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शिक्षा की गुणवत्ता परखने निकले अफसर 66 शिक्षक गैरहाजिर, तीन पर गिरी गाज
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बरेली। एक जुलाई से चल रहे परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता परखने के लिए शुक्रवार को बीएसए ने अफसरों की फौज दौड़ा दी। सुबह से दोपहर तक चले निरीक्षण में विभिन्न ब्लॉकों के परिषदीय विद्यालयों में 35 टीचर, 20 शिक्षामित्र और 11 अनुदेशक गैरहाजिर मिले। बीएसए ने भी तीन विद्यालयों का निरीक्षण किया और खामियां मिलने पर दो प्रधानाध्यापक समेत एक संकुल प्रभारी को निलंबित किया है।
बताया जाता है कि पिछले कई दिनों से विद्यालयों में पठन-पाठन को लेकर ग्रामीणों की ओर से बीएसए के पास शिकायतें पहुंच रहीं थीं। हाल ही में शिक्षिका की लेटलतीफी और विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन में व्यस्त रहने की शिकायत हुई थी, जो जांच में सही मिली। ऐसे में अन्य विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए शुक्रवार को बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के परिषदीय विद्यालयों में औचक निरीक्षण कर आख्या तलब की। आदेश जारी होते ही सभी खंड शिक्षाधिकारियों ने 160 विद्यालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपी। सौंपी गई रिपोर्ट देख अफसर भी हैरान रह गए। 160 विद्यालयों में से तीन विद्यालय बंद मिले। साथ ही, शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक को मिलाकर 66 लोग गैरहाजिर मिले। इनका वेतन काटे जाने के निर्देश बीएसए ने दिए हैं।
दो प्रधानाध्यापक और एक संकुल प्रभारी निलंबित
खंड शिक्षाधिकारियों के अलावा बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने भी भदपुरा और भुता के प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान अव्यवस्था/लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की। बिथरी चैनपुर के म्यूडी रानी मेवा कुंवर प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक महताब आलम, भुता के रिछा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक हरिहर सिंह और विलासनगर संकुल प्रभारी, गंगा प्रसाद को निलंबित कर दिया गया है। इन पर मूल दायित्वों, कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने, अनुशासनहीनता और सेवा नियमावली के विरुद्ध कार्य करने पर कार्रवाई की गई है।
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विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए अब नियमित औचक निरीक्षण किया जाएगा। जिन विद्यालयों में खामियां मिलेंगी या स्टाफ बगैर सूचना दिए गैरहाजिर मिलेंगे, सख्त कार्रवाई की जाएगी। - तनुजा त्रिपाठी, बीएसए
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बताया जाता है कि पिछले कई दिनों से विद्यालयों में पठन-पाठन को लेकर ग्रामीणों की ओर से बीएसए के पास शिकायतें पहुंच रहीं थीं। हाल ही में शिक्षिका की लेटलतीफी और विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन में व्यस्त रहने की शिकायत हुई थी, जो जांच में सही मिली। ऐसे में अन्य विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए शुक्रवार को बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के परिषदीय विद्यालयों में औचक निरीक्षण कर आख्या तलब की। आदेश जारी होते ही सभी खंड शिक्षाधिकारियों ने 160 विद्यालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपी। सौंपी गई रिपोर्ट देख अफसर भी हैरान रह गए। 160 विद्यालयों में से तीन विद्यालय बंद मिले। साथ ही, शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक को मिलाकर 66 लोग गैरहाजिर मिले। इनका वेतन काटे जाने के निर्देश बीएसए ने दिए हैं।
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दो प्रधानाध्यापक और एक संकुल प्रभारी निलंबित
खंड शिक्षाधिकारियों के अलावा बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने भी भदपुरा और भुता के प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान अव्यवस्था/लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की। बिथरी चैनपुर के म्यूडी रानी मेवा कुंवर प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक महताब आलम, भुता के रिछा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक हरिहर सिंह और विलासनगर संकुल प्रभारी, गंगा प्रसाद को निलंबित कर दिया गया है। इन पर मूल दायित्वों, कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने, अनुशासनहीनता और सेवा नियमावली के विरुद्ध कार्य करने पर कार्रवाई की गई है।
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विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए अब नियमित औचक निरीक्षण किया जाएगा। जिन विद्यालयों में खामियां मिलेंगी या स्टाफ बगैर सूचना दिए गैरहाजिर मिलेंगे, सख्त कार्रवाई की जाएगी। - तनुजा त्रिपाठी, बीएसए