...तो ये पांच करोड़ किसकी जेब में जाएंगे
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पांच साल पहले कांधरपुर सबस्टेशन को बिजली की सप्लाई देने के लिए नकटिया के पास से 33 केवीए क्षमता की एक नई लाइन बिछाई गई थी। बिजली विभाग ने लगभग 22 किमी लंबंी इस लाइन को डालने में करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन इस लाइन को आज तक इसे चार्ज तक नहीं किया। इस लाइन का इतने लंबे अर्से तक इस्तेमाल न होने के कारण तमाम लोगों ने इसके नीचे निर्माण करा लिए हैं। कई जगह लाइन पर चोरों ने भी हाथ साफ कर दिए हैं। अब हालत यह है कि कई जगह पूरे के परे स्पैन गायब हैं।
अब बिजली विभाग ने कांधरपुर सबस्टेशन बालीपुर से चलाने के लिए नया टेंडर जारी किया है। अभी कांधरपुर सबस्टेशन सिविल लाइंस के 132 केवी स्टेशन से चलाया जा रहा है जो अति भारित हो गया है। 132 केवी स्टेशन से ही ज्यादातर शहरी सबस्टेशन भी ज़ुड़े हैं। बिजली विभाग का मानना है कि कांधरपुर सबस्टेशन के लिए सप्लाई का अगर वैकल्पिक इंतजाम न किया गया तो इसका असर गर्मियों में शहर की सप्लाई पर पड़ेगा। इसीलिए आननफानन में बालीपुर से कांधरपुर तक 33 केवीए लाइन बनाने के लिए टेंडर मांगे हैं। पांच करोड़ रुपये लागत से प्रस्तावित इस 34 किमी लंबी लाइन निर्माण के टेंडर 21 अप्रैल को खोले जाएंगे। दूसरी ओर पुरानी हाईटेंशन लाइन पर ही नया काम दिखाकर पांच करोड़ हड़पने की कोशिश का खुलासा होने के बाद अफसरों ने चुप्पी साध ली है। इस मामले कोई सही स्थिति बताने को तैयार नहीं है।