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पढ़े लिखे और पैसे वाले मतदान में सबसे कंजूस

Mon, 06 Feb 2017 12:50 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Mon, 06 Feb 2017 12:50 AM IST
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Educated and most miserly money from voting
Educated and most miserly money from voting - फोटो : बरेली, अमर उजाला
 शहर के पॉश इलाकों में रहने वाले मतदाताओं को जागरुक करने के लिए लंबी चौड़ी बातें तो करते हैं, जागरूकता अभियान भी यहीं चलते हैं और यहीं चलाते हैं लेकिन वोट डालने में शहरी पढ़े लिखे लोग कुछ ज्यादा ही कंजूस हैं। यहां के दर्जनभर इलाकों में रहने वाले इन बड़े लोगों का 2012 के विधानसभा चुनाव में वोट प्रतिशत 25 से 30 फीसदी तक रहा है। मध्य और गरीब वर्ग के लोग वोट डालने में आगे रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पॉश इलाकों में मत प्रतिशत 23, 25 , 28 और 33 दिख रहा है जबकि गरीब बस्तियों के लोगों में से 72, 85 और 87 प्रतिशत ने अपने मत का दान किया। अगर शहरी इलाकों में कुछ गरीब बस्तियां न जुड़ी हों तो यहां मत प्रतिशत 45 भी न रहे।
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कैंट विधानसभा के रामपुर बाग शहर का पाश इलाका है, यहां ज्यादातर आबादी डाक्टरों और कारोबारियों की है। रामपुर बाग में कुल मिलाकर पांच बूथ हैं, जिन पर मतदाताओं की संख्या छह हजार से अधिक है। 2012 के चुनाव में इन सभी बूथों पर सिर्फ 18 फीसदी मतदान हुआ था। माडल टाउन की गिनती भी पाश इलाकों में होती है। यहां ट्रांसपोर्टर, कारोबारी और नौकरी पेशा लोगों की भरमार है। माडल टाउन के पांच बूथों पर मतदाताओं की संख्या 6,125 है। विधानसभा 2012 में इनमें से सिर्फ 25 फीसदी ने ही मतदान किया था। सिविल लाइंस शहर का सबसे समृद्ध इलाका है। जिसमें ज्यादातर लोग कारोबारी और नौकरियों से जुड़े हुए हैं। सिविल लाइंस के पांच बूथों पर मतदाताओं की संख्या 5758 है। पिछले चुनाव में इनमें से सिर्फ 27 फीसदी मतदाता ही मतदान करने घर से निकले थे।
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इसी विधानसभा क्षेत्र की क्रिश्चियन कालोनी में विभिन्न श्रेणियों के लोग रहते हैं। शिक्षित लोगों की तादाद अच्छी खासी है, यहां के 4700 मतदाता एसबी इंटर कालेज के तीन बूथों पर मतदान करते हैं। पिछले चुनाव में इनका मत प्रतिशत सिर्फ 28 ही रहा था।
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बरेली शहर विधानसभा क्षेत्र के आईवीआरआई बूथ पर करीब तीन हजार मतदाता मतदान करते हैं। उच्च शिक्षित वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के परिवारों की बहुतायत होने के बावजूद यहां 2012 के चुनाव में मात्र 23 फ ीसदी लोगों ने ही मतदान किया था। डेलापीर जहां सेना, एमईएस और रिटायर कर्मचारियों की कई कालोनियां हैं वहां के करीब 2750 मतदाता दो बूथों पर मतदान करते हैं। पिछले विधान सभा चुनाव में इनमें से 35 फीसदी ने ही मतदान किया। सिल्वर स्टेट कालोनी में दो बूथ हैं, जिन पर मतदाताओं की संख्या 2400 के करीब है। इनमें ज्यादातर लोग कारोबारी या नौकरी पेशा हैं, यहां पिछले चुनाव में 32 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले।

सीबीगंज इलाके कुल मिलाकर आठ हजार मतदाता है। ये मिश्रित आबादी वाला क्षेत्र है, ज्यादातर संख्या निम्न मध्यवर्गीय लोगों की है। शिक्षा का प्रतिशत कम होने के बावजूद 2012 के चुनाव में यहां 87 फीसदी लोगों ने मतदान किया था जो कि शहरी क्षेत्र में सर्वाधिक था। इसके  अलावा सैलानी, जगतपुर, किला, बाकरगंज, कोहाड़ापीर, बिहारीपुर सौदागरान, रिठौरा, मथुरापुर सहित 32 मतदान केंद्र ऐसे हैं जहां 72 से 85 फीसदी तक मतदान हुआ था।

विधानसभा वार मतदान
आंवला में     67.7
बिथरी चैनपुर   70.00
बरेली          56.00
बरेली कैंट      54.00
नवाबगंज       64.5
बहेड़ी           65.5
भोजीपुरा         69.00
फरीदपुर          65.00
मीरगंज           66.00
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