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तकनीकी कोर्स में भी लागू हुआ गरीब सवर्ण आरक्षण
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बरेली। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के आदेश पर तकनीकी कोर्स में भी गरीब सवर्ण आरक्षण (ईडब्ल्यूएस) लागू कर दिया गया है। इसके तहत रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने इन कोर्सों में दस प्रतिशत सीटें बढ़ा दी गई हैं।
पिछले दिनों सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में गरीब सवर्णों के लिए दस प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की थी। शासन की अनुमति मिलने के बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने इसे लागू कर दिया। मगर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से संचालित कोर्स में इसे लागू नहीं किया जा सका था। दूसरे चरण में एनसीटीई से संचालित कोर्स में गरीब सवर्ण आरक्षण लागू कर दिया गया। अब एआईसीटीई से संचालित कोर्स में भी इसे लागू करने की मंजूरी दे दी गई है। इससे रुहेलखंड विश्वविद्यालय में संचालित बीटेक, एमसीए, एमबीए, बी फार्मा और होटल मैनेजमेंट कोर्स में गरीब सवर्णों का आरक्षण कर दस प्रतिशत सीटें बढ़ा दी गई हैं। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के डीएन आईटी प्रो. एसके पांडेय ने बताया कि शासन से इस संबंध में निर्देश मिल गए हैं, मगर यह सीटें भी यूपीटीयू के जरिये ही भरी जाएंगी।
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पिछले दिनों सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में गरीब सवर्णों के लिए दस प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की थी। शासन की अनुमति मिलने के बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने इसे लागू कर दिया। मगर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से संचालित कोर्स में इसे लागू नहीं किया जा सका था। दूसरे चरण में एनसीटीई से संचालित कोर्स में गरीब सवर्ण आरक्षण लागू कर दिया गया। अब एआईसीटीई से संचालित कोर्स में भी इसे लागू करने की मंजूरी दे दी गई है। इससे रुहेलखंड विश्वविद्यालय में संचालित बीटेक, एमसीए, एमबीए, बी फार्मा और होटल मैनेजमेंट कोर्स में गरीब सवर्णों का आरक्षण कर दस प्रतिशत सीटें बढ़ा दी गई हैं। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के डीएन आईटी प्रो. एसके पांडेय ने बताया कि शासन से इस संबंध में निर्देश मिल गए हैं, मगर यह सीटें भी यूपीटीयू के जरिये ही भरी जाएंगी।
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