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सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन में चूक से एमए उर्दू के तमाम छात्रों का रिजल्ट रुका
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बरेली। गलत विषय चुनने की वजह से रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने एमए उर्दू के तमाम छात्र-छात्राओं का रिजल्ट रोक दिया है। मंगलवार को इसकी शिकायत लेकर विश्वविद्यालय पहुंचे छात्र नेताओं की कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल से बहस हुई। छात्र नेताओं ने इनकी समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
शिकायत लेकर पहुंचे छात्रनेता इमरान अंसारी ने कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल को बताया कि एम उर्दू में सब्जेक्ट कांबिनेशन का असमंजस दूर करने को लेकर उन्होंने पहले भी विश्वविद्यालय को जानकारी दी थी। बावजूद इसके ध्यान नहीं दिया गया, जिसके चलते बरेली और मुरादाबाद मंडल में करीब 80 छात्र-छात्राओं का रिजल्ट रोक दिया गया है। एक से ज्यादा विषय गलत होने के चलते यह अभ्यर्थी इंप्रूवमेंट परीक्षा देकर भी पास नहीं हो सकते। ऐसे में इन्हें एक से ज्यादा विषय की इंप्रूवमेंट परीक्षा की अनुमति देने की मांग की गई। कुलपति ने इसे छात्र-छात्राओं की गलती बताया तो काफी बहस भी हुई। हालांकि इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों से बात करके निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। इस दौरान गजेंद्र यादव, यामीन अंसारी, मोहम्मद कासिम, सिराज अहमद, सुरेश गंगवार, ताजीम अंसारी, शोबिया बी, परवीन नूरी आदि मौजूद रहीं।
ऐसे हुई गड़बड़ी
एमए उर्दू में आठ पेपर होते हैं, जिनमें चार पेपर प्रथम वर्ष में और चार पेपर फाइनल ईयर में लेने होते हैं। इसमें ऐसा कोई सिस्टम नहीं है कि कौन से पेपर पहले साल में लेने हैं और कौन से फाइनल में। यहीं पर छात्र-छात्राएं उलझ जाते हैं। जब परीक्षा फार्म भरा जाता है तो दोनों ही साल के विषय खुलकर आ जाते हैं। ऐसे में कुछ अभ्यर्थी फाइनल ईयर में भी वही विषय चुन लेते हैं जो प्रथम वर्ष में लिए होते। विषय रिपीट करने वाले ऐसे अभ्यर्थियों के ही रिजल्ट रुके हैं। इसमें दिक्कत यह है कि जिसने एक से ज्यादा विषय में पेपर रिपीट किया है वे इंप्रूवमेंट परीक्षा देकर भी पास नहीं हो सकते। ऐसे में अगर इन्हें रिपीट हुए सभी पेपर में इंप्रूवमेंट परीक्षा देने का मौका नहीं मिला तो इनका फेल होना तय है।
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शिकायत लेकर पहुंचे छात्रनेता इमरान अंसारी ने कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल को बताया कि एम उर्दू में सब्जेक्ट कांबिनेशन का असमंजस दूर करने को लेकर उन्होंने पहले भी विश्वविद्यालय को जानकारी दी थी। बावजूद इसके ध्यान नहीं दिया गया, जिसके चलते बरेली और मुरादाबाद मंडल में करीब 80 छात्र-छात्राओं का रिजल्ट रोक दिया गया है। एक से ज्यादा विषय गलत होने के चलते यह अभ्यर्थी इंप्रूवमेंट परीक्षा देकर भी पास नहीं हो सकते। ऐसे में इन्हें एक से ज्यादा विषय की इंप्रूवमेंट परीक्षा की अनुमति देने की मांग की गई। कुलपति ने इसे छात्र-छात्राओं की गलती बताया तो काफी बहस भी हुई। हालांकि इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों से बात करके निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। इस दौरान गजेंद्र यादव, यामीन अंसारी, मोहम्मद कासिम, सिराज अहमद, सुरेश गंगवार, ताजीम अंसारी, शोबिया बी, परवीन नूरी आदि मौजूद रहीं।
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ऐसे हुई गड़बड़ी
एमए उर्दू में आठ पेपर होते हैं, जिनमें चार पेपर प्रथम वर्ष में और चार पेपर फाइनल ईयर में लेने होते हैं। इसमें ऐसा कोई सिस्टम नहीं है कि कौन से पेपर पहले साल में लेने हैं और कौन से फाइनल में। यहीं पर छात्र-छात्राएं उलझ जाते हैं। जब परीक्षा फार्म भरा जाता है तो दोनों ही साल के विषय खुलकर आ जाते हैं। ऐसे में कुछ अभ्यर्थी फाइनल ईयर में भी वही विषय चुन लेते हैं जो प्रथम वर्ष में लिए होते। विषय रिपीट करने वाले ऐसे अभ्यर्थियों के ही रिजल्ट रुके हैं। इसमें दिक्कत यह है कि जिसने एक से ज्यादा विषय में पेपर रिपीट किया है वे इंप्रूवमेंट परीक्षा देकर भी पास नहीं हो सकते। ऐसे में अगर इन्हें रिपीट हुए सभी पेपर में इंप्रूवमेंट परीक्षा देने का मौका नहीं मिला तो इनका फेल होना तय है।
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