{"_id":"5d224e0d8ebc3e6cc0503f21","slug":"education-bed-bareilly-news-bly3677153140","type":"story","status":"publish","title_hn":"टेकिप की आठ शोध परियोजनाओं को मिले 96 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टेकिप की आठ शोध परियोजनाओं को मिले 96 लाख
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के आठ प्रोफेसरों की आठ शोध परियोजनाओं को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (टेकिप) की ओर से 96 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है। तकनीकी शिक्षा को रोजगार परक बनाने के लिए यह प्रयास किया गया है।
तकनीकी शिक्षा को रोजगारपरक बनाने वाली शोध परियोजनाओं के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने देश भर के विश्वविद्यालय के शिक्षकों से आवेदन मांगे थे। इसमें वर्ल्ड बैंक द्वारा संचालिततकनीकी शिक्षा सुधार कार्यक्रम के तीसरे चरण के तहत रुहेलखंड विश्वविद्यालय की आठ शोध परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। टेकिप समन्वयक प्रो. मनोज कुमार सिंह के अनुसार रुहेलखंड विश्वविद्यालय के डॉ. नीरज कुमार, डॉ. सुलभ सचान, डॉ. अनुराग माहेश्वरी, डॉ. विनीत कुमार, डॉ. रोहित कुमार, डॉ. प्रकाश चंद्र मिश्रा, डॉ. प्रभु ओमर और डॉ. आशुतोष कुमार सिंह के शोध इसके लिए चुने गए हैं। इन सभी को साल भर में चरणबद्ध ढंग से कुल 96 लाख रुपये मिलेंगे। इस राशि को भविष्य को ध्यान में रखते हुए रोजगारपरक शिक्षा के विकास संबंधी शोध पर खर्च किया जाएगा। कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने इन सभी शिक्षकों को बधाई दी है।
विज्ञापन
तकनीकी शिक्षा को रोजगारपरक बनाने वाली शोध परियोजनाओं के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने देश भर के विश्वविद्यालय के शिक्षकों से आवेदन मांगे थे। इसमें वर्ल्ड बैंक द्वारा संचालिततकनीकी शिक्षा सुधार कार्यक्रम के तीसरे चरण के तहत रुहेलखंड विश्वविद्यालय की आठ शोध परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। टेकिप समन्वयक प्रो. मनोज कुमार सिंह के अनुसार रुहेलखंड विश्वविद्यालय के डॉ. नीरज कुमार, डॉ. सुलभ सचान, डॉ. अनुराग माहेश्वरी, डॉ. विनीत कुमार, डॉ. रोहित कुमार, डॉ. प्रकाश चंद्र मिश्रा, डॉ. प्रभु ओमर और डॉ. आशुतोष कुमार सिंह के शोध इसके लिए चुने गए हैं। इन सभी को साल भर में चरणबद्ध ढंग से कुल 96 लाख रुपये मिलेंगे। इस राशि को भविष्य को ध्यान में रखते हुए रोजगारपरक शिक्षा के विकास संबंधी शोध पर खर्च किया जाएगा। कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने इन सभी शिक्षकों को बधाई दी है।
विज्ञापन