बरेली। फ्यूचर विश्वविद्यालय में 24 मार्च से चल रहे यूएवकान- 2025 राष्ट्रीय कार्यशाला एवं कॉन्क्लेव ऑन अनमैंड एरियल व्हीकल (ड्रोन टेक्नोलॉजी) का समापन का शुक्रवार को हुआ। कार्यक्रम में 300 से अधिक छात्रों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एयर कोमाेडोर मधूप गंगोला ने कहा कि ड्रोन तकनीक आज की आवश्यकता ही नहीं बल्कि भविष्य की दिशा भी है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने छात्रों को वैश्विक तकनीकी मानकों के अनुरूप तैयार करने का जो बीड़ा उठाया है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे भारतीय वायुसेना जैसे गौरवशाली करियर को अपनाने पर विचार करें। सेवा सम्मान और तकनीकी उत्कृष्टता का अद्भुत समागम है। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ कुलाधिपति मुकेश गुप्ता ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक 21वीं सदी की नई क्रांति है और इसके उपयोग से देश का हर क्षेत्र चाहे वह कृषि हो, रक्षा हो, आपदा प्रबंधन हो या स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह बदल सकता है। कार्यशाला के संयोजक एवं कंप्यूटर एप्लीकेशन संकाय के डीन डॉ. अभिषेक ने पांच दिवसीय कार्यशाला की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। वाइस चांसलर प्रो. पंकज कुमार मिश्रा ने कहा कि ड्रोन तकनीक केवल तकनीकी सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों में भी एक नई क्रांति ला रही है। संवाद