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यूपी: लखीमपुर खीरी में शारदा नदी के उफनाने से पानी के तेज बहाव में बहा बांध, 20 गांवों पर मंडराया खतरा

Tue, 31 Aug 2021 10:09 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 31 Aug 2021 10:09 PM IST
सार

उत्तराखंड में बादल फटने के बाद बनबसा डैम से छोड़े गए पानी से शारदा नदी उफना उठी। अचानक आई बाढ़ का पानी शारदा नदी के किनारे बसे गांवों में घुस गया है। ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत बझेड़ा में बाढ़ से बचाव के लिए बनाए गए बांध का करीब 50 मीटर हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया। 

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Due to overflowing of Sharda river in Lakhimpur Kheri dam was swept away in strong flow of water
बाढ़ का खतरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में बाढ़ को लेकर डीएम के 72 घंटे के जारी एलर्ट के बीच शारदा नदी के उफनाने से बिजुआ में बाढ़ से बचाव के लिए बनाया गया बांध बह गया। इससे करीब 20 गांवों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
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उत्तराखंड में बादल फटने के बाद बनबसा डैम से छोड़े गए पानी से शारदा नदी उफना उठी। अचानक आई बाढ़ का पानी शारदा नदी के किनारे बसे गांवों में घुस गया है। ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत बझेड़ा में बाढ़ से बचाव के लिए बनाए गए बांध का करीब 50 मीटर हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया। 
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इससे करीब बीस गांवों के लिए खतरा पैदा हो गया है। इसमें लौकहा, अकालगढ, रेवतीपुरवा, दुबहा, बझेड़ा, दम्बलटांडा, रैनागंज, रामनगर कलां शामिल हैं। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड ने लाखों रुपये खर्च करके इस बांध का निर्माण कराया था। जिसमें जियोबैग परक्यूपाइन और जाल लगाए गए थे। 
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बंधा लगातार कट रहा है। किनारे के गांवों में लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। हरी भरी फसलों के खेत नदी में समाते जा रहे हैं। बाढ़ खंड के जेई कुंदन लाल और राजेश कुमार पहुंच गए हैं। ग्राम प्रधान चरनपाल सिंह ने बताया कि पहले जो परियोजना बनी थी उसमें नदी किनारे नीचे से ईट सीमेंट और कंक्रीट फाउंडेशन बनाकर ऊपर बांध बनाने की बात हुई थी जिससे नदी नीचे से कटान न कर सके। 
 

बाद में उसमें फेरबदल कर दिया गया। नदी का पानी नीचे से कटान करता है और जियोबैग आदि ऊपर डाले जा रहे हैं। जिसका कोई फायदा नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है पेड़ के नाम पर सिर्फ पतली डालें तथा पत्ते डाले जा रहे हैं।

जिसे बांध बताया जा रहा है वह नदी के किनारे पानी को रोकने के लिए बनाया गया डौला है। लगातार एक हफ्ते से बचाव कार्य चल रहा है परक्युपाइन के अंदर जाल लगाकर उसमें पेड़ों की डालें भरकर डौला के किनारे डलवा रहे हैं। जिससे काफी सफलता भी मिली है। नदी का कटान खेतों की तरफ चल रहा गांव को बचाने में सफलता प्राप्त हो गई है।
सत्यवान वर्मा, जेई सिंचाई विभाग, बाढ़ खंड शारदानगर।
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