उपकेंद्र पर हंगामे की जानकारी मिली तो वह मौके पर पहुंचे और समझा बुझाकर मामला शांत कराया। विभागीय विवाद से बिजली कार्यालयों में कामकाज बाधित रहा। बिल जमा, संशोधन कराने और अन्य कार्यों से पहुंचे लोग परेशान रहे।
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