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घपलों के साए में डोर टु डोर योजना
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Tue, 30 Aug 2016 01:18 AM IST
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अक्तूबर में चार जोन के 22 वार्डों में प्रारंभ हुई डोर टू डोर कूड़ा योजना शुरू से ही घपले की गंद आ रही है। मई 2016 तक ठेकेदार 250 रिक्शों से कूड़ा उठा रहे थे। ये रिक्शे भी नगरनिगम ने दिए हैं। एक रिक्शे के नगर निगम ने कितने फेरे दिखाए हैं ये जिम्मेदार लोग जानें लेकिन आठ महीने में कूड़ा उठाने के नाम पर ठेकेदारों ने नगर निगम से तीन करोड़ से ज्यादा का पेमेंट करा लिया। मई से जुलाई के भुगतान के लिए ठेकेदारों ने 81.77 लाख के बिल लगा रखे हैं। इन्हें यूजर चार्ज की वसूली करनी थी ये काम 20 फीसदी भी नहीं हुआ। यानी अफसरों की कृपा से नगरनिगम को दोहरा चूना लग रहा है।
दो अक्टूबर 2015 को मेयर डा. आईएस तोमर ने गांधी उद्यान गेट से 22 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा योजना का उद्घाटन किया था। उनका दावा था कि घर-घर कूड़ा उठने से शहर की गंदगी दूर हो जाएगी। प्रथम चरण में ठेकेदारों को मात्र 250 रिक्शे उपलब्ध कराए गए। बाकी रिक्शों की आपूर्ति का मामला लटका दिया। 22 अगस्त 2016 ठेकेदारों को फिर 740 रिक्शे मिले। प्रत्येक रिक्शे पर चार हजार रुपये महीने का कर्मचारी रखा गया है। ऑडिट रिपोर्ट में बढ़े रेट लगाकर डोर टू डोर ठेकेदारों को 1.5 करोड़ रुपये ज्यादा भुगतान की बात कही गई है। पार्षद राजेश अग्रवाल, छंगामल मौर्य, विकास शर्मा, चित्रा मिश्रा आदि ने बोर्ड की मीटिंग में ठेकेदार के कर्मचारियों पर नाली से कूड़ा उठवाकर और डलावघरों में जमा कूड़े को गीला कर वजन बढ़ाकर कराने के आरोप लगाए। सच सामने है कि चार करोड़ से अधिक रुपये खर्च होने के बाद भी जगह-जगह कूड़े और गंदगी के ढेर लगे हैं। शहर बदहाल है।
किस ठेकेदार पर कितने वार्ड थे
आनंद नारायण कांट्रेक्टर---- रामपुर बाग, सिकलापुर, फाल्तूनगंज, नौ महला और गांधी उद्यान।
खान कांट्रेक्टर ---संजय नगर, हजियापुर, मॉडल टाउन, भूड़, कानून गोयान, रबड़ी टोला, कांकर टोला और कटिकुईयां
एसएस कांट्रेक्टर ---मढ़ीनाथ, नेकपुर, सनैयाधन सिंह, शुगर फैक्ट्री।
गीता जनकल्याण समिति--- कुंवरपुर, इंग्लिश गंज, खन्नू मोहल्ला और घेर शेख मिट्ठू
मई 2016 तक डोर टू डोर में भुगतान की स्थिति
ठेकेदार का नाम भुगतान की राशि लंबित राशि
आनंद नारायण साहू 7825940 रुपये 2162288 रुपये
खान कांट्रेक्टर्स 9813981 रुपये 234198 रुपये
(आतिफ खान)
एसएस कांट्रेक्टर्स 5744674 रुपये 1717982 रुपये
(नईम शास्त्री)
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गीता जन कल्याण समित
(रकम सिंह भाटी) 5890095 रुपये 1726882 रुपये
ऐनी जैनी सर्विस
(नईम शास्त्री) 926972 रुपये 228424 रुपये
कुल भुगतान 3021662 रुपये 8176874 रुपये
नोट - (ठेकेदारों को प्रारंभ में डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए 1950 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से भुगतान किया गया जो कि राज्य भर के किसी भी नगर निगम में चल रही योजना से दो गुनी से भी ज्यादा थी। इसमें भी कूड़ा उठाने के वाहन नगर निगम के थे और डीजल भी निगम ने ही उपलब्ध कराया।)
कोड---
नगरआयुक्त जवाब दें- मेयर
