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सौहार्द की चाशनी में घुला है धोपा मंदिर का अतीत और वर्तमान  

Fri, 24 Feb 2017 01:23 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Fri, 24 Feb 2017 01:23 AM IST
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Dopa temple of harmony, past and present sugar is dissolved
Dopa temple of harmony, past and present sugar is dissolved - फोटो : बरेली, अमर उजाला
चुनावी जनसभाओं में भले ही मात्र 15 दिनाें के लिए हिंदू और मुसलमान में अंतर दिखाया जाता हो, लेकिन हमारे आसपास होने वाली चीजें बताती हैं कि ये सिर्फ पार्टियों के लिए हैं हमें इनसे मतलब नहीं। कैंट स्थित धोपेश्वरनाथ मंदिर में पिछले कई सालों से अपने हाथों से बनाई गुड़ियों की दुकान सजाने वाले मुस्लिम परिवारों से पूछिए। जितना इंतजार हिंदुआें को शिवरात्रि का है उससे ज्यादा इनमें उत्सुकता है। दो सप्ताह पहले से घर पर तैयारी हो रही है कि अधिक से अधिक गुड़िया तैयार की जाए ताकि यहां आने वाले श्रद्धालु इसे खरीदें। यहां रहने वाला मुस्लिम परिवार वैसे तो साल भर अन्य कामकाज करता है। लेकिन सावन और शिवरात्रि के मेले पर उनको एक नया काम मिल जाता है। गुड़िया बनाने का। काम करने वाले मेहनाज और उसकी चार बहन शहनाज, मुमताज, रेहाना एक गुड़ियां तैयार करती हैं और उसे 40 रुपए में बेचती हैं। कपड़ों से तैयार गुड़ियां करीब दो हजार रुपए की बेंच लेेती हैं। 
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ये वर्तमान का धोपेश्वरनाथ मंदिर है, जिससे मुस्लिम परिवार के लोग भी अपने आप को जुड़ा पाते हैं। अब अतीत की बात करते हैं। मंदिर के बीच में बड़ा सरोवर है। लोगों की आस्था इससे जुड़ी है। मान्यता है कि सरोवर में नहाने और पानी के इस्तेमाल से त्वचा संबंधी बीमारियां दूर होती हैं। सरोवर के पास बने बड़े कक्ष में लगे ट्यूबवेल पर जो पत्थर लगा है उससे पता चला कि यहां सरोवर को भरने के लिए ट्यूबवेल, बिजली कनेक्शन और इमारत निर्माण का काम फजल उर रहमान उर्फ चुन्ना मियां ने करवाया था। यह धर्मार्थ निर्माण कार्य था जो 1959 में करवाया था। आज भी इसी ट्यूबवेल से सरोवर भरता है। चुन्ना मियां कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं थे, लेकिन उनमें सभी धर्मों के प्रति गहरी आस्था थी। बताया जाता है कि ट्यूबवेल तब लगवाया गया जब रामगंगा से सरोवर का नाता टूटा। पहले सरोवर रामगंगा नंदी से जुड़ा था, जहां बाढ़ आने पर यह सरोवर भरता था और पानी कम होने पर सरोवर भी सूख जाता था। तब इसकी सफाई होती थी। लेकिन कुछ कारणों से रामगंगा से सरोवर दूर हो गया। तब ट्यूबवेल काम आया।
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