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चिकित्सक की लापरवाही से सांसत में बच्ची की जान
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
सीवियर क्रोनिक डिजीज से पीड़ित बच्ची को जिला अस्पताल रेफर किया
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बरेली। बदायूं जिला अस्पताल के चिकित्सक की लापरवाही ने एक बच्ची की जान खतरे में डाल दी। बरेली जिला अस्पताल के सीएमएस ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया है।
सीवियर क्रोनिक डिजीज से पीड़ित दस वर्षीय बच्ची के परिजन शनिवार सुबह उसे लेकर बदायूं के जिला अस्पताल पहुंचे थे। इलाज में असमर्थता जताते हुए चिकित्सक ने जिला अस्पताल बरेली रेफर कर दिया। परिजन बरेली पहुंचे तो यहां भी संबंधित बीमारी के चिकित्सक न होने की जानकारी मिली। सीएमएस ने मामले को गंभीरता से लेकर उसे लखनऊ रेफर किए जाने के निर्देश दिए। तब तक बच्ची को इमरजेंसी में रखकर इलाज किया गया। करीब दो घंटे भर्ती रहने के बाद एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और उसे लखनऊ कर दिया गया। बता दें कि जिला अस्पताल में वेंटिलेटर और विशेषज्ञ दोनों ही नहीं है।
सीएमएस डॉ. सुबोध शर्मा ने बताया कि बदायूं अस्पताल प्रशासन और चिकित्सक सभी को बरेली जिला अस्पताल में व्यवस्था और इलाज की पूरी जानकारी है। उन्होंने सीधे लखनऊ रेफर करने के बजाय उसे बरेली रेफर कर उसकी जान सांसत में डाल दी है। हालांकि, आवश्यक दवाएं देकर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया गया है। ब्यूरो
सीवियर क्रोनिक डिजीज से पीड़ित दस वर्षीय बच्ची के परिजन शनिवार सुबह उसे लेकर बदायूं के जिला अस्पताल पहुंचे थे। इलाज में असमर्थता जताते हुए चिकित्सक ने जिला अस्पताल बरेली रेफर कर दिया। परिजन बरेली पहुंचे तो यहां भी संबंधित बीमारी के चिकित्सक न होने की जानकारी मिली। सीएमएस ने मामले को गंभीरता से लेकर उसे लखनऊ रेफर किए जाने के निर्देश दिए। तब तक बच्ची को इमरजेंसी में रखकर इलाज किया गया। करीब दो घंटे भर्ती रहने के बाद एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और उसे लखनऊ कर दिया गया। बता दें कि जिला अस्पताल में वेंटिलेटर और विशेषज्ञ दोनों ही नहीं है।
सीएमएस डॉ. सुबोध शर्मा ने बताया कि बदायूं अस्पताल प्रशासन और चिकित्सक सभी को बरेली जिला अस्पताल में व्यवस्था और इलाज की पूरी जानकारी है। उन्होंने सीधे लखनऊ रेफर करने के बजाय उसे बरेली रेफर कर उसकी जान सांसत में डाल दी है। हालांकि, आवश्यक दवाएं देकर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया गया है। ब्यूरो
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