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UP News: आठवीं का छात्र तन्मय बना बरेली पुलिस का डिजिटल प्रहरी, माता-पिता को साइबर ठगों से बचाया
Fri, 10 Apr 2026 11:00 PM IST
Mukesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Fri, 10 Apr 2026 11:00 PM IST
सार
बरेली में आठवीं कक्षा के छात्र तन्मय ने अपने पिता संजय और मां रोशी को डिजिटल अरेस्ट होने से बचाया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने 10 मिनट में ही परिवार के सभी खाते सीज कर ठगी होने से बचा ली। शुक्रवार को बरेली जोन ऑफिस में एडीजी जोन रमित शर्मा, एसएसपी अनुराग आर्य ने तन्मय और उसके माता-पिता को बुलाकर सम्मानित किया। अमर उजाला कार्यालय में भी तन्मय और उनके माता-पिता को सम्मानित किया गया।
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तन्मय को किया गया सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली में माता-पिता को डिजिटल अरेस्ट से बचाने वाले प्रेमनगर निवासी आठवीं कक्षा के छात्र तन्मय को बरेली पुलिस ने साइबर जागरूकता के लिए डिजिटल प्रहरी बनाया है। शुक्रवार को बरेली जोन पुलिस कार्यालय में बुलाकर एडीजी रमित शर्मा, एसएसपी अनुराग आर्य, एसपी सिटी मानुष पारीक व अन्य अधिकारियों ने तन्मय व उसके माता-पिता को सम्मानित भी किया। एडीजी ने कहा कि बरेली पुलिस पहले से स्कूलों में साइबर जागरूकता अभियान चला रही है। अब तन्मय के जरिये भी बच्चों और बड़ों को जागरूक किया जाएगा।
अमर उजाला पढ़ता है तन्मय
पुलिस अधिकारियों ने जब तन्मय से पूछा कि डिजिटल अरेस्ट को लेकर वह इतना जागरूक कैसे है तो उसने बताया कि वह अमर उजाला पढ़ता है। उसी में डिजिटल अरेस्ट से बचाव की बातें पढ़ी थीं तो पिता को एरोप्लेन मोड लगाने व कॉल कट करने की सलाह दी थी।
अमर उजाला ने किया सम्मानित
शाम को तन्मय और उनके माता-पिता को अमर उजाला कार्यालय में सम्मानित किया गया। उन्हें बुके, अमर उजाला का प्रतीक चिह्न और वार्षिक घटनाक्रम की जानकारी देने वाली अमर उजाला ईयर बुक प्रदान की गई।
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अमर उजाला पढ़ता है तन्मय
पुलिस अधिकारियों ने जब तन्मय से पूछा कि डिजिटल अरेस्ट को लेकर वह इतना जागरूक कैसे है तो उसने बताया कि वह अमर उजाला पढ़ता है। उसी में डिजिटल अरेस्ट से बचाव की बातें पढ़ी थीं तो पिता को एरोप्लेन मोड लगाने व कॉल कट करने की सलाह दी थी।
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अमर उजाला ने किया सम्मानित
शाम को तन्मय और उनके माता-पिता को अमर उजाला कार्यालय में सम्मानित किया गया। उन्हें बुके, अमर उजाला का प्रतीक चिह्न और वार्षिक घटनाक्रम की जानकारी देने वाली अमर उजाला ईयर बुक प्रदान की गई।
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एडीजी और एसएसपी ने तन्मय को किया सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला
ठगों को ऐसे पहचाना
तन्मय ने बताया कि वीडियो कॉल के दौरान शुरू में उसने दूसरे मोबाइल से ठगों का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था। संदेह होने पर ठगों ने दोनों मोबाइल फोन पर वीडियो कॉल चालू करवाकर उसे भी स्क्रीन के सामने ले लिया। उसने देखा कि पुलिस कांस्टेबल की दाढ़ी बहुत बड़ी थी और बातचीत में वे बार-बार जनाब शब्द का प्रयोग कर रहे थे। ऐसे में उसे शक हो गया।
जब ठगों ने दिल्ली से पुणे कॉल ट्रांसफर की तब तक सामान्य कॉल वीडियो कॉल में बदल चुकी थी। उसे शक हुआ कि पहले और बाद में बात करने वाला शख्स एक ही है, क्योंकि दोनों आवाज एक जैसी ही थी। एनआईए के लोगो में स्मॉल एन देखकर भी वह चौंका। वारंट में कोर्ट की मुहर और जज के हस्ताक्षर नहीं थे। तब उसने जिद पकड़ ली और फोन एरोप्लेन मोड पर लगवा दिया।
तन्मय ने बताया कि वीडियो कॉल के दौरान शुरू में उसने दूसरे मोबाइल से ठगों का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था। संदेह होने पर ठगों ने दोनों मोबाइल फोन पर वीडियो कॉल चालू करवाकर उसे भी स्क्रीन के सामने ले लिया। उसने देखा कि पुलिस कांस्टेबल की दाढ़ी बहुत बड़ी थी और बातचीत में वे बार-बार जनाब शब्द का प्रयोग कर रहे थे। ऐसे में उसे शक हो गया।
जब ठगों ने दिल्ली से पुणे कॉल ट्रांसफर की तब तक सामान्य कॉल वीडियो कॉल में बदल चुकी थी। उसे शक हुआ कि पहले और बाद में बात करने वाला शख्स एक ही है, क्योंकि दोनों आवाज एक जैसी ही थी। एनआईए के लोगो में स्मॉल एन देखकर भी वह चौंका। वारंट में कोर्ट की मुहर और जज के हस्ताक्षर नहीं थे। तब उसने जिद पकड़ ली और फोन एरोप्लेन मोड पर लगवा दिया।
तन्मय का संदेश... घबराना नहीं है
तन्मय ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं होता। अगर कोई इस तरह आपको या आपके घरवालों को परेशान करे तो घबराएं बिल्कुल नहीं। बहाने से कॉल कट कर दें। चाहें तो फोन एरोप्लेन मोड पर कर दें। फिर तत्काल ही 1930 नंबर पर कॉल करके शिकायत करें। पुलिस को 112 नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं। फोन में पहले से टू स्टेप वेरिफिकेशन लगाकर रखें।
तन्मय ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं होता। अगर कोई इस तरह आपको या आपके घरवालों को परेशान करे तो घबराएं बिल्कुल नहीं। बहाने से कॉल कट कर दें। चाहें तो फोन एरोप्लेन मोड पर कर दें। फिर तत्काल ही 1930 नंबर पर कॉल करके शिकायत करें। पुलिस को 112 नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं। फोन में पहले से टू स्टेप वेरिफिकेशन लगाकर रखें।