{"_id":"811094fa135d8cc7a8d737e0950fccd8","slug":"electric-hindi-news-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर शहर में पर बिजली देहाती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर शहर में पर बिजली देहाती
बरेली
Updated Sat, 13 Jun 2015 01:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
1982 में बरेली महानगरपालिका में 48 गांव शामिल कर शहर का सीमा विस्तार किया गया था। तब ये उम्मीद थी कि इन गांवों के बाशिंदों को शहर की सभी सुविधाएं मिलेंगी। नगर निगम और बिजली विभाग के बीच नए बिजली सब स्टेशन स्थापित करने के लिए मुफ्त जमीन देने के विवाद के चलते 33 साल बाद भी इन गांवों में शहर की बिजली नहीं पहुंच पायी। इनमें तीन गांवों को तो किसी भी फीडर की बिजली नसीब नहीं होती क्योंकि इन गांवों का आज तक विद्युतीकरण ही नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
पॉवर कारपोरेशन ने करीब तीन साल पहले नगर निगम से तुलाशेरपुर, चौपला, सेटेलाइट, नदौसी, चौधरी तालाब, रहपुरा चौधरी, डेलापीर, जोगी नवादा आदि जगहों पर विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने के लिए नगर निगम से निशुल्क जमीन मांगी थी। एक सब स्टेशन स्थापित करने के लिए कम से कम दो हजार वर्ग मीटर जमीन चाहिए। नगर निगम पॉवर कारपोरेशन को ये जमीन मुफ्त में उपलब्ध कराने को तैयार नहीं है। इससे नए बिजली सब स्टेशन नहीं लग पा रहे हैं। इनमें परसाखेड़ा को तो इंडस्ट्रियल एरिया के फीडर की बिजली मिल रही है। बाकी 47 गांवों को गांव के फीडर से गर्मी के दिनों में बमुश्किल चार से पांच घंटे बिजली ही मिलती है। इनमें भी परसाखेड़ा गौंटिया, न्यू परसाखेड़ा और डूडा कालोनी का अब तक विद्युतीकरण ही नहीं हो पाया। तीनों गांवों में बिजली उपलब्ध नहीं है। वार्ड 17 के पार्षद सुखदीश कश्यप के मुताबिक परसाखेड़ा गौंटिया में चार-छह लोगों ने एक प्राइवेट ट्यूबवेल से केबिल डाल रखा है। इससे इन घरों में लाइट जलती है। बाकी घर अंधेरे में या फिर लालटेन के भरोसे गुजर बसर करते हैं।
विज्ञापन
इनको मिल रही देहात की बिजली
सीबीगंज, न्यू परसाखेड़ा, परसाखेड़ा गौंटिया, नदौसी, नदौसी गौंटिया, गोकुलपुर, हैदराबाद, खड़ौआ, पस्तौर, हरूनगला, जगतपुर, नवादा जोगियान, तुलाशेरपुर, पीरबहोड़ा, परतापुर जीवन सहाय, कंजादासपुर, नगरिया परीक्षित, शिकारपुर चौधरी, महलऊ, रहपुरा चौधरी, लक्ष्मीपुर, खलीलपुर, सनैयारानी मेवाकुवंर, मथुरापुर, बंडिया, ट्यूलिया, गरगइया, गोविंदापुर, परतापुर चौधरी, सरायतलफी, बेनीपुर चौधरी, बिहारमान नगला, सैदपुर हाकिंस, सनौआ, मठकमल नैनपुर, बिधौलिया, सिठौरा, नेकपुर, उदयपुर खास, नवादा शेखान, इज्जतनगर, सतीपुर, बाकरगंज, शिकारपुर चौधरी, ततारपुर आदि।
विज्ञापन
‘नगर निगम में 48 गांवों के रकबे का रजिस्टर मौजूद है। पॉवर कारपोरेशन हमारे अफसरों के साथ खाली जमीन का सर्वे कर ले। जहां जमीन होगी दे दी जाएगी। वह हर जगह रोड के किनारे जमीन चाहते हैं। वह जब है नहीं तो कहां से लाकर दें।’ डा. आईएस तोमर, मेयर
‘शहर में चार उपकेंद्र बनाने के लिए नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से कई वर्षों से आग्रह किया जा रहा है। एक स्थान आज तक नहीं मिला। हर बर्ष बिजनेस प्लान आगे बढ़ाया जा रहा है। एक दो जगह पर सहमति बनी तो वहां पर अतिक्रमण पाए गए हैं। निगम ने तुलाशेर पुर और मुंशी पुलिया आदि स्थानों पर अतिक्रमण आज तक साफ नहीं कराए हैं। ऐसी स्थिति में लोगों तक सप्लाई तक कैसे पहुंचेगी।’
- एनके श्रीवास्तव, एसई शहर