{"_id":"6ab19217bf5cb61419077200","slug":"donations-were-collected-throughout-the-night-to-bribe-the-badaun-police-bareilly-news-c-4-bly1015-972283-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: बदायूं पुलिस को रिश्वत देने के लिए रातभर हुआ चंदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: बदायूं पुलिस को रिश्वत देने के लिए रातभर हुआ चंदा
विज्ञापन
बदायूं/बरेली। इस्लामनगर थाना क्षेत्र में बरेली के सिरौली इलाके के दो तस्करों समेत तीन को अफीम समेत पकड़ने और आठ लाख रुपये लेकर छोड़ने का मामला गरमा गया है। गांव में रातभर चंदा करके जुटाई गई रकम फंसने के डर से देनदार भी आरोपियों के घरों के चक्कर लगा रहे हैं। एसएसपी ने सीओ बिल्सी को जांच सौंपी है। थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक, इस्लामनगर थाने के दो चर्चित सिपाही काफी दिनों से वहीं डटे हैं। इन्हीं ने ग्राहक बनकर सिरौली इलाके के तस्करों से अफीम का सौदा किया था। इन दो तस्करों के साथ बदायूं के दबतोरी गांव का युवक भी वहां गया था। एक दरोगा के साथ दोनों सिपाहियों ने तीनों को करीब डेढ़ किलो अफीम के साथ पकड़ लिया। उन्हें पिछले गेट से थाना स्थित अपने आवास में लाकर सौदा किया।
शिवपुरी गांव निवासी एक शिक्षक के बेटे ने आरोपियों को छोड़ने के लिए आठ लाख रुपये में सौदा किया। रकम ऑनलाइन देने की पेशकश की, लेकिन इस्लामनगर पुलिस तैयार नहीं हुई। फिर पूरे गांव में चंदा कर नकदी जुटाई गई।
विज्ञापन
गांव से कई गाड़ियों में भरकर लोग इस्लामनगर थाने पहुंचे और आठ लाख रुपये देकर तीनों को छुड़ा लाए।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, इस्लामनगर थाने के दो चर्चित सिपाही काफी दिनों से वहीं डटे हैं। इन्हीं ने ग्राहक बनकर सिरौली इलाके के तस्करों से अफीम का सौदा किया था। इन दो तस्करों के साथ बदायूं के दबतोरी गांव का युवक भी वहां गया था। एक दरोगा के साथ दोनों सिपाहियों ने तीनों को करीब डेढ़ किलो अफीम के साथ पकड़ लिया। उन्हें पिछले गेट से थाना स्थित अपने आवास में लाकर सौदा किया।
विज्ञापन
शिवपुरी गांव निवासी एक शिक्षक के बेटे ने आरोपियों को छोड़ने के लिए आठ लाख रुपये में सौदा किया। रकम ऑनलाइन देने की पेशकश की, लेकिन इस्लामनगर पुलिस तैयार नहीं हुई। फिर पूरे गांव में चंदा कर नकदी जुटाई गई।
विज्ञापन
गांव से कई गाड़ियों में भरकर लोग इस्लामनगर थाने पहुंचे और आठ लाख रुपये देकर तीनों को छुड़ा लाए।