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ईद पर हुई मुल्क में अमन-ओ-इत्तेहाद की दुआ
बरेली।
Updated Tue, 27 Jun 2017 01:04 AM IST
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Due to Aman-o-Ittehad in the country on Eid
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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ईद-उल-फितर पूरे जोश और अकीदत से मनाया गया। ईदगाह सहित शहर की लगभग हर मस्जिद में नमाज के बाद मुल्क में अमन और इत्तेहाद की दुआ की गई। इसके लिए हजारों हाथ उठे और आमीन कहा।
ईद की सबसे बड़ी नमाज बाकरगंज स्थित ईदगाह पर अदा की गई। जहां हजारों लोगों ने नमाज अदा की। यहां सुबह से ही लोग पहुंचना शुरू हो गए थे। शहर के तमाम इलाकों के अलावा देहात क्षेत्र से भी लोग नमाज अदाएगी के यहां एकत्र हुए थे। तकरीर के बाद ठीक साढ़े दस बजे ताजुश्शरीया मुफ्ती अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) ने नमाज अदा कराई। ईदगाह के बड़े मैदान पर सफों में नमाज अदा करते लोग देखने वालों में जोश भर रहे थे। नमाज के बाद शहर काजी मौलाना असजद रजा खां कादरी ने खुतबा पढ़ा और अंत में ताजुश्शरीया ने मुल्क सहित पूरे विश्व के लिए अमन-ओ-इत्तेहाद की दुआ करते खुदा से सलामती मांगी। पूर्व में मौलाना शहाबुद्दीन ने तमाम मुस्लिम मसाइल पर तकरीर की।
इसी तरह किला जामा मस्जिद में शहर इमाम मुफ्त खुर्शीद आलम, रजा मस्जिद दरगाह आला हजरत पर मौलाना तौसीफ रजा खां, खानकाह नियाजिया में सज्जादानशीन शाह हसनैन नियाजी (हसनी मियां), दरगाह शाह शराफत मियां में सज्जादानशीन शाह सकलैन मियां हुजूर, हबीबिया मस्जिद सैलानी में मौलाना निजामउद्दीन, मदरसा काशीफुल उलूम में मुफ्ती मोहम्मद मियां कासमी, और बांसमंडी की सुनहरी मस्जिद में कारी गुलाम यासीन ने नमाज पढ़ाई और खानकाह वामिकिया के सज्जादानशीन मौलाना सैय्यद असलम मियां वामिकी ने खुतबा पढ़ा और दुआ की। इसी तरह शिया जामा मस्जिद में मौलाना समशुल हसन खां ने नमाज पढ़ाई। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे से गले मिल कर ईद की मुबारकबाद दी। यह नजारा शहर की मस्जिदों में आम रहा।
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ईद की नमाज को लेकर लोगों ने सुबह से ही तैयारी शुरू कर दी थी। बड़ों से लेकर बच्चे तक नए-नए कपड़ों में तैयार होकर घरों से निकल पडे़। सभी का रुख मस्जिदों की तरफ था। शहर के हर मोहल्ले में लोग अपने अपने इलाकों में समय के अनुसार मस्जिदों में नमाज के लिए पहुंचते रहे। देखते देखते सभी मस्जिदें भर जा रही थीं। यह सिलसिला सुबह 6.30 से शुरू हुआ और 11 बजे तक जारी रहा। इसके बाद दिन भर मिलने मिलाने और मुबारकबाद का सिलसिला चलता रहा। वहीं खास बात यह रही ईदगाह पर हर मजहबों मिल्लत के लोगों ने पहुंच कर मुस्लिमों को ईद की बधाई दी।
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ईद की सबसे बड़ी नमाज बाकरगंज स्थित ईदगाह पर अदा की गई। जहां हजारों लोगों ने नमाज अदा की। यहां सुबह से ही लोग पहुंचना शुरू हो गए थे। शहर के तमाम इलाकों के अलावा देहात क्षेत्र से भी लोग नमाज अदाएगी के यहां एकत्र हुए थे। तकरीर के बाद ठीक साढ़े दस बजे ताजुश्शरीया मुफ्ती अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) ने नमाज अदा कराई। ईदगाह के बड़े मैदान पर सफों में नमाज अदा करते लोग देखने वालों में जोश भर रहे थे। नमाज के बाद शहर काजी मौलाना असजद रजा खां कादरी ने खुतबा पढ़ा और अंत में ताजुश्शरीया ने मुल्क सहित पूरे विश्व के लिए अमन-ओ-इत्तेहाद की दुआ करते खुदा से सलामती मांगी। पूर्व में मौलाना शहाबुद्दीन ने तमाम मुस्लिम मसाइल पर तकरीर की।
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इसी तरह किला जामा मस्जिद में शहर इमाम मुफ्त खुर्शीद आलम, रजा मस्जिद दरगाह आला हजरत पर मौलाना तौसीफ रजा खां, खानकाह नियाजिया में सज्जादानशीन शाह हसनैन नियाजी (हसनी मियां), दरगाह शाह शराफत मियां में सज्जादानशीन शाह सकलैन मियां हुजूर, हबीबिया मस्जिद सैलानी में मौलाना निजामउद्दीन, मदरसा काशीफुल उलूम में मुफ्ती मोहम्मद मियां कासमी, और बांसमंडी की सुनहरी मस्जिद में कारी गुलाम यासीन ने नमाज पढ़ाई और खानकाह वामिकिया के सज्जादानशीन मौलाना सैय्यद असलम मियां वामिकी ने खुतबा पढ़ा और दुआ की। इसी तरह शिया जामा मस्जिद में मौलाना समशुल हसन खां ने नमाज पढ़ाई। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे से गले मिल कर ईद की मुबारकबाद दी। यह नजारा शहर की मस्जिदों में आम रहा।
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ईद की नमाज को लेकर लोगों ने सुबह से ही तैयारी शुरू कर दी थी। बड़ों से लेकर बच्चे तक नए-नए कपड़ों में तैयार होकर घरों से निकल पडे़। सभी का रुख मस्जिदों की तरफ था। शहर के हर मोहल्ले में लोग अपने अपने इलाकों में समय के अनुसार मस्जिदों में नमाज के लिए पहुंचते रहे। देखते देखते सभी मस्जिदें भर जा रही थीं। यह सिलसिला सुबह 6.30 से शुरू हुआ और 11 बजे तक जारी रहा। इसके बाद दिन भर मिलने मिलाने और मुबारकबाद का सिलसिला चलता रहा। वहीं खास बात यह रही ईदगाह पर हर मजहबों मिल्लत के लोगों ने पहुंच कर मुस्लिमों को ईद की बधाई दी।