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मंत्री के बाद निदेशक की बैठक से विभाग में मचा हड़कंप
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बरेली। दो दिन पहले शिक्षामंत्री की बैठक में फ जीहत होेने के बाद अब शनिवार को प्रस्तावित परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा) की बैठक से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। शिक्षामंत्री ने स्कूलों में हुए निर्माण कार्यों की समीक्षा की तो स्थिति खस्ताहाल होने पर जमकर फटकार लगाई थी। वहीं निर्माण कार्यों की सत्यापन रिपोर्ट परियोजना निदेशक ने तलब की तो विभाग में आंकड़ों को दुरुस्त करने का दौर चलता रहा।
विभाग के अफसर और कर्मचारी कितने मुस्तैद हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा) को निर्माण कार्यों की रिपोर्ट सौंपने के लिए 29 अगस्त को ही डीएम ने निर्देशित किया था। 12 दिन गुजरने के बाद भी रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। लिहाजा, शनिवार को होने वाली बैठक के लिए शुक्रवार को दिन भर विभाग में कसरत चलती रही। सूत्रों के मुताबिक स्कूलों की बाउंड्रीवॉल, शौचालय, स्वीकृत अतिरिक्त कक्ष, इंसीनेटर आदि निर्माण कार्यों में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा हुआ है। इसलिए जिम्मेदार रिपोर्ट तैयार करने से बचने की फिराक में थे। शनिवार को लखनऊ में परियोजना निदेशक की बैठक के लिए जब कड़ाई से रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए तब आनन-फानन में बीईओ ने रिपोर्ट देनी शुरू की। देर शाम तक कार्यालय में निर्माण कार्यों की रिपोर्ट तैयार करने की कार्रवाई चलती रही। मामले पर अफसरों से संपर्क किया गया लेकिन वे खामोश रहे।
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विभाग के अफसर और कर्मचारी कितने मुस्तैद हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा) को निर्माण कार्यों की रिपोर्ट सौंपने के लिए 29 अगस्त को ही डीएम ने निर्देशित किया था। 12 दिन गुजरने के बाद भी रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। लिहाजा, शनिवार को होने वाली बैठक के लिए शुक्रवार को दिन भर विभाग में कसरत चलती रही। सूत्रों के मुताबिक स्कूलों की बाउंड्रीवॉल, शौचालय, स्वीकृत अतिरिक्त कक्ष, इंसीनेटर आदि निर्माण कार्यों में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा हुआ है। इसलिए जिम्मेदार रिपोर्ट तैयार करने से बचने की फिराक में थे। शनिवार को लखनऊ में परियोजना निदेशक की बैठक के लिए जब कड़ाई से रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए तब आनन-फानन में बीईओ ने रिपोर्ट देनी शुरू की। देर शाम तक कार्यालय में निर्माण कार्यों की रिपोर्ट तैयार करने की कार्रवाई चलती रही। मामले पर अफसरों से संपर्क किया गया लेकिन वे खामोश रहे।
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