मेयर आईएस तोमर स्वीकार करते हैं कि डोर टू डोर कूड़ा योजना की अब भी सही से मॉनीटरिंग नहीं हो रही। वह कहते हैं -ठेकेदारों को इतना भुगतान कैसे हो गया, इसका जवाब नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी को देना चाहिए। सारे अधिकार तो नगरआयुक्त के पास हैं। कोई निकलकर देख नहीं रहा कि कहां कूड़ा उठा रहा, कहां नहीं। मैं एक-दो दिन में खुद निकलकर देखूंगा।
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दो अक्टूबर 2015 को मेयर डा. आईएस तोमर ने गांधी उद्यान गेट से 22 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा योजना का उद्घाटन किया था। उनका दावा था कि घर-घर कूड़ा उठने से शहर की गंदगी दूर हो जाएगी। प्रथम चरण में ठेकेदारों को मात्र 250 रिक्शे उपलब्ध कराए गए। बाकी रिक्शों की आपूर्ति का मामला लटका दिया। 22 अगस्त 2016 ठेकेदारों को फिर 740 रिक्शे मिले। प्रत्येक रिक्शे पर चार हजार रुपये महीने का कर्मचारी रखा गया है। ऑडिट रिपोर्ट में बढ़े रेट लगाकर डोर टू डोर ठेकेदारों को 1.5 करोड़ रुपये ज्यादा भुगतान की बात कही गई है। पार्षद राजेश अग्रवाल, छंगामल मौर्य, विकास शर्मा, चित्रा मिश्रा आदि ने बोर्ड की मीटिंग में ठेकेदार के कर्मचारियों पर नाली से कूड़ा उठवाकर और डलावघरों में जमा कूड़े को गीला कर वजन बढ़ाकर कराने के आरोप लगाए। सच सामने है कि चार करोड़ से अधिक रुपये खर्च होने के बाद भी जगह-जगह कूड़े और गंदगी के ढेर लगे हैं। शहर बदहाल है।
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किस ठेकेदार पर कितने वार्ड थे
आनंद नारायण कांट्रेक्टर---- रामपुर बाग, सिकलापुर, फाल्तूनगंज, नौ महला और गांधी उद्यान।
खान कांट्रेक्टर ---संजय नगर, हजियापुर, मॉडल टाउन, भूड़, कानून गोयान, रबड़ी टोला, कांकर टोला और कटिकुईयां
एसएस कांट्रेक्टर ---मढ़ीनाथ, नेकपुर, सनैयाधन सिंह, शुगर फैक्ट्री।
गीता जनकल्याण समिति--- कुंवरपुर, इंग्लिश गंज, खन्नू मोहल्ला और घेर शेख मिट्ठू
मई 2016 तक डोर टू डोर में भुगतान की स्थिति
ठेकेदार का नाम भुगतान की राशि लंबित राशि
आनंद नारायण साहू 7825940 रुपये 2162288 रुपये
खान कांट्रेक्टर्स 9813981 रुपये 234198 रुपये
(आतिफ खान)
एसएस कांट्रेक्टर्स 5744674 रुपये 1717982 रुपये
(नईम शास्त्री)
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गीता जन कल्याण समित
(रकम सिंह भाटी) 5890095 रुपये 1726882 रुपये
ऐनी जैनी सर्विस
(नईम शास्त्री) 926972 रुपये 228424 रुपये
कुल भुगतान 3021662 रुपये 8176874 रुपये
नोट - (ठेकेदारों को प्रारंभ में डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए 1950 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से भुगतान किया गया जो कि राज्य भर के किसी भी नगर निगम में चल रही योजना से दो गुनी से भी ज्यादा थी। इसमें भी कूड़ा उठाने के वाहन नगर निगम के थे और डीजल भी निगम ने ही उपलब्ध कराया।)
कोड---
नगरआयुक्त जवाब दें- मेयर
मेयर आईएस तोमर स्वीकार करते हैं कि डोर टू डोर कूड़ा योजना की अब भी सही से मॉनीटरिंग नहीं हो रही। वह कहते हैं -ठेकेदारों को इतना भुगतान कैसे हो गया, इसका जवाब नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी को देना चाहिए। सारे अधिकार तो नगरआयुक्त के पास हैं। कोई निकलकर देख नहीं रहा कि कहां कूड़ा उठा रहा, कहां नहीं। मैं एक-दो दिन में खुद निकलकर देखूंगा।