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डंपी हत्याकांड : लापता गवाह की बेटी का अपहरण, मुरादाबाद में मिली
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प्रतीकात्मक।
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वसीम का दोस्त ही बच्ची को घर से ले गया था घुमाने के बहाने
बरेली। यूनुस अहमद उर्फ डंपी हत्याकांड के चश्मदीद गवाह वसीम अली की दो वर्षीय मासूम बेटी अमायरा का अपहरण कर लिया गया। वसीम का दोस्त ही उसे घुमाने के बहाने पीलीभीत रोड स्थित एक मॉल में ले गया और फिर बच्ची को लेकर गायब हो गया। शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच मुरादाबाद के पाकबड़ा से एक चालक ने फोन कर बच्ची के अपने पास होने की सूचना दी। बच्ची की मां पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और बच्ची को बरामद कर लिया।
युनूस हत्याकांड में जोगी नवादा के रहने वाले उसके साढ़ू वसीम चश्मदीद गवाह हैं। वसीम की पत्नी रुबीना ने बताया कि आरोपी शुभम जैन उर्फ शिब्बू उनके पति वसीम का दोस्त है। शुभम का घर आना जाना भी है। 17 अक्तूूबर को वह घर आया और बेटी अमायरा को घुमाने ले गया। मामा जफर भी साथ में गए। पीलीभीत रोड स्थित मॉल से मामा को चकमा देकर शुभम बच्ची को लेकर फरार हो गया। बेटी का कोई सुराग न मिलने पर रुबीना ने शुभम की मां सपना जैन को फोन कर पूरी कहानी बताई और फिर इज्जतनगर थाने में शुभम के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
इसी बीच मुरादाबाद से कैंटर चालक नौशाद ने रुबीना को फोन कर अमायरा के अपने पास होने की सूचना दी। रुबीना इज्जतनगर पुलिस के साथ पाकबड़ा पहुंची और बच्ची को बरामद कर लिया। नौशाद ने बताया कि एक युवक ने उसे बताया कि बच्ची खो गई है। उसके पास फोन नहीं है। उसने जैसे ही बच्ची की मां को फोन मिलाया तो युवक फरार हो गया। इंस्पेक्टर इज्जतनगर संजय कुमार ने बताया कि शुभम बच्ची को क्यों लेकर गया और बाद में क्यों छोड़ दिया यह उसके पकड़ में आने के बाद ही पता चल सकेगा। शुभम की तलाश की जा रही है।
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आठ माह से लापता है वसीम
यूनुस अहमद उर्फ डंपी हत्याकांड के कुछ समय बाद से ही वसीम लापता है। बारादरी में पत्नी रुबीना बेटी अमायरा के साथ रह रही हैं। आठ माह पूर्व वसीम की गुमशुदगी बारादरी थाने में दर्ज कराई गई थी। छानबीन में वसीम के लखनऊ में रहने की बात सामने आई। हालांकि अभी तक वसीम का कोई पता नहीं चल सका है।
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बरेली। यूनुस अहमद उर्फ डंपी हत्याकांड के चश्मदीद गवाह वसीम अली की दो वर्षीय मासूम बेटी अमायरा का अपहरण कर लिया गया। वसीम का दोस्त ही उसे घुमाने के बहाने पीलीभीत रोड स्थित एक मॉल में ले गया और फिर बच्ची को लेकर गायब हो गया। शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच मुरादाबाद के पाकबड़ा से एक चालक ने फोन कर बच्ची के अपने पास होने की सूचना दी। बच्ची की मां पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और बच्ची को बरामद कर लिया।
युनूस हत्याकांड में जोगी नवादा के रहने वाले उसके साढ़ू वसीम चश्मदीद गवाह हैं। वसीम की पत्नी रुबीना ने बताया कि आरोपी शुभम जैन उर्फ शिब्बू उनके पति वसीम का दोस्त है। शुभम का घर आना जाना भी है। 17 अक्तूूबर को वह घर आया और बेटी अमायरा को घुमाने ले गया। मामा जफर भी साथ में गए। पीलीभीत रोड स्थित मॉल से मामा को चकमा देकर शुभम बच्ची को लेकर फरार हो गया। बेटी का कोई सुराग न मिलने पर रुबीना ने शुभम की मां सपना जैन को फोन कर पूरी कहानी बताई और फिर इज्जतनगर थाने में शुभम के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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इसी बीच मुरादाबाद से कैंटर चालक नौशाद ने रुबीना को फोन कर अमायरा के अपने पास होने की सूचना दी। रुबीना इज्जतनगर पुलिस के साथ पाकबड़ा पहुंची और बच्ची को बरामद कर लिया। नौशाद ने बताया कि एक युवक ने उसे बताया कि बच्ची खो गई है। उसके पास फोन नहीं है। उसने जैसे ही बच्ची की मां को फोन मिलाया तो युवक फरार हो गया। इंस्पेक्टर इज्जतनगर संजय कुमार ने बताया कि शुभम बच्ची को क्यों लेकर गया और बाद में क्यों छोड़ दिया यह उसके पकड़ में आने के बाद ही पता चल सकेगा। शुभम की तलाश की जा रही है।
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आठ माह से लापता है वसीम
यूनुस अहमद उर्फ डंपी हत्याकांड के कुछ समय बाद से ही वसीम लापता है। बारादरी में पत्नी रुबीना बेटी अमायरा के साथ रह रही हैं। आठ माह पूर्व वसीम की गुमशुदगी बारादरी थाने में दर्ज कराई गई थी। छानबीन में वसीम के लखनऊ में रहने की बात सामने आई। हालांकि अभी तक वसीम का कोई पता नहीं चल सका है।