{"_id":"6aaaf3d52613e2c9050f4f7e","slug":"drainage-plan-has-been-in-the-works-on-paper-for-a-year-bareilly-news-c-4-bly1015-968406-2026-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: सालभर से कागजों पर बन रहा जलनिकासी का प्लान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: सालभर से कागजों पर बन रहा जलनिकासी का प्लान
विज्ञापन
बरेली। शहर में डेयरियों के गोबर से नाले चोक हो रहे हैं। जरा सी बारिश में पूरे शहर को जलभराव से जूझना पड़ रहा है। इससे निजात दिलाने के लिए सालभर से कागजों पर जलनिकासी का प्लान बनाया जा रहा है। सीएंडडीएस की तरफ से बेहतर ड्रेनेज सिस्टम के लिए मास्टर प्लान तैयार कराकर काम कराना था। 8.25 करोड़ रुपये में अहमदाबाद के आरबी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट लिमिटेड को नक्शा तैयार करके देना था जो आज तक नहीं हो सका।
नगर निगम के 80 वार्डों में 14 लाख आबादी है। बारिश के दिनों में यहां जलभराव बड़ी समस्या है। बानखाना, सुरखा छावनी, नीम की चढ़ाई, आनंद विहार कॉलोनी, सेटेलाइट, साहूकारा, मढ़ीनाथ व पुराने शहर में डेयरियां अधिक हैं। डेयरी संचालक नालों और नालियों में गोबर बहाते हैं। इससे नाले चोक हो रहे हैं और बारिश होने पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है।
सीएंडडीएस को इससे निजात दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन एक साल बाद भी योजना एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। आनंद विहार कॉलोनी की पार्षद संतोष कश्यप ने बताया कि वार्ड में कई डेयरियां हैं। निगम की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से डेयरी संचालक सड़कों पर पशु बांध रहे हैं और नालों में गोबर बहा रहे हैं।
विज्ञापन
तीन नालों का चल रहा निर्माण
छह करोड़ रुपये की लागत से सौ फुटा, मुंशीनगर और कर्मचारी नगर में नाले का निर्माण कराया जा रहा है। इनको 10 माह में पूरा करना है। हालांकि, बारिश की वजह से डेढ़ माह से काम रुका हुआ है।
वर्जन
शहर में जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए सीएंडडीएस की तरफ से अहमदाबाद की एक संस्था से नक्शा बनवाकर देना था। इसके बाद सीएंडडीएस को काम कराना है। शासन से बजट की स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। - मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
विज्ञापन
नगर निगम के 80 वार्डों में 14 लाख आबादी है। बारिश के दिनों में यहां जलभराव बड़ी समस्या है। बानखाना, सुरखा छावनी, नीम की चढ़ाई, आनंद विहार कॉलोनी, सेटेलाइट, साहूकारा, मढ़ीनाथ व पुराने शहर में डेयरियां अधिक हैं। डेयरी संचालक नालों और नालियों में गोबर बहाते हैं। इससे नाले चोक हो रहे हैं और बारिश होने पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है।
विज्ञापन
सीएंडडीएस को इससे निजात दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन एक साल बाद भी योजना एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। आनंद विहार कॉलोनी की पार्षद संतोष कश्यप ने बताया कि वार्ड में कई डेयरियां हैं। निगम की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से डेयरी संचालक सड़कों पर पशु बांध रहे हैं और नालों में गोबर बहा रहे हैं।
विज्ञापन
तीन नालों का चल रहा निर्माण
छह करोड़ रुपये की लागत से सौ फुटा, मुंशीनगर और कर्मचारी नगर में नाले का निर्माण कराया जा रहा है। इनको 10 माह में पूरा करना है। हालांकि, बारिश की वजह से डेढ़ माह से काम रुका हुआ है।
वर्जन
शहर में जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए सीएंडडीएस की तरफ से अहमदाबाद की एक संस्था से नक्शा बनवाकर देना था। इसके बाद सीएंडडीएस को काम कराना है। शासन से बजट की स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। - मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता, नगर निगम