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Bareilly News: दिनभर बूंदाबांदी<bha>;</bha> शाम से रात तक झमाझम, आज के लिए रेड अलर्ट
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बरेली। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जिले में बारिश का दौर फिर शुरू हो गया है। शुक्रवार को दिनभर बूंदाबांदी हुई। शाम को मूसलाधार बारिश हुई। रुक-रुककर सिलसिला रात तक जारी रहा। 40 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने का अनुमान है। बारिश से तापमान में भी गिरावट भी आई है। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
दिनभर की बूंदाबांदी शाम को अचानक तेज हो गई। इससे दफ्तरों व अन्य जगहों से घर लौटते लोग सराबोर हो गए। निचले इलाकों में जलभराव भी हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक, बादलों मंडराने की वजह से बीते तीन दिनों से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 34.7 और न्यूनतम 20.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शुक्रवार को अधिकतम तापमान लुढ़ककर 25.7 डिग्री पर पहुंच गया। न्यूनतम 20.1 डिग्री रहा।
मौसम विभाग की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, शनिवार को बारिश का रेड अलर्ट है। इस दौरान बिजली चमकने के साथ ही 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। रविवार को भी बारिश का यलो अलर्ट है।
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मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के चलते प्रदेश के मौसम पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है। आगामी 12 घंटों तक अपनी तीव्रता बनाए रखने के बाद इसके निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने के आसार हैं। 27 सितंबर तक तेज हवा के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। तापमान में भी गिरावट की संभावना है।
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निगम की तैयारियों पर उठे सवाल
बरेली। शहर में जलभराव का संकट एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। सात सितंबर को हुई 381.1 मिलीमीटर की रिकॉर्ड बारिश के जख्म अभी हरे ही थे कि मौसम विभाग ने फिर भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी कर शहरवासियों की धड़कनें बढ़ा दीं हैं। लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में एक बार फिर पानी भरने लगा है। हालात को देखते हुए स्टेडियम रोड स्थित रेजीडेंसी गार्डन, कर्मचारी नगर, डीडीपुरम, राजेंद्र नगर, संजय नगर और सिकलापुर समेत कई प्रमुख कॉलोनियों के निवासियों में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि पिछली बारिश के दौरान भी जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे और इस बार भी नगर निगम की तरफ से किसी प्रकार की अग्रिम तैयारी या राहत के उपाय नजर नहीं आ रहे हैं। यदि बारिश का यह दौर इसी तरह जारी रहा तो शहर की कई प्रमुख कॉलोनियां और सड़कें एक बार फिर जलमग्न हो सकती हैं। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि जलभराव की आशंका वाले संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल जल निकासी के लिए पंपिंग सेट और अन्य जरूरी इंतजाम किए जाएं, ताकि सितंबर के शुरुआती दिनों जैसे हालात दोबारा न पैदा हों।
जिला प्रशासन सतर्क
बरेली। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। एडीएम एफआर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जनधन हानि पर अंकुश लगाने के लिए राजस्व, पुलिस, नगर निकाय, विकास खंड, आपातकालीन सेवा अधिकारी, कर्मचारियों को सतर्कता बरतने और मोबाइल फोन सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। विद्युत, लोक निर्माण, सिंचाई, स्वास्थ्य, अग्निशमन विभाग से समन्वय कर आपदा की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य कराने को कहा है।
इन बातों का रखें ध्यान
- खराब मौसम में बेवजह घर से बाहर न निकलें।
- नदी, नाला, तालाब जैसे जलस्रोतों के पास न जाएं।
- जर्जर भवन, कमजोर दीवार, टिनशेड, पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- टूटे बिजली तार, क्षतिग्रस्त खंभों से दूर रहें।
- किसी भी प्रकार की जनहानि, पशुहानि, भवन क्षति, बिजली बाधा, सड़क अवरोध की सूचना जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को या 112 पर दें।
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दिनभर की बूंदाबांदी शाम को अचानक तेज हो गई। इससे दफ्तरों व अन्य जगहों से घर लौटते लोग सराबोर हो गए। निचले इलाकों में जलभराव भी हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक, बादलों मंडराने की वजह से बीते तीन दिनों से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 34.7 और न्यूनतम 20.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शुक्रवार को अधिकतम तापमान लुढ़ककर 25.7 डिग्री पर पहुंच गया। न्यूनतम 20.1 डिग्री रहा।
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मौसम विभाग की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, शनिवार को बारिश का रेड अलर्ट है। इस दौरान बिजली चमकने के साथ ही 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। रविवार को भी बारिश का यलो अलर्ट है।
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मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के चलते प्रदेश के मौसम पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है। आगामी 12 घंटों तक अपनी तीव्रता बनाए रखने के बाद इसके निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने के आसार हैं। 27 सितंबर तक तेज हवा के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। तापमान में भी गिरावट की संभावना है।
निगम की तैयारियों पर उठे सवाल
बरेली। शहर में जलभराव का संकट एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। सात सितंबर को हुई 381.1 मिलीमीटर की रिकॉर्ड बारिश के जख्म अभी हरे ही थे कि मौसम विभाग ने फिर भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी कर शहरवासियों की धड़कनें बढ़ा दीं हैं। लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में एक बार फिर पानी भरने लगा है। हालात को देखते हुए स्टेडियम रोड स्थित रेजीडेंसी गार्डन, कर्मचारी नगर, डीडीपुरम, राजेंद्र नगर, संजय नगर और सिकलापुर समेत कई प्रमुख कॉलोनियों के निवासियों में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि पिछली बारिश के दौरान भी जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे और इस बार भी नगर निगम की तरफ से किसी प्रकार की अग्रिम तैयारी या राहत के उपाय नजर नहीं आ रहे हैं। यदि बारिश का यह दौर इसी तरह जारी रहा तो शहर की कई प्रमुख कॉलोनियां और सड़कें एक बार फिर जलमग्न हो सकती हैं। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि जलभराव की आशंका वाले संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल जल निकासी के लिए पंपिंग सेट और अन्य जरूरी इंतजाम किए जाएं, ताकि सितंबर के शुरुआती दिनों जैसे हालात दोबारा न पैदा हों।
जिला प्रशासन सतर्क
बरेली। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। एडीएम एफआर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जनधन हानि पर अंकुश लगाने के लिए राजस्व, पुलिस, नगर निकाय, विकास खंड, आपातकालीन सेवा अधिकारी, कर्मचारियों को सतर्कता बरतने और मोबाइल फोन सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। विद्युत, लोक निर्माण, सिंचाई, स्वास्थ्य, अग्निशमन विभाग से समन्वय कर आपदा की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य कराने को कहा है।
इन बातों का रखें ध्यान
- खराब मौसम में बेवजह घर से बाहर न निकलें।
- नदी, नाला, तालाब जैसे जलस्रोतों के पास न जाएं।
- जर्जर भवन, कमजोर दीवार, टिनशेड, पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- टूटे बिजली तार, क्षतिग्रस्त खंभों से दूर रहें।
- किसी भी प्रकार की जनहानि, पशुहानि, भवन क्षति, बिजली बाधा, सड़क अवरोध की सूचना जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को या 112 पर दें।