Bareilly: पिता-भाई थे भट्ठा मजदूर, जाफरी ने ठगी से बनाया करोड़ों का साम्राज्य, अब सामने आ रहे काले कारनामे
बरेली में फर्जी डिग्री और धोखाधड़ी मामले में आरोपी शेर अली जाफरी और उसके बेटे फिरोज अली जाफरी को एसआईटी ने गिरफ्तार किया। दोनों को जेल भेजा गया है। जाफरी की गिरफ्तारी के बाद उसके काले कारनामे सामने आ रहे हैं।
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बरेली में छात्रों से 3.69 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और फर्जी डिग्री बांटने के मामले में आरोपी खुसरो कॉलेज के चेयरमैन शेर अली जाफरी के अतीत के पन्ने पलटें तो बेहद स्याह तस्वीर सामने आती है। मुफलिसी के दौर में शुरुआती संघर्ष और फिर जुगाड़ व नेताओं के वरदहस्त से वह शिक्षा माफिया बन बैठा। अब उसके काले कारनामे सामने आ रहे हैं।
मीरगंज क्षेत्र के मूल निवासी मेहंदी अली जाफरी सीबीगंज के चंदपुर जोगियान में आकर बस गए थे। उनके तीन बेटे शेर अली जाफरी, असगर अली जाफरी, जबर अली जाफरी हैं। बताते हैं कि शुरुआत में इनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी। जाफरी के पिता और भाई ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे। जाफरी ने अमीर खुसरो के नाम पर एक प्राथमिक स्कूल से शुरुआत की थी।
बाद में जाफरी ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से संचालित योजनाओं से धन लिया। पहले खुसरो इंटर कॉलेज बनाया। काफी समय तक जाफरी ने इंटर कॉलेज की मान्यता लेकर छात्रों को पास कराने का ठेका लेने व उनकी मार्कशीट-टीसी बनाने का काम किया। नकल के लालच में अन्य कॉलेजों के छात्र भी खुसरो इंटर कॉलेज से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का फार्म भरने लगे। इससे अच्छी कमाई हुई तो जाफरी ने डिग्री कॉलेज खोल लिया।
कई जिलों तक फैला है माफिया का नेटवर्क
शेर अली जाफरी ने कई संस्थान खोले। वह ठगी की बुनियाद पर किले बनाता रहा। जाफरी का नेटवर्क कई जिलों में फैला हुआ है। पीलीभीत के जहानाबाद में जाफरी का कॉन्वेंट कॉलेज है। बदायूं के बगरैन में भी जाफरी का कॉलेज है। इसके अलावा भी कई जिलों में जाफरी की संपत्तियां हैं। एसआईटी को आशंका है कि शेर अली जाफरी ने बरेली के अलावा दूसरे जिलों के छात्रों को भी फर्जी डिग्री थमाई होगी। अब और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।
हत्या व दुष्कर्म में भी फंसा पर नेताओं ने बचा लिया
शिक्षा माफिया जाफरी छात्रों से जितनी ठगी करता था, उसका कुछ हिस्सा नेताओं को चढ़ावे के रूप में देता था। पुलिसकर्मियों पर भी खुलकर खर्चा करता था। यही वजह रही कि हत्या व दुष्कर्म तक के मुकदमे दर्ज होने पर भी वह हर बार बचता रहा। इस बार भी उसे बचाने की कोशिश हुई, पर कप्तान की सख्ती के आगे किसी का जोर न चला।
कई साल पहले शेर अली जाफरी के भाई जबर अली के साले आबिद अली की हत्या का मामला जोरशोर से उठा था। आबिद का लंबे समय तक पता नहीं लगा। आरोप था कि जबर अली ने अपने भाइयों की मदद से आबिद अली को ईंट भट्ठे में जलाकर मार दिया है।
फर्जी डिग्री प्रकरण: खुसरो कॉलेज का चेयरमैन शेर अली जाफरी और उसका बेटा गिरफ्तार, एसआईटी ने की कार्रवाई
मामले में शेर अली जाफरी समेत तीनों भाइयों पर रिपोर्ट हुई, पर मामला रफादफा हो गया। शेर अली जाफरी पर दूसरा मुकदमा भी उसके भाई जबर अली की बदौलत दर्ज हुआ। जबर अली पर एक युवक की हत्या करने का आरोप था। उसका शव गंगा की कटरी से बरामद हुआ था।
तीनों भाइयों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें जबर अली को जेल जाना पड़ा। हालांकि, शेर अली ने सत्ता की मदद से मामला निपटा दिया। शेर अली जाफरी पर तीसरा मुकदमा दुष्कर्म का दर्ज हुआ था। बताते हैं कि उस समय भी थाने पर सेटिंग व नेताओं के संरक्षण से जाफरी ने खुद को बचा लिया था।